‘‘मुंद्रा पोर्ट संभाल लें तो पंजाब में नशा खत्म हो जाएगा”, सीएम मान का भाजपा पर पलटवार; विपक्ष को बताया गिद्धों की राजनीति

‘‘मुंद्रा पोर्ट संभाल लें तो पंजाब में नशा खत्म हो जाएगा”, सीएम मान का भाजपा पर पलटवार; विपक्ष को बताया गिद्धों की राजनीति

मान बोले- नशा, गैंगस्टर और संगठित अपराध के खिलाफ सरकार का अभियान जारी; जनवरी से 10 गैंगस्टरों को विदेश से लाया गया पंजाब

पंजाब में नशे और गैंगस्टरवाद को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज हो रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्षी दलों पर पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि विपक्ष के पास राज्य के विकास और भविष्य को लेकर कोई ठोस दृष्टिकोण नहीं है। इसलिए वह हर दुखद घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाकर मीडिया की सुर्खियां हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष की इस रणनीति को ‘गिद्धों वाली राजनीति’ करार देते हुए कहा कि पंजाब ऐसी राजनीति का हकदार नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार नशे, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, जबकि दूसरी ओर विपक्ष सरकार की कार्रवाई की सराहना करने के बजाय डर का माहौल बनाने में लगा है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अपराध और नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए केवल गिरफ्तारियों पर निर्भर रहने के बजाय पूरी व्यवस्था पर प्रहार करने की रणनीति अपनाई है। इसमें तस्करों की पहचान करने, नशे की सप्लाई चेन तोड़ने, अपराध से अर्जित धन के स्रोतों पर कार्रवाई करने और विदेशों में बैठे अपराधियों को वापस लाने तक की कार्रवाई शामिल है।

जनवरी से 10 गैंगस्टर विदेश से पंजाब लाए गए

भगवंत मान ने दावा किया कि राज्य सरकार की सख्ती का असर गैंगस्टर नेटवर्क पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी से अब तक 10 गैंगस्टरों को विदेशों से पंजाब वापस लाया जा चुका है। सरकार का उद्देश्य ऐसे अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाना है, जो विदेशों में बैठकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने की कोशिश कर रहे थे।

मुख्यमंत्री के मुताबिक गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई केवल स्थानीय स्तर पर गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। विदेशों में मौजूद आरोपियों की पहचान, उन्हें भारत वापस लाने और उनके नेटवर्क को कमजोर करने पर भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपराधियों को यह संदेश दे दिया है कि वे देश के किसी भी हिस्से या विदेश में छिपकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पाकिस्तान से आने वाले नशे की सप्लाई पर भी दावा

नशे के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सख्ती के चलते पाकिस्तान की तरफ से पंजाब में आने वाले करीब 80 प्रतिशत नशे की सप्लाई पर रोक लगाने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अब सरकार का ध्यान उन दूसरे रास्तों पर है, जिनके माध्यम से पंजाब में नशीले पदार्थ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

मान ने कहा कि अब गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के रास्तों से होने वाली नशे की सप्लाई पर भी शिकंजा कसा जाएगा। उनके मुताबिक पंजाब में नशे की समस्या को केवल राज्य की सीमाओं के भीतर देखकर हल नहीं किया जा सकता, क्योंकि तस्करी का नेटवर्क कई राज्यों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक फैला हुआ है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अब इन वैकल्पिक रूटों को भी निशाना बनाएगी और नशे की सप्लाई को रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी।

मुंद्रा पोर्ट को लेकर भाजपा पर सीधा हमला

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशे की तस्करी के मुद्दे पर भाजपा और केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भाजपा वहां से आने वाले नशे की सप्लाई को प्रभावी ढंग से रोक ले तो पंजाब में नशे की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है।

मान ने कहा कि पंजाब की 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का इस्तेमाल नशे की तस्करी के लिए करने की कोशिशें लगातार होती रही हैं। हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब में आने वाली खेपों पर तो राजनीतिक बयानबाजी होती है, लेकिन भाजपा शासित राज्यों में बड़ी मात्रा में पकड़े जाने वाले नशे को लेकर विपक्ष समान स्तर पर सवाल क्यों नहीं उठाता।

उन्होंने विशेष रूप से मुंद्रा पोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वहां से नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद होने के मामले सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने भाजपा से पूछा कि अगर पंजाब को नशे के मुद्दे पर घेरा जा रहा है तो गुजरात में सामने आने वाली बड़ी बरामदगी और उससे जुड़े नेटवर्क पर भी जवाब दिया जाना चाहिए।

‘सीमा पर नशा रोकना केंद्र की जिम्मेदारी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से होने वाली तस्करी को रोकने की प्राथमिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार की एजेंसियों की है। इसके बावजूद पंजाब सरकार ने नशे की तस्करी रोकने के लिए अपने संसाधनों से भी कदम उठाए हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से नशे और अन्य प्रतिबंधित सामग्री भेजे जाने की कोशिशों को देखते हुए पंजाब सरकार ने अपने स्तर पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं।

मान ने कहा कि राज्य सरकार ने उपलब्ध संसाधनों के भीतर रहकर नशे की सप्लाई रोकने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई की है। उनका कहना था कि पंजाब को केवल सीमावर्ती राज्य मानकर समस्या का पूरा जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है, क्योंकि नशे का नेटवर्क देश के कई हिस्सों में फैला हुआ है।

‘सरकार सिर्फ गिरफ्तारियां नहीं कर रही’

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ अभियान का उद्देश्य केवल आरोपियों की संख्या बढ़ाना नहीं है। सरकार उन पूरे नेटवर्क को निशाना बना रही है, जिनके माध्यम से नशे की खरीद, बिक्री, परिवहन और वित्तीय लेन-देन संचालित होते हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस सप्लाई चेन की कड़ियां तोड़ने, अपराध से जुड़े आर्थिक स्रोतों को रोकने और संगठित गिरोहों के संचालकों तक पहुंचने के लिए काम कर रही है।

मान ने कहा कि पंजाब पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात अभियान में जुटे हैं। सरकार ने अपराधियों को राज्य की राजनीतिक और सामाजिक दिशा तय करने की अनुमति नहीं दी है।

उनके अनुसार, नशा तस्करी और गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के जारी है।

कांग्रेस और अकाली दल पर भी निशाना

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राजनीतिक दलों के शासनकाल में गैंगस्टर नेटवर्क और नशे की समस्या को बढ़ने का अवसर मिला, वे आज सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।

मान ने कहा कि विपक्ष को मौजूदा सरकार को उपदेश देने के बजाय यह जवाब देना चाहिए कि उनके शासनकाल के दौरान अपराधी तत्वों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप क्यों लगते रहे।

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उस दौर को भूले नहीं हैं, जब गैंगस्टरों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा था और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की चर्चाएं आम थीं।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से कहा कि यदि वे वास्तव में पंजाब की चिंता करते हैं तो केवल घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के बजाय राज्य के भविष्य के लिए अपना रोडमैप सामने रखें।

‘हर घटना पर राजनीति करना समाधान नहीं’

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में कोई भी दुखद घटना होती है तो विपक्ष उसे तत्काल राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश करता है। उन्होंने इस रवैये को ‘गिद्धों वाली राजनीति’ बताते हुए कहा कि ऐसी राजनीति से राज्य की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि जनता को विवाद या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहिए। सरकार का काम समस्याओं पर लगातार कार्रवाई करना है और उनकी सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को कुछ अलग-अलग घटनाओं के आधार पर अपराध और नशे के राज्य के रूप में पेश करना भी सही नहीं है। उन्होंने पंजाब को देश का ‘गेटवे’ और ‘गहना’ बताते हुए कहा कि राज्य की छवि को जानबूझकर खराब करने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

‘विपक्ष पंजाब के लिए अपना विजन बताए’

मुख्यमंत्री ने अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा समेत विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास पंजाब के लिए कोई बेहतर योजना है तो उसे जनता के सामने रखें।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को यह बताना चाहिए कि वे नशे की समस्या को कैसे खत्म करेंगे, गैंगस्टर नेटवर्क पर किस तरह कार्रवाई करेंगे और युवाओं को नशे से बाहर निकालने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करेंगे।

मान के अनुसार, केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानबाजी से पंजाब की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। इसके लिए जमीन पर काम करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने नशे, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के खिलाफ स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है और उस पर लगातार काम किया जा रहा है।

पंजाब को ‘बलि का बकरा’ नहीं बनने देंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ऐसे किसी नैरेटिव को स्वीकार नहीं करेगी, जिसमें पूरे राज्य को कुछ घटनाओं के आधार पर बदनाम किया जाए। उन्होंने कहा कि नशे का नेटवर्क पंजाब की सीमाओं से कहीं आगे तक फैला हुआ है और इस समस्या का मुकाबला भी व्यापक स्तर पर करना होगा।

मान ने कहा कि पंजाब पुलिस ने नशे की बड़ी खेपें पकड़ी हैं, हजारों आरोपियों पर कार्रवाई की है और सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके साथ ही गैंगस्टरों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।

उन्होंने दोहराया कि सरकार नशे और अपराध के खिलाफ अपने अभियान से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि चाहे तस्करी का नेटवर्क देश के किसी भी हिस्से में मौजूद हो या अपराधी विदेश में बैठा हो, पंजाब सरकार कानून के दायरे में उसके खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष को संदेश देते हुए कहा कि पंजाब को बदनाम करने या हर दुखद घटना पर राजनीतिक लाभ लेने के बजाय सभी दलों को राज्य की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को नशे और संगठित अपराध से मुक्त करना है और इस अभियान में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।