केवल सिंह ढिल्लों की अध्यक्षता में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक, नशामुक्त पंजाब यात्रा की समीक्षा; मोदी के 25 वर्ष के जनसेवा कार्यकाल पर प्रशंसा प्रस्ताव पारित
संगरूर। पंजाब में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। संगरूर में प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आगामी चुनाव की रणनीति, संगठन को मजबूत करने, नशे की समस्या और आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में भाजपा नेताओं ने पंजाब की मौजूदा स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि नशे, गैंगस्टरवाद, भ्रष्टाचार तथा बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब को मौजूदा समस्याओं से बाहर निकालने के लिए भाजपा की डबल इंजन सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की समस्याओं का समाधान भाजपा ही कर सकती है। उनके अनुसार, कार्यकारिणी की बैठक का उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करना, भविष्य की रणनीति तैयार करना और आम आदमी पार्टी सरकार की कथित नाकामियों को लेकर आरोपपत्र पर विचार-विमर्श करना था।
दिनभर चले इस मंथन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में वर्ष 2027 के चुनावों के लिए राजनीतिक मुद्दों की पहचान, पार्टी के जनसंपर्क कार्यक्रमों और संगठनात्मक विस्तार पर भी चर्चा हुई।
नशे, गैंगस्टरवाद और कानून-व्यवस्था पर ‘आप’ सरकार को घेरा
प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब में नशे की समस्या, गैंगस्टरवाद, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का असर आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारियों, कर्मचारियों और युवाओं पर भी पड़ रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश की समस्याओं का प्रभावी समाधान करने में सफल नहीं रही है।
ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में सुरक्षा, रोजगार और नशे जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस रणनीति की जरूरत है। उन्होंने भाजपा की डबल इंजन सरकार की वकालत करते हुए दावा किया कि पार्टी प्रदेश को विकास और सुशासन की दिशा में आगे ले जा सकती है।
कार्यकारिणी की बैठक में राज्य सरकार के कामकाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ भाजपा की ओर से तैयार किए जा रहे आरोपपत्र को भी प्रमुखता दी गई। पार्टी का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक मुद्दों को व्यवस्थित तरीके से जनता के सामने रखना है।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के जनसेवा कार्यकाल पर प्रस्ताव पारित
बैठक की शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की ओर से पार्टी का झंडा फहराने के साथ हुई। उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रशंसा प्रस्ताव पेश किया गया। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का उल्लेख किया गया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस विषय पर चर्चा की शुरुआत की और प्रधानमंत्री के जनसेवा कार्यकाल पर प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पर हुई चर्चा में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोरंजन कालिया, विधायक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा तथा भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पंजाब के पूर्व मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने हिस्सा लिया।
वरिष्ठ नेताओं ने प्रस्ताव पर अपने विचार रखे। चर्चा के बाद इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। बैठक में इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक सफर के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में प्रस्तुत किया गया।
संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारी पर मंथन
कार्यकारिणी बैठक का एक महत्वपूर्ण सत्र ‘संगठन और भविष्य की योजना’ विषय पर केंद्रित रहा। इस सत्र को भाजपा के पंजाब मामलों के प्रभारी और राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया ने संबोधित किया। उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्रीनिवासुलु ने पार्टी के संगठन को मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों और भविष्य की कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद प्रदेश सह-प्रभारी वीरेंद्र सचदेवा और प्रदेश सह-प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद अलका गुर्जर ने भी अपने विचार रखे।
बैठक में संगठनात्मक ढांचे को अधिक सक्रिय बनाने और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन की तैयारियों, पार्टी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और जनसंपर्क गतिविधियों को प्रभावी बनाने की जरूरत पर भी विचार किया गया।
भाजपा नेतृत्व की कोशिश है कि चुनाव से पहले संगठनात्मक स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारियां तय हों और पार्टी के कार्यक्रमों को राज्यभर में व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में इसी उद्देश्य से संगठन की मौजूदा स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई।
नशामुक्त पंजाब यात्रा की समीक्षा
बैठक में भाजपा की ओर से चलाए जा रहे ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ अभियान की भी समीक्षा की गई। नशे के खिलाफ पार्टी की गतिविधियों, जनसंपर्क और अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ। भाजपा ने नशे की समस्या को पंजाब के प्रमुख मुद्दों में शामिल करते हुए इस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अभियान जारी रखने की बात कही।
‘पंजाब सरकार की नाकामियां’ विषय पर चर्चा के दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला, अविनाश राय खन्ना और श्वेत मलिक ने राज्य सरकार के कामकाज की आलोचना की। इन नेताओं ने विभिन्न मुद्दों का उल्लेख करते हुए आम आदमी पार्टी सरकार को कई मोर्चों पर विफल बताया।
बैठक में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के साथ ‘सेवा संकल्प अभियान’ पर भी चर्चा की गई। प्रदेश महामंत्री राजेश बाघा और रजनीश धीमान ने इस अभियान से जुड़े विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे। पार्टी के कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक पहुंच बनाने और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने पर जोर दिया गया।
‘आप’ सरकार के खिलाफ आरोपपत्र पर चर्चा
कार्यकारिणी बैठक में आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ तैयार किए गए आरोपपत्र पर भी विचार-विमर्श हुआ। राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने इस विषय पर चर्चा की। भाजपा की योजना इस आरोपपत्र के माध्यम से राज्य सरकार के कामकाज को लेकर अपने सवाल और आरोप जनता के सामने रखने की है।
बैठक में उठाए गए मुद्दों में नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और आम लोगों की परेशानियां शामिल रहीं। भाजपा नेताओं ने इन विषयों को आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की।
हालांकि, आरोपपत्र में शामिल आरोपों और दावों का मूल्यांकन संबंधित तथ्यों तथा सरकार के पक्ष के आधार पर किया जाना होगा। फिलहाल भाजपा ने इन मुद्दों को लेकर अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट किया है और आगामी चुनावों से पहले इन्हें जनचर्चा का हिस्सा बनाने की तैयारी की है।
चुनावी घोषणापत्र की तैयारी पर भी विचार
पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुनील जाखड़ ने पार्टी के चुनावी घोषणापत्र से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए घोषणापत्र की तैयारी को भी बैठक के महत्वपूर्ण एजेंडे में शामिल किया गया।
चुनावी घोषणापत्र के माध्यम से पार्टी अपनी प्राथमिकताओं, प्रस्तावित योजनाओं और पंजाब से जुड़े मुद्दों पर अपना दृष्टिकोण सामने रखेगी। बैठक में संगठनात्मक समीक्षा और सरकार के खिलाफ आरोपपत्र पर चर्चा के साथ इस विषय को भी महत्व दिया गया।
भाजपा के लिए आगामी चुनावों में केवल सरकार की आलोचना करना ही नहीं, बल्कि जनता के सामने अपना वैकल्पिक कार्यक्रम प्रस्तुत करना भी महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में घोषणापत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा को चुनावी तैयारी के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
2027 के चुनाव के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज
संगरूर में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के समापन पर प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों को संबोधित किया। दिनभर चली बैठक में संगठन की मजबूती, जनहित से जुड़े मुद्दों, नशामुक्त पंजाब यात्रा, सेवा संकल्प अभियान, सरकार के खिलाफ आरोपपत्र और चुनावी घोषणापत्र पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक से यह संकेत मिला कि भाजपा पंजाब में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने और संगठन को अधिक सक्रिय बनाने पर ध्यान दे रही है। पार्टी नेतृत्व ने राज्य सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाने के साथ अपनी भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की।
अब आगामी महीनों में भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रमों, नशामुक्त पंजाब यात्रा, सरकार के खिलाफ उठाए जाने वाले मुद्दों और चुनावी घोषणापत्र की दिशा पर नजर रहेगी। संगरूर की बैठक को पार्टी की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें संगठन को मजबूत करने और आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ाने की रूपरेखा पर चर्चा हुई।




