अमृतसर में एएसआई की हत्या पर भाजपा का सरकार पर हमला, चुघ बोले- पुलिस की सुरक्षा पर उठे सवाल

अमृतसर में एएसआई की हत्या पर भाजपा का सरकार पर हमला, चुघ बोले- पुलिस की सुरक्षा पर उठे सवाल

अमृतसर में ड्यूटी के दौरान पंजाब पुलिस के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना को लेकर भाजपा ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी को सार्वजनिक स्थान पर निशाना बनाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने पंजाब सरकार से मामले में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

चुघ ने कहा कि वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी पर हमला केवल एक व्यक्ति के खिलाफ अपराध नहीं है, बल्कि इससे पुलिस बल के मनोबल और कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी करते हैं और यदि ड्यूटी के दौरान ही उन्हें निशाना बनाया जाता है तो ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हरजीत सिंह पर भकतांवाला अनाज मंडी के नजदीक मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोलीबारी की थी। हमले में घायल एएसआई को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।

पुलिसकर्मी पर हमले को लेकर चिंता

तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को केवल अलग-अलग आपराधिक वारदातों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, पिछले समय में भी पुलिस से जुड़े प्रतिष्ठानों और अधिकारियों को निशाना बनाकर हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं।

उन्होंने पंजाब में पुलिस प्रतिष्ठानों पर हुए ग्रेनेड हमलों और पंजाब पुलिस मुख्यालय को रॉकेट-लॉन्चर से निशाना बनाए जाने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। चुघ ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में एक पुलिस अधिकारी पर हुए हमले की जिम्मेदारी का दावा एक नए संगठन की ओर से किए जाने की बात सामने आई है, हालांकि ऐसे दावे अभी जांच के दायरे में हैं।

चुघ ने कहा कि किसी भी घटना की जांच के निष्कर्ष सामने आने से पहले उसके पीछे की जिम्मेदारी या मकसद को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने वाली घटनाओं की श्रृंखला पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

सीमावर्ती राज्य में सुरक्षा का मुद्दा उठाया

भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। उनके अनुसार, सीमावर्ती राज्य में पुलिस की भूमिका केवल सामान्य अपराधों पर नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान रहता है।

उन्होंने कहा कि पुलिस बल को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त संसाधन, सुरक्षा और संस्थागत समर्थन मिलना जरूरी है। उनके अनुसार, यदि पुलिसकर्मी ही असुरक्षित महसूस करेंगे तो जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने में कठिनाई आ सकती है।

चुघ ने कहा कि पंजाब में नशा, गैंगस्टरवाद, रंगदारी और अन्य संगठित अपराध से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार ने इन समस्याओं के खिलाफ पर्याप्त प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

अपराधियों में कानून का डर होना जरूरी

भाजपा सांसद ने कहा कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना तभी मजबूत होगी जब अपराधियों के बीच कानून का स्पष्ट भय हो। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों, पुलिस प्रतिष्ठानों और राजनीतिक कार्यालयों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के अलावा अब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी की हत्या जैसी वारदात भी चिंता का विषय है।

उन्होंने पंजाब सरकार से सवाल किया कि यदि अपराधी खुले तौर पर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। चुघ ने कहा कि पुलिस बल को बेहतर सुरक्षा उपकरण, पर्याप्त संसाधन और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जरूरी समर्थन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी कानून लागू करने के लिए सबसे आगे रहते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड की जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाते हुए हमलावरों की पहचान कर उन्हें कानून के कटघरे में लाया जाए।

नशे के खिलाफ भाजपा की यात्राओं का किया उल्लेख

तरुण चुघ ने इस दौरान पंजाब में भाजपा की ओर से शुरू किए जा रहे ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राओं’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से चार यात्राओं के माध्यम से प्रदेश में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अभियान की पहली यात्रा पठानकोट से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा रवाना की जाएगी। इसके बाद 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, 20 सितंबर को फाजिल्का से केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और 21 सितंबर को तलवंडी साबो, बठिंडा से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस अभियान से जुड़ेंगे।

भाजपा नेता के अनुसार, इन यात्राओं का उद्देश्य पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और इस मुद्दे को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का असर केवल कानून-व्यवस्था पर नहीं बल्कि परिवारों, युवाओं और सामाजिक ढांचे पर भी पड़ता है।

चुघ ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल सरकारी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसमें समाज, परिवारों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में लगातार जनजागरण अभियान चला रही है।

अपराध, नशा और रंगदारी पर सरकार को घेरा

चुघ ने पंजाब सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों को केवल घोषणाओं की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर ऐसी पुलिसिंग चाहिए जिससे अपराधियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुलिस बल के पास अपराध से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था मौजूद हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि नशे और गैंगस्टरवाद के साथ-साथ रंगदारी से जुड़े मामलों ने भी लोगों में चिंता पैदा की है। चुघ ने कहा कि व्यापारियों और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना कायम रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि अपराध की किसी भी घटना के बाद केवल जांच के आदेश देना पर्याप्त नहीं है। पुलिस की जांच को परिणाम तक पहुंचाना और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने एएसआई हरजीत सिंह के मामले में भी इसी तरह की कार्रवाई की मांग की।

परिवार के प्रति जताई संवेदना

तरुण चुघ ने एएसआई हरजीत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मी के परिवार के साथ पूरा समाज खड़ा है।

उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि हत्याकांड में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले की जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

चुघ ने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभाते हुए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। इसलिए किसी पुलिसकर्मी की हत्या की घटना को गंभीरता से लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सुरक्षित पंजाब की मांग

भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब की जनता ऐसा माहौल चाहती है जिसमें आम नागरिक के साथ-साथ कानून लागू करने वाला पुलिसकर्मी भी खुद को सुरक्षित महसूस करे। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध, नशे, गैंगस्टरवाद और रंगदारी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि पुलिस बल का मनोबल मजबूत रखना और कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। चुघ ने कहा कि पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के मामले में भाजपा ने सरकार से त्वरित जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों की सुरक्षा, अपराध पर नियंत्रण और पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।