धूरी से भगवंत मान का संदेश: साढ़े चार साल के कामों से जीता जनता का विश्वास, हर परिवार को 15 हजार रुपये की मासिक बचत का दावा

धूरी से भगवंत मान का संदेश: साढ़े चार साल के कामों से जीता जनता का विश्वास, हर परिवार को 15 हजार रुपये की मासिक बचत का दावा

मीमसा गांव में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, किसानों, महिलाओं, युवाओं और शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों का किया उल्लेख

धूरी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में पहली बार ऐसी सरकार बनी है, जो दिन-रात लोगों की समस्याओं के समाधान और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान सरकार ने अपने कामकाज के दम पर जनता का विश्वास हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य केवल वादे करना नहीं, बल्कि योजनाओं को जमीन पर लागू करके आम लोगों तक उनका लाभ पहुंचाना है।

धूरी विधानसभा क्षेत्र के क्रांतिकारी गांव मीमसा में आयोजित जनसभा और लोक मिलनी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम परिवारों के लिए सरकार की ओर से किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने, सिंचाई के लिए नहरी पानी का दायरा बढ़ाने, सरकारी नौकरियां देने, मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी पहलों से लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकारी योजनाओं के कारण प्रत्येक परिवार को हर महीने लगभग 15,000 रुपये की बचत हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में लोगों ने अनेक घोषणाएं सुनीं, लेकिन उनकी सरकार ने विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से परिणाम देने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने का प्रत्येक पैसा जनता का है और इसे लोगों की सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, सिंचाई तथा अन्य विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है।

किसानों को दिन में बिजली और नहर पानी पर जोर

कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए भगवंत मान ने कहा कि किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ाने से किसानों को राहत मिली है और खेती की लागत कम करने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब में पहली बार 1,587 गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है, जहां पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने बताया कि नहरी सिंचाई व्यवस्था के विस्तार पर लगभग 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, नहरी पानी से सिंचित क्षेत्र वर्ष 2022 में 20.89 लाख एकड़ था, जो बढ़कर अब 60.30 लाख एकड़ हो गया है।

उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान मिलना भी उतना ही जरूरी है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि धान की खरीद के बाद किसानों को उनकी फसल का पैसा सीधे बैंक खातों में समय पर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को मंडियों से घर पहुंचने से पहले भुगतान मिलना उनकी मेहनत का सम्मान करने और आर्थिक अनिश्चितता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

70 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां

रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना भ्रष्टाचार के 70,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

भगवंत मान ने कहा कि सरकार सड़कों में सुधार करने, गांवों में विकास कार्य करवाने और खेल सुविधाओं का विस्तार करने के लिए भी काम कर रही है। गांवों में खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, ताकि युवा खेल गतिविधियों से जुड़ सकें और अपने भविष्य के लिए बेहतर अवसर हासिल कर सकें।

उन्होंने टोल प्लाजा बंद किए जाने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन फैसलों से यात्रियों को प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी पहलों पर काम कर रही है, जिनका लाभ सीधे आम लोगों की जेब और दैनिक जीवन पर दिखाई दे।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का इलाज

स्वास्थ्य सेवाओं को आम परिवारों की पहुंच में लाने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी के समय किसी परिवार को इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी चाहिए। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि इस योजना का मकसद लोगों को आर्थिक कठिनाइयों के बिना गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और आम नागरिकों को बेहतर उपचार की सुविधा देने के लिए प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं पर सरकारी खर्च का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। उनके अनुसार, जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य लोगों की समस्याओं को कम करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।

महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता

महिलाओं के लिए शुरू की गई ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ का उल्लेख करते हुए भगवंत मान ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उनके सम्मान को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, योजना के तहत 18 वर्ष और इससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को एक जुलाई से हर महीने 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली पात्र महिलाएं भी योजना का लाभ उठा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाने की उम्मीद है। इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और घरेलू खर्चों में सहायता देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

भगवंत मान ने दावा किया कि मुफ्त बिजली सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से राज्य के परिवारों को आर्थिक राहत मिली है। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल का लाभ मिल रहा है। सरकार का प्रयास है कि आम परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो और उनकी बचत बढ़े।

सरकारी स्कूलों में सुधार से नीट उत्तीर्ण करने वालों की संख्या बढ़ी

मुख्यमंत्री ने शिक्षा को गरीबी के चक्र से बाहर निकलने और समाज में समान अवसर उपलब्ध कराने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि मुफ्त सुविधाएं और आर्थिक सहायता परिवारों को तत्काल राहत दे सकती हैं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाने में निर्णायक भूमिका निभाती है।

उन्होंने बताया कि सरकार सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने, शिक्षकों को प्रशिक्षण देने और स्कूल ऑफ एमिनेंस जैसी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकारी स्कूलों से नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या वर्ष 2021 में 80 थी, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 882 हो गई। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे सुधारों का सकारात्मक परिणाम बताया।

भगवंत मान ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ऐसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए, जिससे वे देश के किसी भी हिस्से के विद्यार्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर निवेश आने वाली पीढ़ियों को बेहतर अवसर देने और राज्य के विकास को गति प्रदान करने का माध्यम है।

विपक्ष पर निशाना, छापेमारी को लेकर भी दिया बयान

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भाजपा और अन्य राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार के कामकाज का जवाब देने में असमर्थ विरोधी उनकी छवि खराब करने और उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब विरोधियों को सरकार के कामों में कमी नहीं मिलती, तो वे व्यक्तिगत आरोपों का सहारा लेते हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब के लोग उनकी सरकार के कामकाज से परिचित हैं और राजनीतिक प्रचार के जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव को समाप्त नहीं किया जा सकता।

अपने कार्यालय पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की छापेमारी का जिक्र करते हुए भगवंत मान ने कहा कि भाजपा को लगता था कि जांच और दबाव की कार्रवाई से वह डर जाएंगे, लेकिन उनके अनुसार, सीबीआई को छापेमारी के बाद खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह पंजाब और यहां के लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी ताकत जनता का विश्वास है और वह ईमानदारी तथा दृढ़ संकल्प के साथ लोगों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को उसके कामकाज के आधार पर चुनौती देने के बजाय व्यक्तिगत आरोप लगाने से जनता के लिए किए गए कार्यों को नकारा नहीं जा सकता।

‘मेरे दरवाजे पंजाब के लोगों के लिए हमेशा खुले’

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को केवल सरकारी कार्यालयों और औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और उनके समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उनके लिए बाहरी नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य हैं। उनके आवास के दरवाजे हमेशा जनता के लिए खुले रहे हैं और आगे भी खुले रहेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, सार्वजनिक पद की वास्तविक जिम्मेदारी लोगों की शिकायतें सुनना, उनकी परेशानियों को समझना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है।

भगवंत मान ने गांवों के विकास, किसानों की सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं के कल्याण से जुड़ी पहलों को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसे पंजाब का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक परिवार को बेहतर सुविधाएं मिलें और समाज का हर वर्ग सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सके।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी मीमसा गांव में आयोजित जनसभा के अनुभव साझा किए। उन्होंने धूरी के लोगों के समर्थन और सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि जनता के विश्वास ने धूरी को पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है।

उन्होंने दोहराया कि सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा के आधार पर काम करती रहेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब के लोग राजनीतिक दलों का मूल्यांकन उनके वादों से नहीं, बल्कि उनके कामकाज और जनता को मिले लाभ के आधार पर करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ठोस परिणामों के माध्यम से खुशहाल, आत्मनिर्भर और विकसित पंजाब बनाने के अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ती रहेगी।