तरनतारन में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे सचिन पायलट, पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का सरकार पर निशाना

तरनतारन में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे सचिन पायलट, पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का सरकार पर निशाना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रगट सिंह समेत वरिष्ठ नेता रहेंगे साथ, पट्टी के गांव तूत और हरिके पत्तन में मृतकों के परिजनों से करेंगे मुलाकात

तरनतारन। पंजाब में गैंगस्टरों की बढ़ती गतिविधियों, गोलीबारी की घटनाओं और आपराधिक वारदातों को लेकर कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस ने आपराधिक घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों तक पहुंचने और उनके साथ खड़े होने की मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और राजस्थान के पूर्व मंत्री सचिन पायलट सोमवार शाम तरनतारन जिले के विभिन्न गांवों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह गोलीबारी की घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात कर उनके प्रति संवेदना व्यक्त करेंगे।

इस दौरे में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष प्रगट सिंह सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गैंगस्टरों की गतिविधियों के कारण प्रदेश के कई इलाकों में लोगों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। ऐसे हालात में पीड़ित परिवारों से मिलना और उनकी समस्याओं को सुनना जरूरी है। पार्टी इस दौरे के माध्यम से उन परिवारों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करना चाहती है, जिन्होंने अपने परिजनों को आपराधिक वारदातों में खो दिया है।

जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हरमिंदर सिंह गिल ने दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों की गुंडागर्दी के कारण दहशत का माहौल बना हुआ है। आपराधिक घटनाओं से प्रभावित परिवारों को इस मुश्किल समय में सहारे की जरूरत है। इसी उद्देश्य से कांग्रेस की वरिष्ठ लीडरशिप ने तरनतारन जिले में जाकर पीड़ित परिवारों से मिलने का कार्यक्रम बनाया है।

गांव तूत में दो पीड़ित परिवारों से मुलाकात

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सचिन पायलट सोमवार शाम करीब 5:15 बजे पट्टी विधानसभा क्षेत्र के गांव तूत पहुंचेंगे। यहां वह पिछले वर्ष गोलीबारी में मारे गए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गुरमेल सिंह तूत के परिवार से मुलाकात करेंगे। इस दौरान कांग्रेस नेता परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनके प्रति संवेदना व्यक्त करेंगे।

गुरमेल सिंह तूत की हत्या की घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए थे। कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी की हत्या के बाद स्थानीय स्तर पर अपराध और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा भी चर्चा में रहा। पायलट का उनके परिवार से मिलने का कार्यक्रम ऐसे समय में तय किया गया है, जब राज्य में गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है।

गांव तूत में ही सचिन पायलट सरपंच अश्वनी देवगन के परिजनों से भी मुलाकात करेंगे। अश्वनी देवगन की छह अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। किसी गांव के निर्वाचित प्रतिनिधि की हत्या का मामला स्थानीय लोगों की सुरक्षा और अपराधियों पर नियंत्रण जैसे सवालों को भी सामने लाता है।

कांग्रेस नेताओं के इस दौरे के दौरान दोनों परिवारों से बातचीत किए जाने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व का उद्देश्य पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल होने के साथ-साथ उन परिस्थितियों को भी सामने लाना है, जिनके कारण प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हुई है।

हरिके पत्तन में आढ़ती राम गोपाल सोनू के परिवार से मिलेंगे

गांव तूत के दौरे के बाद सचिन पायलट शाम करीब छह बजे पट्टी क्षेत्र के कस्बे हरिके पत्तन पहुंचेंगे। यहां वह आढ़ती राम गोपाल सोनू के परिवार से मुलाकात करेंगे और उनके साथ दुख साझा करेंगे।

राम गोपाल सोनू की 13 जनवरी 2025 को गैंगस्टरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। आढ़ती की हत्या की घटना ने व्यापारिक वर्ग की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा की थी। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए सुरक्षित माहौल बेहद जरूरी है, क्योंकि आपराधिक घटनाएं न केवल प्रभावित परिवारों को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि स्थानीय व्यापार और आम लोगों के भरोसे पर भी असर डाल सकती हैं।

पंजाब में व्यापारियों, कारोबारियों और अन्य लोगों को निशाना बनाकर की जाने वाली आपराधिक वारदातों को लेकर समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठती रही है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं का राम गोपाल सोनू के परिवार से मिलने का कार्यक्रम भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पायलट की इस यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रगट सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से पार्टी के इस अभियान को संगठनात्मक महत्व भी मिल रहा है। पार्टी नेतृत्व इन मुलाकातों के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि आपराधिक घटनाओं से प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए और उनकी आवाज को सार्वजनिक मंचों पर उठाया जाना चाहिए।

कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाएगी कांग्रेस

पंजाब में गैंगस्टरों की गतिविधियां और गोलीबारी की घटनाएं विपक्ष के लिए राज्य सरकार को घेरने का प्रमुख मुद्दा बनी हुई हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि लगातार सामने आ रही आपराधिक वारदातों के कारण आम लोगों में डर और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। पार्टी का कहना है कि सरकार को ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

विपक्ष की ओर से कानून-व्यवस्था के सवाल पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है। कांग्रेस नेताओं का जोर इस बात पर है कि नागरिकों, कारोबारियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और गांवों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

हालांकि, अपराध की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए पुलिस की कार्रवाई, जांच की प्रगति और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी हो तथा कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस का तरनतारन दौरा इसी व्यापक बहस के बीच हो रहा है। पार्टी नेताओं की ओर से पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद कानून-व्यवस्था के मुद्दे को और जोरदार तरीके से उठाए जाने की संभावना है। इससे प्रदेश की राजनीति में गैंगस्टरों की गतिविधियों और आम लोगों की सुरक्षा का विषय फिर प्रमुखता से सामने आ सकता है।

पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर राजनीतिक संदेश देने की तैयारी

सचिन पायलट का तरनतारन जिले के गांव तूत और हरिके पत्तन का दौरा केवल संवेदना व्यक्त करने तक सीमित नहीं माना जा रहा है। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दल कानून-व्यवस्था, नागरिक सुरक्षा और सरकार के कामकाज जैसे मुद्दों को प्रमुखता दे रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस की वरिष्ठ लीडरशिप का प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचना राजनीतिक रूप से भी अहम है।

पार्टी इस दौरे के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास करेगी कि वह आपराधिक घटनाओं से प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। वहीं, पीड़ित परिवारों से बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने का अवसर भी मिलेगा।

तरनतारन जिले में प्रस्तावित तीन मुलाकातों में कांग्रेस नेता उन परिवारों से मिलेंगे, जिन्होंने गोलीबारी की घटनाओं में अपने प्रियजनों को खोया है। इन घटनाओं ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। अब देखना होगा कि इस दौरे के बाद कांग्रेस कानून-व्यवस्था के मुद्दे को किस तरह आगे बढ़ाती है और राज्य सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

फिलहाल, सचिन पायलट, प्रगट सिंह और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की इस यात्रा से तरनतारन में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ-साथ यह दौरा पंजाब में गैंगस्टरों की गतिविधियों, अपराध पर नियंत्रण और आम जनता की सुरक्षा को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को भी नई दिशा दे सकता है।