पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार, 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू; अब 1,090 केंद्रों पर मिलेगा मुफ्त इलाज

पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार, 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू; अब 1,090 केंद्रों पर मिलेगा मुफ्त इलाज

चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किए गए इस विस्तार के बाद प्रदेश में आम आदमी क्लीनिकों की कुल संख्या बढ़कर 1,090 हो जाएगी। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और पूरी तरह मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को बड़े अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें।

इन नए क्लीनिकों की शुरुआत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला ग्रामीण के विकास नगर में नवनिर्मित आम आदमी क्लीनिक का उद्घाटन कर की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसा मॉडल विकसित कर रही है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को उसके निवास स्थान के निकट समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता इलाज को महंगा और कठिन बनाने की बजाय उसे आसान, सुलभ और आम लोगों की पहुंच में लाना है।

100 नए क्लीनिकों में से 71 क्लीनिकों का उद्घाटन रविवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में किया गया, जबकि शेष 29 क्लीनिकों का उद्घाटन 31 जुलाई तक चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इन उद्घाटन कार्यक्रमों में राज्य के विभिन्न कैबिनेट मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए और अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को नई स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात दी।

राज्य सरकार के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की यह प्रक्रिया केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक क्लीनिक को आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों और आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से भी सुसज्जित किया गया है। इन क्लीनिकों के माध्यम से मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य इलाज को अधिकार के रूप में उपलब्ध कराना है, न कि सुविधा के रूप में। उन्होंने कहा कि जब लोगों को समय पर प्राथमिक उपचार मिल जाता है तो गंभीर बीमारियों की संभावना कम हो जाती है और बड़े अस्पतालों पर भी मरीजों का दबाव घटता है। इसी सोच के साथ पूरे प्रदेश में आम आदमी क्लीनिकों का नेटवर्क लगातार मजबूत किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने बताया कि नए क्लीनिकों के उद्घाटन में विभिन्न मंत्रियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में भाग लिया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मलोट और श्री मुक्तसर साहिब क्षेत्र में तीन नए क्लीनिक जनता को समर्पित किए। वहीं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने पठानकोट शहर में लगभग 25 लाख रुपये की लागत से तैयार क्लीनिक का उद्घाटन किया।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने श्री मुक्तसर साहिब में एक नए आम आदमी क्लीनिक का शुभारंभ किया। वहीं उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने साहनेवाल विधानसभा क्षेत्र में लगभग 76.41 लाख रुपये की लागत से बने तीन नए क्लीनिकों का उद्घाटन किया।

कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना के नरोत्तम नगर, फोकल प्वाइंट और उत्तम नगर में करीब 87 लाख रुपये की लागत से निर्मित तीन नए क्लीनिकों को जनता को समर्पित किया। इसी प्रकार स्थानीय निकाय मंत्री मोहिंदर भगत ने जालंधर के सिद्धार्थ नगर, बुद्धा मल ग्राउंड और स्पोर्ट्स एंड सर्जिकल कॉम्प्लेक्स में स्थापित तीन नए क्लीनिकों का उद्घाटन किया। इसके अलावा राज्य के विभिन्न जिलों में विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने क्षेत्रों में नए क्लीनिक शुरू कर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया।

सरकार का कहना है कि आम आदमी क्लीनिक मॉडल ने राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदलने का काम किया है। वर्तमान में प्रदेश में 990 आम आदमी क्लीनिक पहले से संचालित हैं, जिनमें 414 शहरी क्षेत्रों तथा 576 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं। अब 100 नए क्लीनिक जुड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 1,090 हो जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और व्यापक होगा।

इन क्लीनिकों में मरीजों को 107 प्रकार की आवश्यक दवाइयां पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 47 प्रकार की प्रयोगशाला जांचें भी बिना किसी शुल्क के कराई जा सकती हैं। सरकार का दावा है कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का इलाज पर होने वाला खर्च काफी कम हुआ है।

प्रत्येक आम आदमी क्लीनिक में मेडिकल अधिकारी, फार्मासिस्ट और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। मरीजों के पंजीकरण से लेकर जांच, उपचार और दवा वितरण तक की पूरी प्रक्रिया आधुनिक डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही है। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है और मरीजों को कम समय में बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

पिछले कुछ समय में सरकार ने इन क्लीनिकों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी बढ़ाया है। अब यहां केवल सामान्य बीमारियों का इलाज ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें गर्भवती महिलाओं की प्रसव-पूर्व जांच, परिवार नियोजन सेवाएं, कुत्ते के काटने पर उपचार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, अस्थमा और अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच एवं उपचार भी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं के विस्तार से लोगों को छोटे-छोटे इलाज के लिए जिला अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि प्राथमिक स्तर पर मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था किसी भी राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ होती है। यदि लोगों को शुरुआती चरण में सही जांच और उपचार उपलब्ध हो जाए तो गंभीर बीमारियों को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है। इसी कारण आम आदमी क्लीनिकों को आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ से लैस किया जा रहा है।

सरकार का दावा है कि इन क्लीनिकों के माध्यम से लाखों मरीजों को अब तक मुफ्त चिकित्सा सेवाएं मिल चुकी हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने यहां दवाइयां, जांच और चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाया है। इससे निजी अस्पतालों और महंगे इलाज पर निर्भरता कम हुई है तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विशेष राहत मिली है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार में भी मदद मिलती है। इससे स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार आने की संभावना रहती है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए क्लीनिकों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, टेलीमेडिसिन सेवाएं और विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। साथ ही दवाइयों और जांच सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पंजाब को बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था वाला राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और भविष्य में भी स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

100 नए आम आदमी क्लीनिकों के शुरू होने के साथ पंजाब में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क पहले से अधिक मजबूत हो गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे लाखों लोगों को उनके घर के नजदीक बेहतर इलाज मिलेगा, स्वास्थ्य पर होने वाला व्यक्तिगत खर्च कम होगा और आम नागरिकों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।