नायब सैनी ने कहा- सिखों के लिए दस्तार केवल पहनावा नहीं, गुरुओं की दी हुई परंपरा और सम्मान का प्रतीक
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पगड़ी से जुड़े बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सोमवार को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास ‘संत कबीर कुटीर’ में कई नेताओं को भारतीय जनता पार्टी में शामिल कराने के बाद मीडिया से बातचीत में सैनी ने कहा कि पगड़ी को लेकर भगवंत मान की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सिख समाज के लिए पगड़ी महज सिर पर बांधा जाने वाला कपड़ा नहीं, बल्कि गुरुओं से मिली परंपरा, सम्मान, श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिख समुदाय के लिए दस्तार का भावनात्मक और धार्मिक महत्व है। इसे किसी भी राजनीतिक टिप्पणी या विवाद के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान ने पगड़ी को लेकर टिप्पणी करके न केवल एक धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई है, बल्कि पंजाब के लोगों का भी अपमान किया है।
सैनी ने कहा कि जिस पगड़ी को सिख समाज अपने गुरुओं की परंपरा और गौरव के रूप में देखता है, उसके बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने भगवंत मान से अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने के साथ-साथ माफी मांगने की मांग भी की।
‘हमारे लिए पगड़ी गुरुओं का सम्मान’
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पगड़ी उनके लिए और सिख समाज के लिए गहरी आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि दस्तार गुरुओं की दी हुई परंपरा है, जिसे पीढ़ियों से सम्मान के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सिखों की पहचान और उनकी परंपराओं में पगड़ी का विशेष स्थान है। इसलिए इस विषय को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी करते समय इसकी धार्मिक और भावनात्मक संवेदनशीलता को समझना जरूरी है।
सैनी ने कहा कि उनकी सरकार भी गुरुओं की शिक्षाओं और उनके दिखाए मार्ग को आधार मानकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों ने समाज को सेवा, समानता, मानवता और न्याय का संदेश दिया और इन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाना सरकारों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं की शिक्षाओं का सम्मान करना केवल किसी एक समुदाय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पंजाब और पूरे देश की साझा विरासत का सम्मान करना है।
मान से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग
नायब सिंह सैनी ने भगवंत मान से सीधे तौर पर माफी मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब के मुख्यमंत्री ने पगड़ी को लेकर ऐसा बयान दिया है, तो उन्हें उस स्थान पर जाकर माफी मांगनी चाहिए, जहां गुरु साहिबानों ने दस्तार सजाई थी।
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल या चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, पगड़ी से जुड़ी भावनाएं सिख इतिहास, गुरु परंपरा और शहादत से जुड़ी हुई हैं। इसलिए इस तरह की टिप्पणी को लेकर गंभीरता बरतना आवश्यक है।
सैनी ने कहा कि भगवंत मान को पंजाब के लोगों से भी माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बयान से पंजाब की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं और उन्हें अपने शब्दों के लिए जवाब देना चाहिए।
‘गुरुओं की शहादत से आज यहां तक पहुंचे’
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने सिख गुरुओं और उनके बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आज जिस स्थिति में खड़ा है, उसके पीछे गुरुओं और महान योद्धाओं की कुर्बानियों का बड़ा योगदान है।
उन्होंने कहा कि गुरुओं ने मानवता और धर्म की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। उनकी शहादत के कारण ही आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता, सम्मान और अपने विश्वास के साथ जीने का अधिकार मिला।
सैनी ने कहा कि आज देश के लोग जिस सम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीवन जी रहे हैं, उसके पीछे गुरुओं की महान कुर्बानियों की विरासत है। इसलिए उनके द्वारा दी गई परंपराओं और प्रतीकों का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पगड़ी इसी महान परंपरा का हिस्सा है और इसे लेकर किसी भी प्रकार की टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
भाजपा में शामिल हुए कई नेता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह बयान सोमवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास संत कबीर कुटीर पर आयोजित कार्यक्रम के बाद दिया। इस दौरान कई नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया और उन्हें संगठन के साथ मिलकर काम करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों सहित पार्टी के अन्य नेता और गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा की गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। पार्टी मालवा सहित प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अपने संगठन को मजबूत करने के लिए राजनीतिक और सामाजिक रूप से प्रभावशाली चेहरों को अपने साथ जोड़ने पर जोर दे रही है। इसी कार्यक्रम के दौरान नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री ने भगवंत मान के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज
पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है। धार्मिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में आ रहे हैं। पगड़ी से जुड़ी टिप्पणी पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रतिक्रिया भी इसी बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है।
सैनी ने अपने बयान में राजनीतिक विरोध से आगे बढ़कर पगड़ी के धार्मिक और भावनात्मक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के समर्थन अथवा विरोध का नहीं है, बल्कि गुरुओं की परंपरा से जुड़ा हुआ है।
उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन धार्मिक प्रतीकों और भावनाओं को लेकर सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी के साथ बयान देना जरूरी है।
भाजपा ने बनाया धार्मिक सम्मान का मुद्दा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की टिप्पणी से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को केवल राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर नहीं, बल्कि सिख परंपरा और सम्मान से जुड़े विषय के रूप में पेश कर रही है। उन्होंने बार-बार पगड़ी को गुरुओं की परंपरा, श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बताते हुए भगवंत मान से माफी की मांग की।
सैनी ने कहा कि पंजाब की राजनीति में सिख गुरुओं की विरासत का महत्व बेहद व्यापक है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक नेता को इस विरासत से जुड़े प्रतीकों और भावनाओं को लेकर बेहद सावधानी से अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को ऐसी टिप्पणियों से ठेस पहुंची है और मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपने बयान पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
चुनावी माहौल में बढ़ेगा सियासी तापमान
पंजाब विधानसभा चुनाव में अभी करीब छह महीने का समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा जहां संगठन के विस्तार और नए चेहरों को जोड़ने पर ध्यान दे रही है, वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच भी कई मुद्दों को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ रहा है।
ऐसे माहौल में पगड़ी जैसे संवेदनशील विषय पर नेताओं की बयानबाजी आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तीखा कर सकती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिस तरह भगवंत मान से पंजाब के लोगों और गुरुओं से माफी मांगने की मांग की है, उससे संकेत मिलता है कि भाजपा इस मुद्दे को पंजाब में राजनीतिक स्तर पर उठाने की तैयारी में है।
सैनी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई है और गुरुओं की शिक्षाएं पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इन परंपराओं और प्रतीकों का सम्मान बनाए रखना हर राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान का समापन करते हुए फिर दोहराया कि पगड़ी को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने भगवंत मान से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि गुरुओं की शहादत और उनकी दी हुई परंपराओं का सम्मान हर व्यक्ति को करना चाहिए।




