मुख्यमंत्री बोले- विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का हो रहा राजनीतिक इस्तेमाल, ईमानदारी से काम करने वाले नेताओं के खिलाफ नहीं मिलेगा कुछ भी; स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल सुविधाओं में बदलाव को बताया सरकार की प्राथमिकता
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आम आदमी पार्टी के नेताओं और विधायकों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी दलों की आवाज दबाने और राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय एजेंसियों की छापेमारी और राजनीतिक दबाव के बावजूद पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार जनहित के कामों से पीछे नहीं हटेगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजाब के लोगों से किए गए वादों को पूरा करना और राज्य को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाना है।
विधायक डॉ. अमनदीप कौर के आवास पर केंद्रीय एजेंसी की छापेमारी के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा चाहे जितनी मर्जी जांच और छापेमारी करवा ले, लेकिन इससे आम आदमी पार्टी की कार्यशैली और जनता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के नेता पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ कोई ठोस तथ्य नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। विपक्षी दलों को अपनी बात रखने, सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और जनता के मुद्दे उठाने का पूरा अधिकार है। लेकिन यदि राजनीतिक विरोध का जवाब जांच और छापेमारी के माध्यम से दिया जाएगा तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की राजनीति का आधार जनसेवा और ईमानदार प्रशासन है। पार्टी ने पंजाब के लोगों के सामने बदलाव और विकास का जो संकल्प रखा था, सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। राजनीतिक दबाव, धमकियों और साजिशों के जरिए इस काम को बाधित नहीं किया जा सकता।
जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में करने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को डराने और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वालों को चुप कराने के लिए छापेमारी और जांच की कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी के वे नेता जो ईमानदारी से काम कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारियां पूरी तनदेही से निभा रहे हैं, उनके खिलाफ एजेंसियों को कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को जांच एजेंसियों की कार्रवाई से डराने की कोशिश करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सत्ता हासिल करने के बाद जनता की अपेक्षाओं के अनुसार काम करने को प्राथमिकता दी है। सरकार के सामने स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे में सरकार का पूरा ध्यान इन क्षेत्रों में सुधार करने पर है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक साजिशों और दबाव की राजनीति से सरकार का ध्यान नहीं भटकाया जा सकता।
जनता से किए वादे पूरे करने के मिशन पर सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने आम आदमी पार्टी को बदलाव की उम्मीद के साथ सत्ता सौंपी थी। यह जनादेश केवल सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि राज्य की व्यवस्था में सुधार लाने और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए मिला था। सरकार इसी जिम्मेदारी को ध्यान में रखकर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक धमकियों और जांच की कार्रवाई से आम आदमी पार्टी की प्रतिबद्धता कमजोर नहीं होगी। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता और नेता पंजाब के लोगों की सेवा के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि उसे राजनीतिक हिसाब-किताब बराबर करने के बजाय आम लोगों की समस्याओं को हल करने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश और राज्यों के सामने महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अनेक चुनौतियां हैं। केंद्र सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करवाने से आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
राहुल गांधी समेत सभी नेताओं को रैली करने का अधिकार
राजनीतिक रैलियों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राहुल गांधी सहित देश के प्रत्येक राजनीतिक नेता को रैली करने और अपने विचार जनता के सामने रखने की पूरी स्वतंत्रता है। लोकतंत्र में राजनीतिक गतिविधियों और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था तभी मजबूत होती है, जब विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। किसी भी नेता को रैली करने या जनता के बीच जाकर अपने विचार रखने से रोका नहीं जाना चाहिए। प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक प्रतिनिधि को संविधान के तहत अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता प्राप्त है।
मुख्यमंत्री के इस बयान को पंजाब की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां विभिन्न राजनीतिक दल आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा है और सभी दलों को अपने विचार जनता तक पहुंचाने का अधिकार है।
विधायक की जिम्मेदारी केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं
एक अन्य सवाल के जवाब में भगवंत मान ने निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका और उनकी राजनीतिक जिम्मेदारियों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि केवल विधायक बन जाना ही किसी जनप्रतिनिधि की पूरी जिम्मेदारी नहीं होती। चुनाव जीतने के बाद भी विधायक को अपनी पार्टी, संगठन और उसके सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहें और संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएं। राजनीतिक जिम्मेदारी केवल विधानसभा तक सीमित नहीं होती, बल्कि पार्टी के कार्यक्रमों, नीतियों और जनता से जुड़े कार्यों में भी उनकी भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की मजबूती उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं की सामूहिक जिम्मेदारी से तय होती है। निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की जनता के साथ संपर्क बनाए रखने के साथ-साथ संगठनात्मक जिम्मेदारियों को भी गंभीरता से निभाना चाहिए।
आम आदमी क्लीनिक और सरकारी स्कूलों को बताया बदलाव का आधार
मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले कार्यकाल में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सरकार ने आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से लोगों को उनके घरों के नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया है। इन क्लीनिकों का उद्देश्य आम नागरिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध करवाना है, ताकि छोटी-मोटी बीमारियों के उपचार के लिए उन्हें दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार किसी भी राज्य के भविष्य के लिए जरूरी है। सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, आधुनिक शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
भगवंत मान ने कहा कि सरकार ने खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए पूरे पंजाब में 2,000 से अधिक खेल मैदान विकसित करने की दिशा में काम किया है। इन खेल मैदानों का उद्देश्य गांवों और शहरों के युवाओं को खेलों से जोड़ना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर देना है। सरकार चाहती है कि युवा नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेलों और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लें।
मुख्यमंत्री के अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल ऐसे क्षेत्र हैं, जिनका सीधा संबंध आम लोगों के जीवन स्तर और राज्य के भविष्य से है। इसलिए सरकार इन क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करने के साथ-साथ व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सीचेवाल मॉडल से नालों की सफाई, नहरी पानी की सुविधा बहाल
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के संबंध में भी सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीचेवाल मॉडल के माध्यम से राज्य में नालों की सफाई का काम किया गया है। लंबे समय से गंदगी और प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे कई क्षेत्रों में इस मॉडल के जरिए सुधार लाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि नालों की सफाई केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य और कृषि व्यवस्था से भी है। प्रदूषित जलस्रोतों के कारण आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकार ने इस दिशा में काम को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने उन इलाकों में नहरी पानी की सुविधा बहाल करने के प्रयास भी किए हैं, जो कई दशकों से इस सुविधा से वंचित थे। उन्होंने कहा कि नहरी पानी किसानों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है। इससे खेती को बेहतर बनाने और भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
भगवंत मान ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुंचे। नालों की सफाई, नहरी पानी की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, सरकारी स्कूलों में सुधार और खेल सुविधाओं का विकास इसी व्यापक सोच का हिस्सा है।
राजनीतिक दबाव से विकास की रफ्तार प्रभावित नहीं होगी
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि आम आदमी पार्टी की सरकार राजनीतिक विरोध और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद पंजाब के विकास के एजेंडे पर काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्य के लोगों का हित है और किसी भी परिस्थिति में इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटा जाएगा।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम करने के बजाय उसे देश के आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। पंजाब सरकार अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री के बयान से साफ है कि आम आदमी पार्टी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव के तौर पर पेश करते हुए इसके मुकाबले में अपने विकास और जनकल्याण के एजेंडे को प्रमुखता देना चाहती है। वहीं, मुख्यमंत्री ने लोकतांत्रिक अधिकारों, राजनीतिक स्वतंत्रता और निर्वाचित प्रतिनिधियों की संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर भी अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने जिस विश्वास के साथ आम आदमी पार्टी को जिम्मेदारी सौंपी है, सरकार उस विश्वास पर खरा उतरने के लिए काम करती रहेगी। भाजपा की ओर से चाहे जितना राजनीतिक दबाव बनाया जाए, पंजाब के लोगों की सेवा और राज्य के विकास का काम लगातार जारी रहेगा।




