मोगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि राज्य की जनता ने आम आदमी पार्टी (आप) को लगातार दूसरी बार सत्ता सौंपने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकार द्वारा किए गए जनहितैषी कार्यों, पारदर्शी शासन और लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के कारण जनता का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें धरातल पर उतारने का प्रयास किया है और इसी वजह से लोगों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
मोगा जिले के ऐतिहासिक गांव चड़िक में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, नहरी सिंचाई व्यवस्था का विकास, युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां और शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों ने पंजाब की तस्वीर बदलने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि इन पहलों के कारण विपक्षी दलों की राजनीति कमजोर पड़ गई है और जनता अब विकास की राजनीति के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ का आभार जताते हुए कहा कि लोगों का यह स्नेह और विश्वास सरकार के प्रति उनकी संतुष्टि को दर्शाता है। उन्होंने गांव चड़िक के विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये की विशेष ग्रांट देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों को 100 नए आम आदमी क्लीनिक समर्पित किए। उन्होंने बताया कि इन नए क्लीनिकों के शुरू होने के बाद पूरे पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों की संख्या बढ़कर 1,090 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्लीनिकों के माध्यम से लोगों को उनके घरों के नजदीक मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं घोषित करना नहीं, बल्कि उनका लाभ आम नागरिक तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब के 90 प्रतिशत घरों को शून्य बिजली बिल मिल रहा है, जिससे लाखों परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। उन्होंने दावा किया कि किसानों को पहली बार धान सीजन के दौरान दिन में निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती करना आसान हुआ है और उत्पादन लागत भी कम हुई है।
सिंचाई व्यवस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में पंजाब अपने नहरी पानी का केवल 22 प्रतिशत उपयोग कर पा रहा था, लेकिन सरकार के प्रयासों से यह आंकड़ा बढ़कर 88 प्रतिशत से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे गांव हैं जहां लोगों ने दशकों बाद पहली बार नहरों में पानी बहता देखा है। पहले किसानों को सिंचाई के लिए पूरी तरह ट्यूबवेल और भूजल पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब नहरों के माध्यम से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 14 हजार किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और नहरों के खाल विकसित किए हैं, जिनके माध्यम से 21 हजार क्यूसेक पानी खेतों तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भूजल संरक्षण की दिशा में भी सरकार को सफलता मिली है और विभिन्न क्षेत्रों में जलस्तर दो से चार मीटर तक ऊपर आया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पंजाब नहरी सिंचाई के क्षेत्र में सौ प्रतिशत लक्ष्य हासिल करेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि पंजाब के पानी की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और पंजाब के जल संसाधनों का उपयोग सबसे पहले राज्य के किसानों और लोगों के हित में किया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू कर प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया है। उन्होंने दावा किया कि यह देश की अपनी तरह की पहली योजना है, जिसमें आय की कोई सीमा नहीं रखी गई है और राज्य का प्रत्येक परिवार इसका लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक के कैशलेस उपचार किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत मिली है।
महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ सरकार की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक योजनाओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह ₹1,000 तथा अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम है।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 68 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी सिफारिश और बिना भ्रष्टाचार के केवल योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें राज्य के विकास में सहभागी बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के टैक्स का पैसा पूरी ईमानदारी से जनकल्याण कार्यों पर खर्च कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में 19 टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों की जेब में प्रतिदिन लगभग 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि यही पैसा अब लोगों के पास रहकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 49 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण और मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब की राजनीति में विपक्ष पूरी तरह बिखर चुका है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के पास न तो कोई स्पष्ट नेतृत्व है और न ही जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस एजेंडा। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद विपक्षी दल केवल सरकार की आलोचना तक सीमित रह गए हैं, जबकि जनता विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।
अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण मिला, जिससे पंजाब की एक पूरी पीढ़ी प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और युवाओं को सुरक्षित भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर लगातार गुटबाजी चल रही है और उसके पास पंजाब के विकास का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल सत्ता हासिल करने के लिए एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता उनके इरादों को समझ चुकी है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए ‘जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कानून को पूरी कानूनी प्रक्रिया और विशेषज्ञों की सलाह के बाद तैयार किया गया है ताकि भविष्य में इसमें किसी प्रकार की कानूनी कमजोरी न रहे। उनका कहना था कि इस कानून के लागू होने से बेअदबी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और दोषियों को कड़ी सजा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का काम करने का तरीका पूर्ववर्ती सरकारों से पूरी तरह अलग है। उन्होंने दावा किया कि पहले सत्ता में बैठे नेता जनता से दूर रहते थे, जबकि उनकी सरकार सीधे लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रही है। उन्होंने कहा कि ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम इसी सोच का हिस्सा हैं, जहां आम नागरिक बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोग अब विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं और विकास कार्यों के कारण राज्य में सकारात्मक बदलाव आया है और यही बदलाव वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि सरकार का एकमात्र लक्ष्य पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत, सामाजिक रूप से समृद्ध और हर वर्ग के लिए बेहतर अवसरों वाला राज्य बनाना है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार जनता के विश्वास पर खरी उतरने के लिए पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।




