मोहाली। पंजाब की धरती सदियों से अलग-अलग धर्मों, समुदायों और संस्कृतियों के बीच आपसी सम्मान, मेल-जोल और भाईचारे की मिसाल रही है। इसी सांझी विरासत और सामाजिक एकता की भावना को केंद्र में रखते हुए मोहाली स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में चर्चित नाट्य प्रस्तुति ‘हमारे राम’ का विशेष मंचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरकत की और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि कला और रंगमंच समाज को जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी पहचान केवल इसकी भौगोलिक या ऐतिहासिक विरासत नहीं है, बल्कि यहां के लोगों के बीच मौजूद आपसी प्रेम और सद्भाव भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग लंबे समय से एक-दूसरे के त्योहारों, परंपराओं और मान्यताओं का सम्मान करते हुए साथ रहते आए हैं। यही सामाजिक समरसता पंजाब की सबसे बड़ी ताकत है और इसे किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं पड़ने देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज तेजी से बदल रहा है, तब सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। रंगमंच, साहित्य, संगीत और कला के माध्यम से नई पीढ़ी को देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ा जा सकता है। ‘हमारे राम’ जैसी प्रस्तुतियां इसी दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं, क्योंकि ये दर्शकों को केवल मनोरंजन नहीं देतीं, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और मानवीय मूल्यों से भी परिचित कराती हैं।
मुख्यमंत्री ने कलाकारों के अभिनय और मंचन की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे नाटकों के माध्यम से देश की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आधुनिक दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राम की कथा भारतीय समाज और संस्कृति में लंबे समय से विभिन्न रूपों में मौजूद रही है और इसके अलग-अलग पहलुओं को रंगमंच के जरिए प्रस्तुत करना लोगों को मानवीय मूल्यों पर विचार करने का अवसर देता है।
कार्यक्रम के दौरान ‘हमारे राम’ की प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने संवाद, अभिनय, मंच सज्जा और प्रस्तुति शैली के माध्यम से कहानी को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की और पूरे आयोजन के दौरान उत्साह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की सांस्कृतिक पहचान बहुआयामी है। यहां अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं ने समय के साथ एक-दूसरे को प्रभावित किया है। यही कारण है कि पंजाब का समाज विविधता में एकता की मजबूत तस्वीर पेश करता है। उन्होंने कहा कि इस विरासत को केवल किताबों और इतिहास तक सीमित रखने के बजाय उसे सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से जीवंत बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के सामने आज शिक्षा और तकनीक के साथ-साथ मनोरंजन के भी कई आधुनिक साधन उपलब्ध हैं। ऐसे में युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक माध्यमों का इस्तेमाल करना जरूरी है। रंगमंच इस काम का प्रभावी माध्यम हो सकता है, क्योंकि मंच पर प्रस्तुत की जाने वाली कहानियां दर्शकों के साथ भावनात्मक संबंध स्थापित करती हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ‘हमारे राम’ की यह प्रस्तुति केवल मोहाली तक सीमित नहीं रहने वाली है। पंजाब के अन्य शहरों में भी इस नाटक का मंचन किया जाएगा। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, फिरोजपुर, खन्ना, बठिंडा और होशियारपुर में भी दर्शकों को इस नाट्य प्रस्तुति को देखने का अवसर मिलेगा। सरकार और आयोजकों का उद्देश्य है कि प्रदेश के अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि बड़े शहरों के साथ-साथ पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होने से स्थानीय कलाकारों और दर्शकों दोनों को फायदा होता है। इससे प्रदेश में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है और लोगों को अपनी कला एवं विरासत के साथ जुड़ने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की सांस्कृतिक विरासत बेहद समृद्ध है। यहां लोक संगीत, लोक नृत्य, साहित्य, रंगमंच, धार्मिक परंपराएं और ऐतिहासिक धरोहरें समाज की सामूहिक पहचान का हिस्सा हैं। इन सभी परंपराओं को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि संस्कृति किसी एक समुदाय की संपत्ति नहीं होती। यह समाज के सभी वर्गों की साझा धरोहर होती है। पंजाब में विभिन्न धार्मिक परंपराओं के बीच जो सम्मान और सहयोग रहा है, वही प्रदेश को विशिष्ट बनाता है। इस भावना को मजबूत करने के लिए लगातार ऐसे आयोजनों की जरूरत है, जिनमें लोग एक साथ बैठें, कला का आनंद लें और एक-दूसरे की सांस्कृतिक परंपराओं को समझें।
‘हमारे राम’ की प्रस्तुति को इसी व्यापक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति की अनेक कथाओं में मानवता, कर्तव्य, त्याग, प्रेम और नैतिकता जैसे मूल्यों को महत्व दिया गया है। इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में रंगमंच महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद करते हैं। जब लोग कला और साहित्य के माध्यम से एक-दूसरे की परंपराओं को समझते हैं तो आपसी दूरी कम होती है और संवाद बढ़ता है। यही संवाद सामाजिक सद्भाव की नींव को मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री ने पंजाब के लोगों से भी अपील की कि वे प्रदेश की भाईचारे की परंपरा को मजबूत बनाए रखें। उन्होंने कहा कि धार्मिक पहचान अलग हो सकती है, लेकिन समाज के रूप में सभी लोगों की जिम्मेदारी एक-दूसरे का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश को शांति, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया है और आने वाली पीढ़ियों को भी यही विरासत सौंपनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कला और संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने से कलाकारों को मंच मिलता है और समाज में सकारात्मक विचारों को बढ़ावा मिलता है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को भी अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने के अवसर मिलते हैं।
मोहाली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने कलाकारों और आयोजकों का उत्साह भी बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों से बातचीत की और उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी नाट्य प्रस्तुति को सफल बनाने में कलाकारों के साथ-साथ पर्दे के पीछे काम करने वाली पूरी टीम का योगदान होता है।
‘हमारे राम’ के आगामी मंचनों को लेकर भी पंजाब के विभिन्न शहरों में उत्सुकता देखने को मिल सकती है। अमृतसर जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक शहर से लेकर लुधियाना और जालंधर जैसे बड़े शहरी केंद्रों तथा बठिंडा, फिरोजपुर, खन्ना और होशियारपुर जैसे शहरों तक इस प्रस्तुति को पहुंचाने का उद्देश्य अधिक से अधिक दर्शकों को इससे जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की सांझी संस्कृति को केवल सरकारी कार्यक्रमों के जरिए नहीं बचाया जा सकता। इसके लिए कलाकारों, शिक्षाविदों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भी भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब समाज खुद अपनी सांस्कृतिक विरासत को संभालने के लिए आगे आता है तो उसका प्रभाव लंबे समय तक कायम रहता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। नई तकनीक और बदलती जीवनशैली के बीच युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहें, इसके लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों को नए तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। रंगमंच ऐसी ही एक विधा है, जो परंपरागत कथाओं को आधुनिक दर्शकों के सामने नए अंदाज में पेश कर सकती है।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद दर्शकों ने भी प्रस्तुति को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कलाकारों के अभिनय और मंचन ने दर्शकों को कहानी से जोड़े रखा। आयोजन में सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुख रूप से दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पंजाब भविष्य में भी देश के सामने सामाजिक सद्भाव की मजबूत मिसाल पेश करता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ताकत उसकी विविधता में है और इसी विविधता को सम्मान देते हुए समाज को आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान खेतों, उद्योगों, संगीत और खेलों के साथ-साथ उसके भाईचारे से भी है। यहां के लोगों ने कई कठिन दौर में भी एक-दूसरे का साथ दिया है। इसलिए सामाजिक एकता को बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि वे समाज को बिना किसी राजनीतिक या सामाजिक विभाजन के एक मंच पर ला सकते हैं। एक ही प्रस्तुति को अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग साथ बैठकर देखते हैं और कला के माध्यम से साझा अनुभव हासिल करते हैं। यही अनुभव आपसी समझ और सम्मान को मजबूत करता है।
‘हमारे राम’ की विशेष प्रस्तुति ने इसी भावना को सामने रखने का प्रयास किया। मोहाली से शुरू हुई यह सांस्कृतिक पहल अब पंजाब के कई शहरों तक पहुंचेगी। इससे न केवल दर्शकों को एक चर्चित नाट्य प्रस्तुति देखने का अवसर मिलेगा, बल्कि प्रदेश में रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, एमिटी यूनिवर्सिटी मोहाली में आयोजित ‘हमारे राम’ का मंचन पंजाब की सांझी संस्कृति, धार्मिक सद्भाव और सामाजिक भाईचारे के संदेश के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जहां कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की, वहीं उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाए रखना सभी वर्गों की जिम्मेदारी है। आने वाले दिनों में अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, फिरोजपुर, खन्ना, बठिंडा और होशियारपुर में होने वाली प्रस्तुतियों से इस संदेश को प्रदेश के और अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।




