पंजाब में सिंचाई क्रांति का अगला चरण, हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 7,000 किमी नई पाइपलाइन बिछाएगी पंजाब सरकार

पंजाब में सिंचाई क्रांति का अगला चरण, हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 7,000 किमी नई पाइपलाइन बिछाएगी पंजाब सरकार

पंजाब में सिंचाई नेटवर्क के विस्तार का ऐलान, साल के अंत तक 7,000 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाने की तैयारी

पंजाब सरकार ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि किसानों को नहरी पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्ष के अंत तक राज्यभर में 7,000 किलोमीटर नई सिंचाई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों के दौरान सरकार पहले ही 14,000 किलोमीटर लंबा पाइपलाइन नेटवर्क तैयार कर चुकी है और अब इस अभियान को अगले चरण में ले जाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा मोगा जिले के भल्लूर गांव में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक खेत तक नहरी पानी पहुंचाना है, ताकि किसानों की सिंचाई के लिए भूमिगत जल पर निर्भरता कम हो और कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

चार वर्षों में बिछा 14 हजार किलोमीटर नेटवर्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया है। इस अवधि में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गई हैं तथा विभिन्न क्षेत्रों में सिंचाई के लिए नए खालों का भी निर्माण कराया गया है।

उन्होंने बताया कि इन पाइपलाइनों और सिंचाई ढांचे के माध्यम से अब तक 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है, जिससे किसानों की सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिली है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस वर्ष प्रस्तावित 7,000 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइनें तैयार होने के बाद नहरी सिंचाई का दायरा और अधिक बढ़ जाएगा।

अधिक कृषि भूमि तक पहुंचा नहरी पानी

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राज्य की लगभग 80 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि तक नहरी पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने कहा कि पहले कई क्षेत्रों में किसान केवल ट्यूबवेल और भूमिगत जल पर निर्भर थे, लेकिन अब नहर आधारित सिंचाई के विस्तार से उन्हें पर्याप्त मात्रा में सतही जल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे खेती की लागत कम होने के साथ-साथ भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

भूजल संरक्षण के लिए बनाए जा रहे रिचार्ज प्वाइंट

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल नहरी सिंचाई का विस्तार ही नहीं कर रही, बल्कि भूजल स्तर में सुधार के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि नहरों और नदियों के आसपास विभिन्न स्थानों पर वाटर रिचार्ज प्वाइंट विकसित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य वर्षा और नहरों के अतिरिक्त पानी को जमीन में पहुंचाकर भूजल स्तर को बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिला है और कई क्षेत्रों में जलस्तर दो से चार मीटर तक बेहतर हुआ है।

किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता देने का दावा

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए नहरी पानी की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है और इसी उद्देश्य से राज्यभर में सिंचाई ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नहरों का आधुनिकीकरण, पाइपलाइन बिछाना और जल संरक्षण संबंधी परियोजनाएं राज्य की कृषि नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

विपक्षी दलों पर साधा निशाना

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता द्वारा अस्वीकार किए गए राजनीतिक दल अब उनकी सरकार की कार्यशैली का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए विभिन्न मुद्दों पर एकजुट होकर सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य की जनता विकास कार्यों को देख रही है और पिछले वर्षों में किए गए कार्यों के आधार पर ही सरकार का समर्थन कर रही है।

अकाली दल पर लगाए आरोप

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में शिरोमणि अकाली दल और उसके नेतृत्व की भी आलोचना की।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय सिंचाई व्यवस्था को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया और किसानों की वास्तविक जरूरतों की अनदेखी की गई। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार राज्य के प्रत्येक किसान तक नहरी पानी पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बेअदबी के मामलों और पूर्व सरकारों के शासनकाल से जुड़े विभिन्न मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए अकाली नेतृत्व पर राजनीतिक आरोप लगाए।

सुखबीर बादल पर भी किया कटाक्ष

मुख्यमंत्री ने सुखबीर सिंह बादल का नाम लेते हुए कहा कि विपक्ष वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने विधानसभा में अकाली दल की स्थिति और हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए विपक्ष की आलोचना की।

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दल उनके खिलाफ दुष्प्रचार करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता ऐसे प्रयासों को समझ रही है।

एसजीपीसी के मुद्दे का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति से जुड़े हालिया घटनाक्रम का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक प्रेरित हैं और जनता वास्तविक तथ्यों से परिचित है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि लोगों का समर्थन उनकी सरकार के विकास कार्यों के कारण लगातार बढ़ रहा है।

कांग्रेस पर भी बोला हमला

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान कांग्रेस पार्टी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास राज्य के विकास के लिए कोई स्पष्ट दृष्टि नहीं है और वह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है।

उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर लगातार काम कर रही है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक मुद्दों को उछालने में लगा हुआ है।

सिंचाई परियोजनाओं पर रहेगा सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में सिंचाई परियोजनाओं को और गति दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि वर्ष के अंत तक 7,000 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।

सरकार का मानना है कि नहरी पानी का विस्तार, भूजल संरक्षण और सिंचाई अवसंरचना को मजबूत बनाने से किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। साथ ही खेती की लागत कम होगी, भूमिगत जल का दोहन घटेगा और कृषि क्षेत्र अधिक टिकाऊ एवं जल संरक्षण आधारित मॉडल की ओर आगे बढ़ सकेगा।