पंजाब में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर BJP का AAP पर वार, केवल ढिल्लों बोले- भ्रष्टाचार के आरोपों पर CM दें जवाब

पंजाब में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर BJP का AAP पर वार, केवल ढिल्लों बोले- भ्रष्टाचार के आरोपों पर CM दें जवाब

पंजाब में अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल की गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है और इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के दिल्ली मॉडल और उसकी कथित ‘ईमानदार राजनीति’ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जिस राजनीतिक मॉडल को लंबे समय तक ईमानदारी और पारदर्शिता के नाम पर प्रचारित किया गया, अब उसी मॉडल की वास्तविकता पंजाब में सामने आने लगी है। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का दावा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद पंजाब में अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले भी कथित तौर पर लेन-देन का माध्यम बन गए।

केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि अरविंद केजरीवाल लंबे समय तक खुद को ‘कट्टर ईमानदार’ नेता के तौर पर पेश करते रहे, लेकिन दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में भी अब भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, जिनका जवाब राज्य सरकार को देना चाहिए।

ED रिपोर्ट के हवाले से OSD की भूमिका पर सवाल

ढिल्लों ने ED की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले OSD ने IAS और IPS अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े कथित नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुसार, रिपोर्ट में अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों को लेकर एक व्यवस्थित तंत्र की ओर संकेत किया गया है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल प्रशासनिक स्तर पर होने वाली अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार सत्ता के शीर्ष स्तर तक जुड़े होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि ED की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर गंभीर तथ्य सामने आए हैं तो राज्य सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करवाने से पीछे नहीं हटना चाहिए।

ढिल्लों ने पंजाब में चल रही स्थिति की तुलना दिल्ली के शराब घोटाले से करते हुए राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कथित शराब घोटाले और पंजाब में सामने आ रहे ट्रांसफर-पोस्टिंग के आरोपों का स्वरूप अलग हो सकता है, लेकिन दोनों मामलों में आम आदमी पार्टी की सरकारों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सरकारी दस्तावेज और टेंडरों को लेकर भी आरोप

केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि ED की रिपोर्ट में कई अन्य गंभीर मामलों का भी उल्लेख किया गया है। उनके अनुसार, रिपोर्ट में कथित तौर पर गोपनीय सरकारी दस्तावेजों को लीक करने, पैसे लेकर हथियारों के लाइसेंस दिलाने, सरकारी टेंडरों की प्रक्रिया में हेराफेरी और जमीन से जुड़े सौदों में अनियमितताओं जैसे आरोप शामिल हैं।

उन्होंने दावा किया कि इन गतिविधियों के पीछे राजनीतिक संरक्षण के बिना इतना बड़ा नेटवर्क चलना संभव नहीं है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों की कथित भूमिका की जांच होने के बावजूद राज्य सरकार ने इस मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई।

हालांकि इन आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच की प्रक्रिया और अदालत में मामले से जुड़े आधिकारिक निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। फिलहाल भाजपा की ओर से ED रिपोर्ट को आधार बनाकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।

पंजाब पुलिस को सात बार पत्र लिखने का दावा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ED की ओर से पंजाब पुलिस को कथित तौर पर सात बार पत्र भेजकर FIR दर्ज करने की मांग की गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने इस कथित देरी को लेकर राज्य सरकार और पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

ढिल्लों ने कहा कि यदि जांच एजेंसी ने बार-बार राज्य पुलिस से कार्रवाई करने को कहा है तो फिर मामला दर्ज नहीं होने का कारण सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री कार्यालय और सरकार के स्तर पर सब कुछ साफ है तो जांच एजेंसी के पत्रों के बावजूद कार्रवाई आगे क्यों नहीं बढ़ी।

उन्होंने आरोप लगाया कि FIR दर्ज न होना अपने आप में सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। भाजपा नेता ने इसे मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की कथित मिलीभगत से जोड़ते हुए कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है।

‘तबादलों की मंडी’ का लगाया आरोप

केवल सिंह ढिल्लों ने अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग को लेकर पंजाब सरकार पर बेहद तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी पदों की नियुक्तियों और तबादलों को लेकर एक तरह की ‘मंडी’ बना दी गई है, जहां कथित तौर पर दलाल और बिचौलिए सक्रिय हैं।

उनके मुताबिक, यदि प्रशासनिक अधिकारियों की पोस्टिंग योग्यता, आवश्यकता और प्रशासनिक हित के बजाय किसी अन्य आधार पर प्रभावित होती है तो इससे शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सीधा असर पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के शासन में भ्रष्टाचार का कथित नेटवर्क केवल किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव सरकार और प्रशासन के विभिन्न स्तरों तक पहुंच गया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब के लोगों ने आम आदमी पार्टी को बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की उम्मीद के साथ सत्ता सौंपी थी, लेकिन मौजूदा आरोप उस उम्मीद के विपरीत तस्वीर पेश कर रहे हैं।

मीडिया संस्थानों को नोटिस भेजने पर भी सवाल

ढिल्लों ने मुख्यमंत्री के OSD की ओर से बड़े मीडिया संस्थानों को कथित तौर पर कानूनी नोटिस भेजे जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से जुड़े लोग ED की रिपोर्ट और उससे संबंधित खबरों को सार्वजनिक होने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया का काम सरकार और सत्ता से जुड़े लोगों से सवाल पूछना तथा सामने आए तथ्यों को जनता तक पहुंचाना है। यदि किसी खबर को लेकर आपत्ति है तो उसका जवाब तथ्यों के साथ दिया जाना चाहिए, न कि मीडिया पर दबाव डालकर खबरें हटवाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि खबरों को रोकने या हटाने के लिए कानूनी नोटिस भेजे जाने की घटनाएं सरकार की बेचैनी को दर्शाती हैं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित पक्ष का पक्ष और कानूनी प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति भी सामने आना जरूरी है।

मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग

इन तमाम आरोपों के बीच भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों पर इतने गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं तो मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए किसी भी जांच को लेकर निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराए जाने की जरूरत है। भाजपा ने ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग भी रखी है।

ढिल्लों ने कहा कि मामले में जिन लोगों की भूमिका सामने आती है, उनके खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जानी चाहिए और जांच को किसी राजनीतिक दबाव से मुक्त रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि सरकार स्वयं को आरोपों से अलग मानती है तो उसे जांच में सहयोग करना चाहिए और सभी संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक जांच के लिए उपलब्ध करवाने चाहिए।

‘AAP जहां सत्ता में, वहां भ्रष्टाचार’ का आरोप

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी की व्यापक राजनीतिक कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में आम आदमी पार्टी सत्ता में रही है, वहां भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। पंजाब के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पार्टी ने जनता से भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार पर ही गंभीर आरोप लग रहे हैं।

ढिल्लों ने कहा कि पंजाब की जनता को सरकार से स्पष्ट जवाब चाहिए कि अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग में किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है, मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों की भूमिका क्या है और ED की ओर से पंजाब पुलिस को भेजे गए कथित पत्रों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि जांच एजेंसी की रिपोर्ट में गंभीर तथ्य दर्ज हैं तो उनकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल ED की रिपोर्ट को लेकर पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा इसे आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है, जबकि सरकार और आम आदमी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट होगी। आने वाले दिनों में अदालत में मामले की सुनवाई, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और राज्य सरकार का रुख इस पूरे विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।