जालंधर। पंजाब में लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने जालंधर स्थित सिविल अस्पताल का दौरा किया और वहां उपचाराधीन मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, मरीजों के उपचार और विशेष रूप से टीबी वार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अस्पताल के दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री सीधे टीबी वार्ड पहुंचे, जहां उन्होंने उपचाराधीन मरीजों से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से उपचार के दौरान उन्हें आ रही किसी तरह की परेशानी के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को टीबी मरीजों के इलाज तथा अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी।
मोहिंदर भगत ने बताया कि सिविल अस्पताल में इस समय करीब 100 टीबी मरीजों का उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी जैसी बीमारी से लड़ने के लिए नियमित दवाइयों के साथ मरीजों के खान-पान और पोषण पर ध्यान देना भी आवश्यक है। बीमारी के दौरान शरीर को पर्याप्त पोषण मिलने से मरीज की कमजोरी कम करने और स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में उपचाराधीन करीब 100 टीबी मरीजों को एक महीने के लिए हाई-प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार मुफ्त उपलब्ध करवाया गया है। मंत्री ने इस पहल को मरीजों के उपचार के साथ उनके पोषण पर ध्यान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इलाज के साथ पोषण पर भी सरकार का फोकस
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा का उद्देश्य केवल मरीज को दवाइयां उपलब्ध करवाना नहीं है, बल्कि बीमारी से उबरने के दौरान उसकी अन्य आवश्यकताओं का भी ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों के लिए उपचार की नियमितता के साथ पौष्टिक भोजन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि बीमारी के दौरान कई मरीज कमजोरी और पोषण की कमी से भी जूझते हैं। ऐसे में हाई-प्रोटीन और पौष्टिक आहार मरीजों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने में सहायक हो सकता है। सरकार की ओर से मुफ्त डाइट उपलब्ध करवाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपचाराधीन मरीजों को दवाइयों के साथ जरूरी पोषण भी मिल सके।
मंत्री ने अस्पताल प्रशासन से मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को उपचार के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
टीबी मरीजों से सीधे किया संवाद
मोहिंदर भगत ने टीबी वार्ड में भर्ती मरीजों के साथ कुछ समय बिताया और उनसे बातचीत की। उन्होंने मरीजों से उनके उपचार, दवाइयों और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीजों से संवाद के दौरान उन्होंने उन्हें उपचार को बीच में न छोड़ने और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार दवाइयां लेने के लिए प्रेरित किया।
मंत्री ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में मरीजों का समय पर उपचार पूरा करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही परिवार और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से बीमारी को लेकर जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थानों से संपर्क करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि लोगों को इलाज के लिए आर्थिक बोझ न उठाना पड़े और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी सोच के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और लोगों तक पहुंचाने पर काम किया जा रहा है।
मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने की अपील
कैबिनेट मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में लोगों को जागरूक होना चाहिए, ताकि जरूरत के समय वे इन सेवाओं का उपयोग कर सकें।
उन्होंने कहा कि आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन संस्थानों में उपचार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
मोहिंदर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को आर्थिक कारणों से इलाज से वंचित न रहना पड़े।
अस्पताल की व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा
टीबी वार्ड का दौरा करने के साथ-साथ मंत्री ने अस्पताल में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अस्पताल में उपचार व्यवस्था, मरीजों की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।
मंत्री ने अधिकारियों को मरीजों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई, उपचार और मरीजों को जरूरी जानकारी उपलब्ध करवाने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों का विश्वास बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता के साथ निभानी चाहिए।
पोषण को लेकर जागरूकता जरूरी
मोहिंदर भगत ने कहा कि टीबी से पीड़ित मरीजों के लिए पोषण का महत्व समझना जरूरी है। बीमारी के दौरान शरीर को मजबूत बनाए रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से उपचाराधीन मरीजों को हाई-प्रोटीन डाइट उपलब्ध करवाने की पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि टीबी के उपचार के दौरान चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के साथ-साथ भोजन और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों पर भी ध्यान देना चाहिए। मरीजों और उनके परिवारों को इस संबंध में जागरूक करना भी जरूरी है, ताकि उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से पूरी हो सके।
मंत्री ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों और अधिकारियों के साथ भी चर्चा की और मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को मरीज केंद्रित व्यवस्था को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. गर्ग, डॉ. परमवीर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंत्री को अस्पताल में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं और टीबी मरीजों के उपचार से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
जालंधर सिविल अस्पताल में मंत्री के दौरे के दौरान टीबी मरीजों के लिए मुफ्त पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने की पहल को स्वास्थ्य सेवा के साथ पोषण को जोड़ने के प्रयास के रूप में सामने रखा गया। सरकार की ओर से इस तरह की सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को उपचार के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है। मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें और सरकार की ओर से उपलब्ध मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं का समय पर लाभ उठाएं।




