नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ पंजाब सरकार का एक्शन तेज, हजारों गिरफ्तारियां और करोड़ों की ड्रग मनी जब्त होने का दावा

नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ पंजाब सरकार का एक्शन तेज, हजारों गिरफ्तारियां और करोड़ों की ड्रग मनी जब्त होने का दावा

चंडीगढ़: पंजाब में नशे और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्य सरकार की कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक किया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान नशा तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाना है तथा यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इस चुनौती पर निर्णायक नियंत्रण नहीं पा लिया जाता।

शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान धालीवाल ने कहा कि पंजाब पुलिस लगातार जमीनी स्तर पर कार्रवाई कर रही है और नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के आंकड़े किए साझा

धालीवाल ने बताया कि पंजाब पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत एक मार्च 2025 से 25 जून 2026 तक व्यापक कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार इस अवधि में राज्यभर में 5,091 मामले दर्ज किए गए, जबकि 7,105 कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने की दिशा में भी लगातार काम किया जा रहा है।

भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त होने का दावा

प्रेस वार्ता के दौरान धालीवाल ने दावा किया कि अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थ बरामद किए हैं।

उनके अनुसार जब्त सामग्री में 3,103 किलोग्राम हेरोइन, 2.4 किलोग्राम स्मैक, 831 किलोग्राम अफीम, लगभग 674 किलोग्राम पोस्त, करीब 8,479 किलोग्राम हशीश, लगभग 1,000 किलोग्राम गांजा, करीब 400 किलोग्राम कोकीन, लगभग 500 किलोग्राम आईस ड्रग तथा 165 किलोग्राम नशीला पाउडर शामिल है।

इसके अलावा बड़ी संख्या में नशीले इंजेक्शन, प्रतिबंधित दवाइयां और कैप्सूल भी बरामद किए गए हैं।

करोड़ों रुपये की ड्रग मनी जब्त

धालीवाल ने कहा कि केवल नशीले पदार्थ ही नहीं, बल्कि तस्करी से अर्जित अवैध धन पर भी कार्रवाई की गई है।

उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में पुलिस ने 18 करोड़ 73 लाख रुपये से अधिक की कथित ड्रग मनी जब्त की है। उनका कहना था कि अवैध आर्थिक नेटवर्क को कमजोर किए बिना नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है, इसलिए सरकार वित्तीय जांच पर भी विशेष ध्यान दे रही है।

बड़े तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पहली ऐसी सरकार है जिसने केवल छोटे स्तर के आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय बड़े ड्रग नेटवर्क और कथित सरगनाओं पर भी कार्रवाई की है।

उन्होंने दावा किया कि कई बड़े ड्रग तस्करों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई और उनके अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। उनके अनुसार सरकार का संदेश स्पष्ट है कि संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सीमा पार से ड्रोन के जरिए तस्करी का आरोप

धालीवाल ने कहा कि पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा राज्य के लिए सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौतियों में से एक बनी हुई है।

उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से लगातार नशीले पदार्थ और हथियार भारतीय सीमा में भेजने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस इन चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के अधीन आने वाले सुरक्षा बलों की भी है।

केंद्र सरकार पर लगाए सहयोग नहीं करने के आरोप

प्रेस वार्ता के दौरान धालीवाल ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार द्वारा बार-बार मांग किए जाने के बावजूद सीमा क्षेत्रों में आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक उपलब्ध नहीं कराई गई।

उनका कहना था कि यदि सीमावर्ती इलाकों में प्रभावी एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया जाता तो ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि आधुनिक तकनीक की कमी के कारण कई बार ड्रोन सीमा पार से सामान गिराकर वापस लौट जाते हैं, जिससे पुलिस के सामने नई चुनौतियां पैदा होती हैं।

बीएसएफ के प्रयासों की सराहना

धालीवाल ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं और सीमाओं की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बदलती तकनीक के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि ड्रोन आधारित तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

गैंगस्टरों के खिलाफ भी चल रहा विशेष अभियान

प्रेस वार्ता में धालीवाल ने बताया कि राज्य सरकार केवल नशा तस्करी के खिलाफ ही नहीं, बल्कि गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ भी समानांतर अभियान चला रही है।

उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की निगरानी में संचालित ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के तहत राज्यभर में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

उनके अनुसार 562 स्थानों पर की गई कार्रवाई के दौरान 332 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 147 ऐसे अपराधी भी शामिल हैं जिन्हें गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित बताया गया।

कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा 40 हजार के पार

धालीवाल ने दावा किया कि विभिन्न अभियानों के तहत अब तक कुल 40,353 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

जनता की भागीदारी को बताया अहम

उन्होंने कहा कि सरकार ने आम लोगों को अपराध के खिलाफ अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष हेल्पलाइन 93946-93946 शुरू की थी।

इस हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक बिना अपनी पहचान सार्वजनिक किए गैंगस्टरों और अपराधियों से संबंधित जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकते हैं।

धालीवाल ने दावा किया कि लोगों ने इस पहल का सकारात्मक समर्थन किया है और कई महत्वपूर्ण सूचनाएं इसी माध्यम से प्राप्त हुई हैं।

सरकार ने दोहराया अभियान जारी रखने का संकल्प

प्रेस वार्ता के अंत में धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार नशा तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को समाप्त करना, युवाओं को नशे से बचाना और पंजाब में सुरक्षित वातावरण स्थापित करना है।

हालांकि, प्रेस वार्ता में प्रस्तुत आंकड़े और आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से जारी किए गए हैं। केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी।