हरियाणा में सफाई कर्मियों के लिए राहत का ऐलान, पालिका रोल कर्मचारियों को हर माह मिलेगा ₹2 हजार जोखिम भत्ता

हरियाणा में सफाई कर्मियों के लिए राहत का ऐलान, पालिका रोल कर्मचारियों को हर माह मिलेगा ₹2 हजार जोखिम भत्ता

ड्यूटी पर नियमित रहने वाले कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, हड़ताल पर चल रहे कर्मियों को वापसी के बाद ही योजना में किया जाएगा शामिल

हरियाणा सरकार ने सफाई कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए रिस्क अलाउंस लागू करने के औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार के इस फैसले के बाद नगरपालिकाओं के पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को अब हर महीने 2,000 रुपये का जोखिम भत्ता मिलेगा। सफाई कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से उठाई जा रही मांगों में यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि सफाई कर्मचारियों को अपने काम के दौरान कई तरह के जोखिमों और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह रिस्क अलाउंस पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों के लिए लागू होगा। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन के अतिरिक्त 2,000 रुपये प्रतिमाह की राशि जोखिम भत्ते के रूप में दी जाएगी। इस निर्णय से उन कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा, जो नगर निकायों में सफाई व्यवस्था से जुड़े काम कर रहे हैं।

बैठक में किया गया था आश्वासन

रिस्क अलाउंस को लेकर सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कर्मचारियों को इसे लागू करने का आश्वासन दिया था। अब सरकार ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करके उस आश्वासन को अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से यह कदम सफाई कर्मचारियों के साथ बातचीत के बाद उठाया गया है। सफाई व्यवस्था में सीधे तौर पर काम करने वाले कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों को देखते हुए रिस्क अलाउंस की मांग लंबे समय से उठती रही है। अब 2,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त राशि मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव की जगह लागू होगा भत्ता

सरकार के फैसले की एक अहम बात यह है कि रिस्क अलाउंस को परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव के स्थान पर तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। यानी कर्मचारियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब रिस्क अलाउंस की व्यवस्था की गई है।

हालांकि, इस लाभ को कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी से जोड़ा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रिस्क अलाउंस का लाभ उन्हीं सफाई कर्मचारियों को मिलेगा, जो नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर उपस्थित होकर काम करेंगे। इसका मतलब है कि केवल पालिका रोल पर कर्मचारी होना ही इस अतिरिक्त राशि को पाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कर्मचारी की नियमित कार्य उपस्थिति भी महत्वपूर्ण होगी।

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के लिए भी स्पष्ट शर्त

वर्तमान में हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों को लेकर भी सरकार ने आदेश में स्थिति स्पष्ट कर दी है। ऐसे कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस का लाभ तभी मिल सकेगा, जब वे हड़ताल समाप्त कर दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौटेंगे।

सरकार के निर्णय के अनुसार हड़ताल की अवधि के दौरान कर्मचारियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। ड्यूटी पर वापसी के बाद ही वे रिस्क अलाउंस की पात्रता के दायरे में आएंगे। इस शर्त को सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच चल रहे संवाद के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नगरपालिकाओं के अपने फंड से होगा भुगतान

रिस्क अलाउंस के भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित नगरपालिकाओं की होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2,000 रुपये प्रतिमाह की राशि का भुगतान नगरपालिकाओं को अपने उपलब्ध फंड से करना होगा। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से नगरपालिकाओं को अलग से कोई अतिरिक्त अनुदान नहीं दिया जाएगा।

इसके अलावा इस मद में सरकार की ओर से नगरपालिकाओं को किसी तरह का अतिरिक्त लोन भी उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। यानी रिस्क अलाउंस की पूरी वित्तीय व्यवस्था संबंधित नगर निकायों को अपने स्तर पर करनी होगी। इससे नगरपालिकाओं के मौजूदा वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आएगी।

सफाई कर्मचारियों की मांग को मिला संस्थागत रूप

सरकार के इस निर्णय को सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को औपचारिक रूप से मान्यता मिलने के तौर पर देखा जा रहा है। सफाई कर्मचारियों का काम नगर निकायों की दैनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शहरों में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने में इन कर्मचारियों की सीधी भूमिका रहती है।

ऐसे में सरकार द्वारा जोखिम भत्ते की व्यवस्था किए जाने से कर्मचारियों के आर्थिक हितों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासकर पालिका रोल पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए हर महीने 2,000 रुपये की अतिरिक्त राशि उनकी आय में सीधा इजाफा करेगी।

उपस्थिति और काम पर रहेगा फोकस

रिस्क अलाउंस को नियमित ड्यूटी से जोड़ने के पीछे सरकार का जोर कर्मचारियों की कार्य उपस्थिति पर भी है। आदेश के अनुसार जो कर्मचारी नियमित रूप से काम करेंगे, उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। इससे नगरपालिकाओं में सफाई व्यवस्था को नियमित बनाए रखने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा सकता है।

वहीं, हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों को लाभ से बाहर रखने की शर्त के कारण सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि वित्तीय लाभ को ड्यूटी और कार्य निष्पादन से जोड़ा जाएगा। कर्मचारियों के ड्यूटी पर लौटने के बाद ही उन्हें इस व्यवस्था का लाभ मिल पाएगा।

निकायों को अपने संसाधनों का करना होगा प्रबंधन

रिस्क अलाउंस के लिए अतिरिक्त सरकारी अनुदान या ऋण नहीं दिए जाने के कारण अब संबंधित नगरपालिकाओं को अपने फंड का प्रबंधन करना होगा। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि पात्र सफाई कर्मचारियों को निर्धारित 2,000 रुपये प्रतिमाह का भुगतान समय पर किया जा सके।

इस व्यवस्था से नगर निकायों के वित्तीय प्रबंधन की भूमिका भी अहम हो जाएगी। संबंधित नगरपालिका अपने उपलब्ध संसाधनों के आधार पर इस अतिरिक्त भुगतान की व्यवस्था करेगी। सरकार ने इस मद के लिए अलग से कोई वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान नहीं किया है।

सरकार के फैसले से क्या बदलेगा

हरियाणा सरकार के इस फैसले से पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को हर महीने नियमित वेतन के अतिरिक्त 2,000 रुपये का रिस्क अलाउंस मिलेगा। हालांकि, इसके लिए नियमित ड्यूटी पर उपस्थित रहना जरूरी होगा। हड़ताल पर चल रहे कर्मचारी ड्यूटी पर लौटने के बाद ही इसका लाभ हासिल कर सकेंगे।

कुल मिलाकर सरकार का यह निर्णय सफाई कर्मचारियों के आर्थिक हितों से जुड़ा अहम कदम है। एक तरफ जहां कर्मचारियों को जोखिम भत्ते के रूप में अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर इसके लिए नियमित उपस्थिति की शर्त रखी गई है। सरकार ने इस व्यवस्था का वित्तीय भार संबंधित नगरपालिकाओं पर रखा है और स्पष्ट किया है कि इसके लिए राज्य स्तर से कोई अतिरिक्त अनुदान या लोन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।