धार्मिक मर्यादा का सम्मान, सुझाव मिलते ही सरकार करेगी विस्तृत समीक्षा: हरपाल चीमा

धार्मिक मर्यादा का सम्मान, सुझाव मिलते ही सरकार करेगी विस्तृत समीक्षा: हरपाल चीमा

पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से प्रस्तावित संशोधन और सुझाव औपचारिक रूप से प्राप्त होने के बाद ही उन पर विस्तृत विचार-विमर्श कर उचित निर्णय लिया जाएगा। सरकार ने कहा कि सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था की गरिमा, परंपरा और मर्यादा का पूरा सम्मान किया जाएगा तथा किसी भी विषय पर फैसला पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया जाएगा।

सोमवार को पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा सहित पंजाब सरकार के कई मंत्री और विधायक अमृतसर पहुंचे। सभी ने पहले श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेककर अरदास की और उसके बाद नंगे पैर श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर जत्थेदार के साथ बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकना और श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होकर जत्थेदार साहिब से मार्गदर्शन प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात बेहद सकारात्मक, सार्थक और गंभीर माहौल में हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

संधवां ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब केवल एक धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि पूरी सिख कौम के लिए सर्वोच्च आस्था और सम्मान का केंद्र है। पंजाब सरकार और राज्य के लोग इस संस्था की गरिमा को सर्वोपरि मानते हैं और भविष्य में भी उसकी मर्यादा का पूरा सम्मान करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान जिन विषयों पर चर्चा हुई, उनके बारे में सार्वजनिक रूप से विस्तार से जानकारी देना उचित नहीं होगा क्योंकि यह श्री अकाल तख्त साहिब की परंपराओं और मर्यादा के अनुरूप नहीं है। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि बैठक में सामने आए सभी मुद्दों और सुझावों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा ताकि उन पर उचित स्तर पर विचार किया जा सके।

विधानसभा स्पीकर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी विषय पर जल्दबाजी में निर्णय लेना नहीं है। जो भी सुझाव या संशोधन श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से दिए जाएंगे, उन्हें पूरी गंभीरता से अध्ययन के बाद संबंधित स्तर पर विचार के लिए रखा जाएगा।

इस अवसर पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि जत्थेदार साहिब ने सरकार को प्रस्तावित संशोधनों और सुझावों पर विचार करने के लिए एक महीने का समय दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा प्रस्ताव औपचारिक प्रक्रिया के तहत पंजाब विधानसभा के स्पीकर के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जैसे ही प्रस्तावित संशोधन सरकार को प्राप्त होंगे, उनका विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद सभी कानूनी, संवैधानिक और प्रशासनिक पहलुओं पर विचार करते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी विषय पर सोच-समझकर और सभी पक्षों को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ेगी।

वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार श्री अकाल तख्त साहिब से प्राप्त सुझावों को पूरी गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक संस्थाओं के सम्मान और संवैधानिक प्रक्रियाओं के बीच संतुलन बनाए रखते हुए आगे की कार्रवाई करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि संवाद और आपसी सम्मान की भावना के साथ सभी मुद्दों का समाधान निकाला जाए। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित पक्षों की राय, कानूनी प्रावधानों और सामाजिक प्रभावों का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

बैठक के दौरान मौजूद मंत्रियों और विधायकों ने भी श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की खुशहाली, सामाजिक सद्भाव और पंजाब की प्रगति के लिए अरदास की। इसके बाद सभी प्रतिनिधि श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए जत्थेदार साहिब के समक्ष अपनी बात रखी और उनके विचार सुने।

सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि धार्मिक संस्थाओं के साथ संवाद की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। सरकार का मानना है कि संवेदनशील मुद्दों पर आपसी बातचीत और सम्मानजनक संवाद के माध्यम से बेहतर समाधान निकाला जा सकता है।

पंजाब सरकार ने दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मिलने वाले सुझावों पर किसी भी प्रकार का निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की जाएगी। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए ऐसा फैसला लेना है, जो कानून, संविधान और समाज के व्यापक हितों के अनुरूप हो।

फिलहाल सरकार को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से प्रस्तावित संशोधनों का औपचारिक इंतजार है। इसके बाद विधानसभा और संबंधित विभागों के स्तर पर विस्तृत विचार-विमर्श कर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।