हरियाणा में मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को गति देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं इस प्रक्रिया में भाग लिया। बुधवार को नारायणगढ़ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र से संबंधित गणना प्रपत्र (Enumeration Form) भरकर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे समय रहते अपने मतदाता संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कराएं और मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन या अपडेट अवश्य करवाएं।
मुख्यमंत्री का यह कदम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे मतदाता जागरूकता अभियान को मजबूत करने का एक संदेश भी माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि लोकतंत्र की सफलता केवल मतदान प्रतिशत बढ़ाने से नहीं होती, बल्कि इसके लिए यह भी जरूरी है कि मतदाता सूची पूरी तरह सही, अद्यतन और त्रुटिरहित हो।
लोकतंत्र की मजबूत नींव है सही मतदाता सूची
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों पर आधारित होती है। निष्पक्ष चुनाव तभी संभव हैं जब मतदाता सूची में केवल पात्र नागरिकों के नाम दर्ज हों और किसी प्रकार की त्रुटि, दोहराव या अपात्र प्रविष्टि न हो।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग समय-समय पर विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाता है ताकि नई आयु पूरी करने वाले नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा सकें, स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से आवश्यक संशोधन किए जा सकें तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके। इससे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता दोनों मजबूत होती हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने मतदाता संबंधी विवरण की जांच करे और यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे समय रहते ठीक करवाए।
नारायणगढ़ में स्वयं भरा गणना प्रपत्र
मुख्यमंत्री ने नारायणगढ़ स्थित रेस्ट हाउस में अपने विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 129 से संबंधित गणना प्रपत्र स्वयं भरा। उन्होंने सभी आवश्यक जानकारियां सावधानीपूर्वक दर्ज कीं और इसके बाद यह प्रपत्र संबंधित बूथ लेवल अधिकारी राकेश कुमार को सौंप दिया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को स्वयं आगे आकर ऐसी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेना चाहिए ताकि आम नागरिक भी प्रेरित हों और निर्वाचन आयोग के अभियान में सक्रिय सहयोग दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित होती है तो मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया जा सकता है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर चलाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन बनाना और चुनावों से पहले सभी आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना होता है।
इस अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं—
- नए पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ना।
- स्थान परिवर्तन होने पर पता अपडेट करना।
- मृत या अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाना।
- नाम, आयु या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में सुधार करना।
- दोहरी प्रविष्टियों की पहचान कर उन्हें हटाना।
- मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया में नागरिकों का सहयोग सबसे अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि सही जानकारी उपलब्ध होने पर ही मतदाता सूची पूरी तरह सटीक बन सकती है।
नागरिकों से समय पर प्रक्रिया पूरी करने की अपील
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें। यदि किसी का नाम मतदाता सूची में नहीं है, किसी जानकारी में त्रुटि है या किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क करे।
उन्होंने कहा कि समय पर गणना प्रपत्र भरने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने से भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। कई बार लोग अंतिम समय तक इंतजार करते हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसलिए सभी नागरिक समय रहते आवश्यक कार्यवाही पूरी करें।
मतदान अधिकार के साथ जिम्मेदारी भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं बल्कि लोकतंत्र के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी भी है। यह जिम्मेदारी तभी पूरी होती है जब व्यक्ति का नाम सही तरीके से मतदाता सूची में दर्ज हो।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को चाहिए कि वह केवल अपना नाम ही जांचने तक सीमित न रहे बल्कि अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास रहने वाले अन्य पात्र लोगों को भी इस अभियान में भाग लेने के लिए प्रेरित करे।
यदि कोई युवा हाल ही में मतदान की पात्र आयु पूरी कर चुका है तो उसे भी अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
बीएलओ की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बीएलओ निर्वाचन प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं क्योंकि वे सीधे नागरिकों के संपर्क में रहते हैं।
उन्होंने कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करते हैं, आवश्यक जानकारी एकत्रित करते हैं तथा मतदाता सूची को अद्यतन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान किसी भी पात्र नागरिक को जानकारी के अभाव में वंचित नहीं रहने दिया जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां लोगों को आवेदन प्रक्रिया समझाई जाए और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाए।
निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा अपनाई जा रही पारदर्शी प्रक्रिया लोकतंत्र को और मजबूत बनाती है। यदि मतदाता सूची पूरी तरह सही होगी तो मतदान प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ स्तर पर निष्पक्षता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाना चाहिए। इससे चुनावों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुनरीक्षण अभियान की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी किसी प्रकार की समस्या सामने आए, उसका समय रहते समाधान किया जाए।
जागरूकता अभियान को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री के स्वयं गणना प्रपत्र भरने को राजनीतिक विश्लेषक मतदाता जागरूकता अभियान के लिए सकारात्मक संदेश मान रहे हैं। इससे आम लोगों में यह संदेश जाता है कि मतदाता सूची को अद्यतन रखना केवल निर्वाचन आयोग या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व भी है।
सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना है ताकि भविष्य में होने वाले चुनावों के दौरान किसी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा 18 वर्ष की आयु पूरी कर मतदान के पात्र बनते हैं। ऐसे सभी युवाओं को समय पर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि नए मतदाता अधिक से अधिक संख्या में इस प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
तकनीक का भी लिया जा रहा सहयोग
निर्वाचन आयोग लगातार डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल रिकॉर्ड और सत्यापन प्रणाली के माध्यम से नागरिकों के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं का भी उपयोग करें और आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों से सहायता प्राप्त करें।
सभी पात्र नागरिकों से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंत में प्रदेशवासियों से एक बार फिर अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि समय पर गणना प्रपत्र भरना, आवश्यक दस्तावेज जमा करना और अपने परिवार के अन्य पात्र सदस्यों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नागरिकों, निर्वाचन आयोग और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से हरियाणा की मतदाता सूची अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनेगी। इससे भविष्य में होने वाले चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को और मजबूती मिलेगी तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का भरोसा और अधिक मजबूत होगा।




