अमृतसर से अरविंद केजरीवाल की धार्मिक विरासत को लेकर बड़ी घोषणाएं, माता जानकी-लव-कुश मंदिर सहित तीर्थ, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परियोजनाओं का किया ऐलान

अमृतसर से अरविंद केजरीवाल की धार्मिक विरासत को लेकर बड़ी घोषणाएं, माता जानकी-लव-कुश मंदिर सहित तीर्थ, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परियोजनाओं का किया ऐलान

अमृतसर। पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान देने के उद्देश्य से आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अमृतसर में आयोजित ‘एक शाम भगवान शिव जी के नाम’ भजन संध्या में हिस्सा लिया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान धार्मिक पर्यटन, आध्यात्मिक आयोजनों और तीर्थ स्थलों के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।

कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब केवल गुरुओं की धरती ही नहीं, बल्कि विभिन्न धार्मिक परंपराओं, संतों और महापुरुषों की साझा विरासत का केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का संरक्षण करने के साथ-साथ ऐसी सुविधाएं विकसित करना है, जिससे देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

अमृतसर में बनेगा माता जानकी, लव-कुश और माता सीता को समर्पित भव्य मंदिर

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अमृतसर में भगवान वाल्मीकि से जुड़े पवित्र स्थल के निकट माता जानकी (सीता), लव और कुश को समर्पित एक विशाल मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमृतसर का यह क्षेत्र माता सीता, लव-कुश और महर्षि वाल्मीकि की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यहां एक भव्य मंदिर का निर्माण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण बनेगा।

केजरीवाल ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं को उस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना है, जिसका उल्लेख भारतीय संस्कृति और रामायण परंपरा में मिलता है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास, आधारभूत सुविधाओं में सुधार और श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।

केजरीवाल ने कहा कि अमृतसर पहले से ही विश्व स्तर पर आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, जलियांवाला बाग और वाघा बॉर्डर जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मौजूद हैं। प्रस्तावित नया मंदिर इस धार्मिक परिदृश्य को और अधिक समृद्ध करेगा।

पूरे पंजाब में आयोजित होगी ‘भजन संध्या’

कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि ‘एक शाम भगवान शिव जी के नाम’ कार्यक्रम को केवल कुछ शहरों तक सीमित नहीं रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि जालंधर और अमृतसर के बाद अब पंजाब के सभी 22 जिलों में इसी प्रकार की भजन संध्याओं का आयोजन किया जाएगा। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव को भी मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा कि पहली बार किसी राज्य सरकार ने इस प्रकार के बड़े स्तर के भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए हैं और लोगों से मिल रहे उत्साहजनक सहयोग को देखते हुए इसे पूरे प्रदेश तक विस्तारित किया जाएगा।

पटियाला के काली माता मंदिर का होगा व्यापक कायाकल्प

अपने संबोधन में केजरीवाल ने पटियाला स्थित ऐतिहासिक काली माता मंदिर के पुनर्विकास कार्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर परिसर का व्यापक नवीनीकरण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार, सौंदर्यीकरण तथा आधुनिक आधारभूत संरचना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि कार्य पूरा होने के बाद मंदिर के दर्शन के लिए अवश्य जाएं, क्योंकि यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में जुड़ेंगे नए मार्ग

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का भी विस्तार करने की घोषणा की गई। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि वर्तमान में योजना के अंतर्गत संचालित धार्मिक यात्रा मार्गों के अलावा तीन नए रूट जोड़े जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नए मार्गों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सालासर बालाजी और खाटू श्याम, हरिद्वार और ऋषिकेश तथा मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर मिलेगा।

उनके अनुसार इन नए मार्गों के शुरू होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा और धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क यात्रा

केजरीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार का खर्च नहीं उठाना पड़ता।

उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से वातानुकूलित बसों में यात्रा, ठहरने की व्यवस्था, भोजन तथा दर्शन की संपूर्ण व्यवस्था की जाती है। श्रद्धालुओं को केवल आवश्यक व्यक्तिगत सामान लेकर यात्रा पर निकलना होता है।

उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना प्रत्येक व्यक्ति को प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है।

‘हमारे राम’ नाट्य प्रस्तुति पूरे पंजाब में होगी मंचित

अरविंद केजरीवाल ने सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि एक अगस्त से पूरे पंजाब में भगवान राम के जीवन पर आधारित प्रसिद्ध नाट्य प्रस्तुति ‘हमारे राम’ का मंचन कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति भगवान राम के जीवन के अनेक ऐसे प्रसंगों को दर्शाती है, जिन्हें सामान्य रूप से कम जाना जाता है। इस नाटक में प्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जहां अन्य स्थानों पर इस नाटक के लिए लोगों को टिकट खरीदना पड़ता है, वहीं पंजाब में इसे आम जनता के लिए निःशुल्क प्रस्तुत किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसका आनंद ले सकें।

मुख्यमंत्री मान ने भी दोहराई सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब की पहचान सदियों से भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक सहिष्णुता की रही है। राज्य सरकार इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित न रहकर सभी धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए समान भावना से कार्य कर रही है। उनका उद्देश्य लोगों की धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है।

अमृतसर को बताया आस्था और इतिहास का संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतसर केवल पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।

उन्होंने कहा कि यहां श्री हरिमंदिर साहिब में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं। इसके साथ ही दुर्गियाना मंदिर, जलियांवाला बाग और वाघा सीमा जैसे स्थान भी देशभक्ति और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित मंदिर बनने के बाद धार्मिक पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा तथा अमृतसर का महत्व राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगा।

धार्मिक विरासत को नई पहचान देने की कोशिश

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि माता जानकी, लव और कुश को समर्पित प्रस्तावित मंदिर को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं होगा, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बनेगा। सरकार इस परियोजना के निर्माण में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर तैयार होने के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

भाईचारे और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री और अरविंद केजरीवाल दोनों ने कहा कि पंजाब की पहचान सदैव प्रेम, सद्भाव और सांप्रदायिक एकता की रही है। सरकार धार्मिक स्थलों के विकास, सांस्कृतिक आयोजनों और तीर्थ योजनाओं के माध्यम से इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने, सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी विरासत से परिचित कराने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। सरकार का प्रयास है कि पंजाब आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करे तथा श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।