पंचकूला में पंजाब भाजपा की दो दिवसीय मंथन बैठक शुरू हो गई है। बैठक में हाल ही में संपन्न हुई ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ और जालंधर में आयोजित उसके समापन कार्यक्रम के जमीनी प्रभाव की समीक्षा की जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष विशेष रूप से बैठक में पहुंचे हैं। पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
बैठक में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पंजाब की प्रदेश सह-प्रभारी अलका गुर्जर और प्रदेश महासचिव (संगठन) मंत्री श्रीनिवासुलु भी मौजूद हैं। इसके अलावा सभी जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और सह-प्रभारियों को भी बैठक में शामिल किया गया है। दो दिवसीय बैठक में नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान की समीक्षा के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के अनुसार, ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ के दौरान चलाए गए जनसंपर्क अभियान को लोगों से किस तरह की प्रतिक्रिया मिली, इस पर विस्तार से मंथन किया जा रहा है। यात्रा के दौरान पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोगों से सीधा संपर्क किया। इस दौरान नशे की समस्या को लेकर लोगों की चिंताओं, स्थानीय परिस्थितियों और मिले फीडबैक को बैठक में रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के साथ इस मुद्दे पर समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ना था। अब पार्टी यह आकलन कर रही है कि अभियान के दौरान बने जनसंपर्क को आगे किस तरह लगातार चलने वाली गतिविधियों में बदला जा सकता है।
117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंची यात्रा
भाजपा ने ‘भाजपा का नारा-नशा मिटाना सारा’ के बैनर तले 18 से 30 सितंबर तक ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ निकाली थी। पार्टी के अनुसार, 13 दिनों तक चले इस अभियान के दौरान यात्राएं पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचीं और करीब 4000 किलोमीटर की दूरी तय की गई।
अभियान के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जिलों में लोगों से संपर्क किया। स्थानीय स्तर पर बैठकों, जनसंपर्क कार्यक्रमों और संवाद के जरिए नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया गया। पार्टी ने इस अभियान को केवल राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय सामाजिक आंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया था।
यात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने नशे से प्रभावित परिवारों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी समझने का प्रयास किया। विभिन्न क्षेत्रों से मिले फीडबैक को अब संगठनात्मक बैठक में संकलित किया जा रहा है। भाजपा नेतृत्व का जोर इस बात पर है कि अभियान के दौरान लोगों के साथ स्थापित संपर्क को आगे भी कायम रखा जाए।
जालंधर की समापन रैली पर भी चर्चा
30 सितंबर को जालंधर में यात्रा के समापन अवसर पर विशाल रैली आयोजित की गई थी। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे। समापन कार्यक्रम में भाजपा ने नशे के मुद्दे को लेकर अपनी आगे की रणनीति भी सामने रखी थी।
अमित शाह ने घोषणा की थी कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 तक राज्य को नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा जाएगा। अब पंचकूला में हो रही बैठक में इस अभियान और समापन रैली के दौरान मिले जनसमर्थन के साथ-साथ इसके जमीनी प्रभाव पर चर्चा की जा रही है।
पार्टी पदाधिकारियों से यह भी जानकारी ली जा रही है कि यात्रा के दौरान किन क्षेत्रों में लोगों की भागीदारी अधिक रही और किन इलाकों में नशे से जुड़े स्थानीय मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। इसके आधार पर आने वाले समय के लिए संगठनात्मक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
जिला अध्यक्षों से लिया जा रहा फीडबैक
बैठक में पंजाब के सभी जिलों के संगठनात्मक कामकाज की भी समीक्षा की जा रही है। जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और सह-प्रभारियों से उनके क्षेत्रों की स्थिति का फीडबैक लिया जा रहा है। संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और विधानसभा स्तर पर गतिविधियों को तेज करने पर चर्चा हो रही है।
भाजपा नेतृत्व की कोशिश है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी का संगठन अधिक सक्रिय रहे। इसके लिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका, स्थानीय जनसंपर्क और नियमित संगठनात्मक कार्यक्रमों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक में यह भी देखा जा रहा है कि अलग-अलग जिलों में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति कैसी है और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयास की जरूरत है। जिला स्तर के पदाधिकारियों से स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर सुझाव लिए जा रहे हैं।
आगामी चुनाव की तैयारियों पर भी नजर
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा की इस बैठक को संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नशे के मुद्दे पर राज्यव्यापी अभियान के बाद अब पार्टी अपने संगठन को चुनावी स्तर पर सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बैठक में विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनसंपर्क अभियानों को लेकर भी चर्चा की जा रही है। पार्टी की योजना है कि आने वाले समय में स्थानीय मुद्दों को लेकर लोगों के बीच नियमित संपर्क बढ़ाया जाए।
भाजपा के लिए नशे का मुद्दा पंजाब में प्रमुख विषयों में शामिल रहा है। ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ के जरिए पार्टी ने इस मुद्दे को राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने का प्रयास किया। अब मंथन बैठक में यह तय करने पर जोर है कि यात्रा के दौरान तैयार हुआ माहौल और लोगों से मिला फीडबैक आगे की संगठनात्मक गतिविधियों में किस तरह इस्तेमाल किया जाए।
यात्रा के बाद अब निरंतर अभियान की तैयारी
पंजकूला में चल रही बैठक में एक ओर नशामुक्त पंजाब यात्रा के अनुभवों और जालंधर की समापन रैली की समीक्षा हो रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी की आगामी रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है। 4000 किलोमीटर की यात्रा और 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने के बाद भाजपा अब अभियान को केवल एक यात्रा तक सीमित नहीं रखना चाहती।
पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा में जमीनी स्तर पर जनसंपर्क को जारी रखने, नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने और स्थानीय संगठन को सक्रिय रखने पर जोर दिया जा रहा है। जिला स्तर से मिले फीडबैक के आधार पर आने वाले महीनों में कार्यक्रमों की दिशा तय की जाएगी।
दो दिवसीय मंथन बैठक के जरिए भाजपा नेतृत्व संगठन की तैयारियों का आकलन करने के साथ आगामी चुनावी रणनीति के लिए आधार तैयार कर रहा है। नशामुक्त पंजाब यात्रा के बाद अब पार्टी का फोकस इस अभियान से मिले जनसंपर्क और फीडबैक को संगठन की नियमित गतिविधियों से जोड़ने पर है।




