हरियाणा पुलिस में 2030 तक भर्ती होंगे 28 हजार जवान, आधुनिकीकरण पर खर्च होंगे 4430 करोड़ रुपये

हरियाणा पुलिस में 2030 तक भर्ती होंगे 28 हजार जवान, आधुनिकीकरण पर खर्च होंगे 4430 करोड़ रुपये

डीजीपी अजय सिंघल ने पुलिस शहीदी दिवस पर किया भर्ती और विकास योजनाओं का खुलासा; मार्च 2027 तक 15 हजार पद भरने की योजना, साइबर अपराधों में 9.35 प्रतिशत गिरावट का दावा

चंडीगढ़। हरियाणा में पुलिस बल को मजबूत करने, रिक्त पदों को भरने और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बुधवार को पुलिस शहीदी दिवस के अवसर पर बताया कि वर्ष 2030 तक चरणबद्ध तरीके से पुलिस विभाग में 28 हजार जवानों की भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस के आधुनिकीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास, आवासीय सुविधाओं और पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

डीजीपी के अनुसार, मार्च 2027 तक लगभग 15 हजार पदों पर भर्ती करने की योजना है। इसके बाद वर्ष 2028 से 2030 के बीच करीब 13 हजार पदों को भरा जाएगा। इस दिशा में प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य पुलिस बल में कर्मचारियों की कमी दूर करने के साथ बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए विभाग की क्षमता बढ़ाना है।

पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 658 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि

अजय सिंघल ने बताया कि हरियाणा सरकार पुलिस को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और उसकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। पुलिस के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए 658 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवाई गई है।

इस राशि के माध्यम से पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने, आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने और विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है। नई भर्तियों के साथ पुलिस थानों, चौकियों और अन्य संस्थानों की सुविधाओं को भी मजबूत करने की योजना है।

डीजीपी ने कहा कि मौजूदा समय में पुलिस के सामने पारंपरिक अपराधों के अलावा साइबर ठगी, संगठित अपराध और अन्य आधुनिक चुनौतियां भी हैं। ऐसे में पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के साथ तकनीकी क्षमता और बुनियादी ढांचे का विकास करना भी जरूरी है।

मार्च 2027 तक 15 हजार पदों पर भर्ती का लक्ष्य

पुलिस विभाग में लंबे समय से रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। योजना के अनुसार, मार्च 2027 तक लगभग 15 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके बाद वर्ष 2028 से 2030 के बीच करीब 13 हजार और पद भरने का लक्ष्य रखा गया है।

इस तरह वर्ष 2030 तक कुल 28 हजार जवानों की भर्ती करने की योजना है। डीजीपी ने बताया कि भर्ती से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि, सभी पदों के लिए अलग-अलग विज्ञापन जारी होने और भर्ती पूरी होने की समय-सीमा का विस्तृत ब्योरा उन्होंने नहीं दिया।

पुलिस बल में नई नियुक्तियों से विभिन्न इकाइयों में कर्मचारियों की उपलब्धता बेहतर होने और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में मदद मिलने की उम्मीद है। भर्ती योजना के साथ पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय सुविधाएं और कार्यस्थलों पर आवश्यक संसाधन बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।

साइबर अपराध से निपटने के लिए एच4सी के 204 पद मंजूर

साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए हरियाणा पुलिस अपनी तकनीकी क्षमता को मजबूत कर रही है। डीजीपी ने बताया कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए एच4सी के 204 नए पदों को मंजूरी मिल चुकी है। इन पदों के लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की जांच, शिकायतों पर कार्रवाई और अपराधियों तक पहुंचने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों तथा तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता है। नए पदों के सृजन से इस दिशा में पुलिस की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इसके अतिरिक्त एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) का गठन भी प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। विशेष सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए विशेषज्ञ इकाइयों और प्रशिक्षित कर्मियों की भूमिका अहम होती है।

जनवरी से सितंबर तक कुल अपराधों में 9.35 प्रतिशत कमी

डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में हरियाणा में कुल अपराधों में 9.35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने इसे पुलिस की कार्रवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।

साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में लगभग 13 हजार शिकायतें मिली थीं, जबकि सितंबर में इनकी संख्या घटकर करीब 11 हजार रह गई। इस प्रकार शिकायतों में लगभग 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

उन्होंने बताया कि जनवरी से सितंबर 2026 तक साइबर अपराध के लगभग चार हजार मामले दर्ज किए गए और करीब छह हजार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसी अवधि में साइबर ठगी से संबंधित लगभग 40 प्रतिशत राशि को होल्ड या रिकवर कराने में सफलता मिलने की जानकारी दी गई।

साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराने और संदिग्ध लेन-देन की सूचना देने की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। पुलिस की ओर से शिकायतों पर कार्रवाई और ठगी की रकम को रोकने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

डायल-112 से अब तक 75 लाख नागरिकों को सहायता

हरियाणा पुलिस की आपातकालीन सहायता सेवा डायल-112 के माध्यम से अब तक लगभग 75 लाख नागरिकों को मदद उपलब्ध करवाई जा चुकी है। डीजीपी ने बताया कि यह सेवा वर्ष 2021 में शुरू की गई थी।

डायल-112 का उद्देश्य आपात स्थिति में नागरिकों तक पुलिस सहायता पहुंचाना है। इस सेवा के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की शिकायतों और आपातकालीन परिस्थितियों पर कार्रवाई की जाती है। पुलिस बल में नई भर्तियों, तकनीकी संसाधनों और बेहतर बुनियादी ढांचे के जरिए ऐसी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

पुलिस भवनों और आवासों पर भी होगा बड़ा निवेश

डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2025-26 में लगभग 238 करोड़ रुपये की लागत से आठ पुलिस थानों, तीन पुलिस चौकियों और 313 आवासीय इकाइयों सहित विभिन्न विकास कार्य पूरे किए गए हैं।

इसके अलावा मार्च 2027 तक 1,043 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। दीर्घकालीन योजना के तहत वर्ष 2030-31 तक पुलिस के बुनियादी ढांचे पर कुल 4,430 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।

पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। अजय सिंघल के अनुसार, वर्ष 2030 तक पुलिस आवासों की संख्या मौजूदा लगभग 15 हजार से बढ़ाकर 20 हजार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

आवासीय सुविधाओं में बढ़ोतरी से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, नए पुलिस थानों और चौकियों के निर्माण तथा मौजूदा ढांचे के विस्तार से पुलिस सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

माता मनसा देवी मंदिर में प्रदेश की पहली टूरिस्ट पुलिस पोस्ट

हरियाणा में धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोगों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। डीजीपी ने बताया कि हाल ही में पंचकूला स्थित माता मनसा देवी मंदिर में प्रदेश की पहली टूरिस्ट पुलिस पोस्ट शुरू की गई है।

इस पहल का उद्देश्य मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाना है। भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार करने की योजना भी है। पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर विशेष पुलिस व्यवस्था होने से आगंतुकों की सहायता और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है।

विदेश में बैठे गैंगस्टरों पर कार्रवाई, 28 को वापस लाया गया

हरियाणा पुलिस और विशेष कार्यबल (एसटीएफ) विदेश में बैठे गैंगस्टरों तथा उनके नेटवर्क के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक 28 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट या प्रत्यर्पित कराया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि 14 अन्य गैंगस्टर विदेश में हिरासत में हैं और उन्हें भारत लाने से संबंधित कानूनी प्रक्रिया जारी है। विदेश में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन महत्वपूर्ण होता है।

पुलिस का प्रयास है कि विदेश में बैठकर आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले लोगों और उनके स्थानीय नेटवर्क पर शिकंजा कसा जाए। इसके लिए पुलिस और एसटीएफ की ओर से कार्रवाई जारी है।

भर्ती, तकनीक और बुनियादी ढांचे पर एक साथ ध्यान

पुलिस शहीदी दिवस के अवसर पर डीजीपी ने पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने के लिए भर्ती, आधुनिकीकरण, साइबर अपराध नियंत्रण, आपातकालीन सेवाओं और आवासीय सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। सरकार की योजना के अनुसार, वर्ष 2030 तक 28 हजार जवानों की भर्ती और वर्ष 2030-31 तक बुनियादी ढांचे पर 4,430 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है।

इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से पुलिस बल में कर्मचारियों की उपलब्धता, तकनीकी क्षमता और कार्यस्थलों की सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं, निर्माण कार्यों और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी जरूरी होगी।