फरीदकोट। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फरीदकोट में आयोजित एक जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की जनता अब पारंपरिक राजनीति और परिवारवाद पर आधारित शासन को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक सत्ता में रहने वाले नेताओं ने प्रदेश के संसाधनों का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के बजाय अपने निजी हितों को प्राथमिकता दी, जिसके कारण पंजाब को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार का उद्देश्य राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं बल्कि जनसेवा का साधन बनाना है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में कई ऐसे निर्णय लिए गए हैं, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंच रहा है।
बेअदबी विरोधी कानून पर विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में प्रस्तावित बेअदबी विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल इसका विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें अपने पिछले कार्यकाल से जुड़े मामलों में जवाबदेही का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान धार्मिक भावनाओं से जुड़े गंभीर मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि वर्तमान सरकार ऐसे मामलों में सख्त कानूनी व्यवस्था लागू करना चाहती है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की बेअदबी की घटना पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाना नहीं बल्कि धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए कानून को मजबूत बनाना है।
जनता से जुड़े रहने का किया दावा
मुख्यमंत्री ने अपने और पूर्व सरकारों की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता के साथ निरंतर संवाद सबसे महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नियमित रूप से लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रही है। जनसंवाद और लोक मिलनी जैसे कार्यक्रम इसी उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे हैं ताकि आम नागरिक सीधे सरकार तक अपनी बात पहुंचा सकें।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कई नेता आम लोगों की पहुंच से दूर रहते थे और जनता से उनका संपर्क केवल चुनावों तक सीमित रहता था।
पूर्व सरकारों पर लगाए गंभीर आरोप
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की राजनीति लंबे समय तक कुछ परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का उपयोग जनहित के बजाय निजी संपत्ति और राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए किया गया।
उन्होंने कहा कि जनता ने ऐसे राजनीतिक मॉडल को अस्वीकार कर दिया है और अब वह जवाबदेह तथा पारदर्शी शासन चाहती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार लोकतंत्र में जनता अंतिम निर्णायक होती है और उसने अपने मत के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने वाली राजनीति ही स्वीकार की जाएगी।
कांग्रेस और अकाली दल दोनों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों ने अलग-अलग समय पर सत्ता संभाली, लेकिन राज्य के समग्र विकास के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए।
उन्होंने कहा कि पंजाब के संसाधनों का उचित उपयोग नहीं हो सका और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकास की गति प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार इन कमियों को दूर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि जनता अब केवल चुनावी वादों के बजाय वास्तविक कार्यों का मूल्यांकन कर रही है।
शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का बड़ा हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में व्यापक सुधार किए गए हैं और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक शिक्षण तकनीकों और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बनाना है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और राज्य ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल भवनों से नहीं बल्कि प्रशिक्षित शिक्षकों से संभव होती है। इसी सोच के तहत शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार एक दीर्घकालिक प्रक्रिया है और सरकार इसे लगातार मजबूत बनाने के लिए निवेश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।
रोजगार में पारदर्शिता का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है।
उन्होंने दावा किया कि अब तक 68 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार और सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं का सरकार पर विश्वास तभी बढ़ेगा जब भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योग्यता आधारित व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सिंचाई व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में नहरी सिंचाई के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि पहले जहां सीमित क्षेत्र में नहरों का पानी उपयोग होता था, वहीं अब अधिकांश कृषि क्षेत्र तक नहरी जल पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इससे किसानों की लागत कम होने के साथ-साथ भूजल संरक्षण में भी सहायता मिल रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक परिवार तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति को केवल आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए।
महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए शुरू की जा रही वित्तीय सहायता योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को अधिक राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि अन्य पात्र महिलाओं को भी नियमित आर्थिक सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस योजना से राज्य की बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है और इसके लिए सरकार ने पर्याप्त बजटीय प्रावधान किया है।
जनकल्याण को बताया सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार का पूरा ध्यान आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।
जनता से सहयोग की अपील
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के विकास में सरकार और जनता दोनों की साझी भूमिका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सकारात्मक बदलाव की इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पारदर्शी प्रशासन, शिक्षा में सुधार, रोजगार के अवसर, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से पंजाब को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसे निर्णय लेती रहेगी, जिनसे प्रदेश के प्रत्येक वर्ग को लाभ पहुंचे और पंजाब विकास, शिक्षा तथा सामाजिक प्रगति के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करे।




