पंजाब कांग्रेस में शुक्रवार को बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ। कांग्रेस हाईकमान ने जालंधर कैंट से विधायक और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। वह अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालेंगे। वड़िंग ने शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके कुछ ही समय बाद पार्टी ने परगट सिंह की नियुक्ति की घोषणा कर दी।
परगट सिंह के सामने यह जिम्मेदारी ऐसे समय आई है, जब पंजाब कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। पिछले कुछ समय से प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन को लेकर मतभेदों की चर्चा होती रही है। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने पार्टी के अलग-अलग नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने, संगठन को सक्रिय करने और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
पहली प्रतिक्रिया में हाईकमान का जताया आभार
प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद परगट सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान का आभार जताते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी उनके लिए केवल एक पद नहीं है, बल्कि पंजाब के लोगों और पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है।
परगट सिंह ने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता के साथ निभाएंगे। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं का भरोसा जताने के लिए धन्यवाद किया।
उन्होंने अपने संदेश में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलकर काम करने की अपील की। उनका कहना है कि पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने के लिए सभी को एक साथ आगे बढ़ना होगा और पंजाब के लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना होगा।
ईमानदारी और समर्पण से काम करने की बात
नई जिम्मेदारी संभालने के बाद परगट सिंह ने कहा कि वह पूरी ईमानदारी, समर्पण और दृढ़ता के साथ पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने पंजाब के लोगों की आवाज बनने की बात कही।
उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी मिलकर पंजाब के हकों, विकास और बेहतर भविष्य के लिए काम करें। उनके संदेश में संगठन को साथ लेकर चलने और कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाए रखने पर जोर रहा।
परगट सिंह के सामने अब प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को चुनावी मोड में सक्रिय करने की चुनौती भी होगी। पार्टी की ओर से आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पहले ही अलग-अलग समितियां बनाई जा चुकी हैं। कांग्रेस के आधिकारिक संगठनात्मक ढांचे में चुनाव से जुड़ी कई समितियों के अध्यक्ष और सह-अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारियां जारी रखेंगे।
करीब साढ़े चार साल बाद बदला प्रदेश अध्यक्ष
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू के बाद प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी संभाली थी। अब करीब साढ़े चार साल बाद प्रदेश कांग्रेस की कमान बदल गई है।
वड़िंग ने शुक्रवार को राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अपना इस्तीफा सौंपा। मुलाकात के बाद उन्होंने अपनी प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कार्य अवधि और पंजाब में पार्टी की स्थिति को लेकर चर्चा की। वड़िंग ने बाद में मीडिया से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस के भीतर चल रहे घटनाक्रम और पार्टी नेतृत्व से संबंधित अपने विचार भी रखे।
कांग्रेस हाईकमान ने वड़िंग के कार्यकाल और पार्टी के लिए उनके योगदान की सराहना भी की है। उनके बाद परगट सिंह को नई जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया गया।
हॉकी मैदान से राजनीति तक का सफर
परगट सिंह की पहचान राजनीति से पहले अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान के तौर पर रही है। वह भारत के लिए ओलंपिक स्तर पर भी खेल चुके हैं और बाद में राजनीति में आए। वह लंबे समय से जालंधर कैंट की राजनीति में सक्रिय हैं और इसी सीट से विधायक हैं।
राजनीतिक सफर में परगट सिंह पंजाब सरकार में शिक्षा और खेल से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इससे पहले वह शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर 2012 में जालंधर कैंट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हुए और जालंधर कैंट से कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे।
अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका विधानसभा क्षेत्र की राजनीति से आगे बढ़कर पूरे पंजाब में पार्टी संगठन के संचालन की होगी।
संगठन को साथ लेकर चलना बड़ी जिम्मेदारी
नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में प्रदेश संगठन को सक्रिय रखना और पार्टी नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाना शामिल होगा। पिछले महीनों में पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर अलग-अलग स्तर पर मतभेद सामने आते रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति ऐसे समय की है, जब पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है।
परगट सिंह ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में भी संगठन की एकजुटता पर जोर दिया है। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सामूहिक रूप से काम करने की अपील की है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस की बैठकों, संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
2027 की तैयारी के बीच बदलाव
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बदलाव पार्टी के लिए चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण समय पर हुआ है। परगट सिंह को अब संगठन की कमान संभालने के साथ बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, पार्टी कार्यक्रमों को गति देने और विभिन्न चुनावी समितियों के साथ समन्वय बनाने का काम करना होगा।
कांग्रेस ने हाल में पंजाब में चुनाव से संबंधित कई समितियों का गठन किया था। इनमें अभियान, चुनाव प्रबंधन और समन्वय तथा घोषणापत्र से जुड़े ढांचे शामिल हैं। अब नए प्रदेश अध्यक्ष को इन समितियों और प्रदेश संगठन के बीच तालमेल के साथ आगे बढ़ना होगा।
नेताओं ने दी बधाई
परगट सिंह की नियुक्ति के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि परगट सिंह के अनुभव और नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस एकता और लोगों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से आगे बढ़ाएगी।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने भी परगट सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दीं। इससे संकेत मिलता है कि नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब पार्टी का फोकस संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
अब परगट सिंह के सामने कई स्तरों पर चुनौती
प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने के बाद परगट सिंह के सामने एक साथ कई जिम्मेदारियां होंगी। उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय बनाने के अलावा जिला और ब्लॉक स्तर के संगठन को सक्रिय रखना होगा। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति और कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
परगट सिंह का राजनीतिक अनुभव, मंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल और लंबे समय से विधायक के रूप में सक्रियता अब प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका में उनके काम आएगी। हालांकि, यह जिम्मेदारी उनके लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें पूरे पंजाब में पार्टी संगठन का नेतृत्व करना है।
परगट सिंह ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में जिस तरह इसे ‘पद’ के बजाय पंजाब के लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रति ‘बड़ी जिम्मेदारी’ बताया है, उससे उनके शुरुआती कार्यकाल की प्राथमिकताओं का संकेत मिलता है। अब उनके नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस किस तरह संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाती है और चुनावी तैयारियों को किस दिशा में ले जाती है, इस पर राजनीतिक घटनाक्रम नजर रहेगा।




