पंजाब सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए राज्य कर्मचारियों को बड़ी वित्तीय राहत दी है। सरकार ने निर्णय लिया है कि इस अवधि में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट (अवकाश नकदीकरण) की गणना अब संशोधित नोटशनल महंगाई भत्ते (डीए) के आधार पर की जाएगी। इससे पात्र कर्मचारियों को पहले की तुलना में अधिक सेवानिवृत्ति लाभ मिलेगा।
यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में लंबित दो याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सामने आया। राज्य सरकार की ओर से वित्त विभाग (वित्त पेंशन नीति एवं समन्वय शाखा) द्वारा 6 जुलाई को जारी अधिसूचना अदालत के समक्ष पेश की गई, जिसे न्यायालय ने रिकॉर्ड का हिस्सा बना लिया। इसके बाद हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई के लिए निर्धारित की है।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार के अनुसार अब तक 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट की गणना मूल वेतन पर 17 प्रतिशत महंगाई भत्ते को आधार बनाकर की जा रही थी। समीक्षा के दौरान सरकार ने माना कि इस व्यवस्था के कारण संबंधित कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति लाभ अपेक्षाकृत कम मिले।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अधिसूचना में कहा है कि ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले एकमुश्त वित्तीय लाभ हैं। इसलिए सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए पात्र कर्मचारियों को संशोधित नोटशनल डीए के आधार पर अतिरिक्त लाभ देने का निर्णय लिया गया है।
संशोधित डीए दरों के अनुसार होगी गणना
नई अधिसूचना के अनुसार तीन अलग-अलग अवधियों के लिए नोटशनल महंगाई भत्ते की नई दरें निर्धारित की गई हैं।
- 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2020 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 21 प्रतिशत डीए के आधार पर ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट की गणना होगी।
- 1 जुलाई 2020 से 31 दिसंबर 2020 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 24 प्रतिशत डीए लागू होगा।
- 1 जनवरी 2021 से 30 जून 2021 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 28 प्रतिशत डीए के आधार पर लाभ की गणना की जाएगी।
इस संशोधन के बाद पात्र कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट की राशि पहले की तुलना में अधिक हो जाएगी।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
सरकार का यह निर्णय केवल उन राज्य कर्मचारियों पर लागू होगा जो 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं। संबंधित कर्मचारियों के मामलों की दोबारा गणना कर उन्हें संशोधित लाभ प्रदान किए जाएंगे।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधन केवल ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट की गणना के लिए नोटशनल महंगाई भत्ते तक सीमित रहेगा। पंजाब सिविल सेवा नियमों तथा पेंशन संबंधी अन्य सभी प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे।
तीन महीने में करना होगा भुगतान
वित्त विभाग ने सभी पेंशन स्वीकृत करने वाले प्राधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अधिसूचना के अनुसार पात्र कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा कर संशोधित भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि अधिसूचना जारी होने की तिथि से तीन महीने के भीतर सभी पात्र कर्मचारियों को बढ़ी हुई ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट का भुगतान नियमानुसार सुनिश्चित किया जाए।
हजारों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
हालांकि सरकार ने लाभार्थियों की सटीक संख्या जारी नहीं की है, लेकिन इस निर्णय से हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से कर्मचारी संगठन ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट की गणना में संशोधन की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले से उनकी इस मांग को बड़ी राहत मिली है।
हाई कोर्ट की सुनवाई पर भी रहेगी नजर
चूंकि यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए सरकार द्वारा जारी अधिसूचना अब न्यायिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन चुकी है। अदालत 14 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले की आगे समीक्षा करेगी।
पंजाब सरकार का यह निर्णय सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। संशोधित नोटशनल महंगाई भत्ते के आधार पर ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट की पुनर्गणना से पात्र कर्मचारियों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलेगा। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि संबंधित विभाग तय समयसीमा के भीतर इस फैसले को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करते हैं।




