मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया एलान, डीए बढ़कर 53 फीसदी हुआ; त्योहार के मद्देनजर खातों में पहुंचेंगे 3988 करोड़ रुपये, कर्मचारी संगठनों ने फैसले का किया स्वागत
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का एलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार के इस कदम से प्रदेश के करीब आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को सीधा लाभ मिलेगा। नई बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 53 प्रतिशत हो जाएगा। त्योहारों के दौरान कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने इस किस्त की राशि जारी करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की वृद्धि के तहत सरकार की ओर से कुल 3988 करोड़ रुपये की राशि कर्मचारियों और पेंशनरों तक पहुंचाई जाएगी। इस फैसले से लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों के आर्थिक हितों और कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
डीए बढ़कर 53 प्रतिशत हुआ
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी की है। इसके बाद अब कुल डीए 53 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है। महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसे बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करने और कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखने के उद्देश्य से दिया जाता है।
खाद्य पदार्थों, परिवहन, शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाले खर्च में बढ़ोतरी के बीच डीए में किया गया यह इजाफा कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है। खासकर त्योहारों के दौरान घरेलू खर्च बढ़ने के कारण अतिरिक्त राशि मिलने से कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक प्रबंधन में मदद मिलेगी।
सरकार के इस फैसले का लाभ केवल वर्तमान में सेवाएं दे रहे सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेंशनरों को भी इसका फायदा मिलेगा। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
खातों में ट्रांसफर होंगे 3988 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने का फैसला किया है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत 3988 करोड़ रुपये की राशि संबंधित लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि कर्मचारी अपने परिवारों के साथ त्योहार खुशियों और उत्साह से मना सकें। कर्मचारियों की मेहनत और योगदान से ही सरकारी योजनाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं को जमीन पर लागू किया जाता है। ऐसे में उनके कल्याण और आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है।
डीए में बढ़ोतरी से कर्मचारियों की मासिक आय में भी निर्धारित गणना के अनुसार वृद्धि होगी। वहीं पेंशनरों को उनकी पेंशन पर लागू महंगाई राहत के अनुरूप लाभ मिलेगा। इससे लाखों परिवारों को त्योहार के समय अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।
मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 11 प्रतिशत बढ़ा डीए
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पंजाब के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में अब तक कुल 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा चुकी है। ताजा तीन प्रतिशत की किस्त जारी होने के बाद डीए का कुल स्तर 53 प्रतिशत हो गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कर्मचारियों की मांगों और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर फैसले लिए जा रहे हैं।
सरकार का मानना है कि महंगाई भत्ते में वृद्धि से कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के प्रभाव से कुछ राहत मिलेगी। इसके साथ ही त्योहारों के दौरान बाजार में खरीदारी और घरेलू जरूरतों पर होने वाले खर्च को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।
कर्मचारी संगठनों ने फैसले का किया स्वागत
पंजाब सरकार के इस फैसले का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है। लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह घोषणा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संगठनों का मानना है कि डीए में वृद्धि से कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलेगी।
हालांकि, कर्मचारी संगठनों की ओर से अन्य लंबित मांगों को लेकर भी सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। सरकारी कर्मचारियों के विभिन्न संगठन समय-समय पर वेतन, भत्तों और अन्य सेवा संबंधी मुद्दों को उठाते रहे हैं।
फिलहाल, दीपावली से पहले महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की वृद्धि और 3988 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का फैसला पंजाब सरकार की ओर से कर्मचारियों को दी गई बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। करीब आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को इसका लाभ मिलने से राज्य के सरकारी कर्मचारी वर्ग में इस घोषणा को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है।




