ड्रग्स से प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने पंजाब में नशे के खिलाफ पार्टी के अभियान को लेकर अपना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा भाजपा के उस संकल्प को दर्शाती है, जिसके तहत पंजाब को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने की बात कही गई है। चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने पर नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी तथा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
तरुण चुघ ने नशे से प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए कहा कि इन परिवारों की पीड़ा पंजाब में नशे की समस्या के सामाजिक प्रभाव को सामने लाती है। उनके मुताबिक, नशे का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता जो इसकी गिरफ्त में आता है, बल्कि पूरा परिवार इसके दुष्परिणाम झेलता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह पंजाब के सामाजिक और आर्थिक भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि नशे के कारण कई परिवारों को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, खेल और अन्य सकारात्मक अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी यात्रा
चुघ ने भाजपा की ओर से निकाली गई ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पठानकोट से शुरू हुई यह यात्रा 13 दिनों के दौरान लगभग 4000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर जालंधर पहुंची।
भाजपा ने इस यात्रा को नशे के खिलाफ जनजागरण और जनसंपर्क अभियान के तौर पर पेश किया था। यात्रा के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से मुलाकात की और नशे से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सुना। चुघ के मुताबिक, यात्रा ने पंजाब में नशे के कारण पैदा हुई सामाजिक चिंताओं और परिवारों की पीड़ा को व्यापक स्तर पर सामने रखने का काम किया।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान युवाओं और परिवारों से मिले फीडबैक से यह स्पष्ट हुआ कि नशे का मुद्दा केवल किसी एक जिले या क्षेत्र तक सीमित नहीं है। अलग-अलग इलाकों में लोगों ने नशे की उपलब्धता, तस्करी और युवाओं पर इसके असर को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।
सप्लाई चेन तोड़ने पर जोर
तरुण चुघ ने कहा कि नशे के खिलाफ भाजपा का संकल्प केवल नशा बेचने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, नशे की पूरी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना भी जरूरी है। इसमें तस्करी, वितरण और नशे को पंजाब तक पहुंचाने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई शामिल है।
उन्होंने कहा कि यदि पंजाब को नशे की समस्या से बाहर निकालना है तो नशे की उपलब्धता को रोकने के लिए प्रभावी तंत्र तैयार करना होगा। उनके मुताबिक, कार्रवाई का उद्देश्य यह होना चाहिए कि नशे का नेटवर्क कमजोर हो और युवाओं तक चिट्टा पहुंचने की संभावना कम से कम हो।
चुघ ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने की स्थिति में नशे के कारोबार के खिलाफ कड़े कदम उठाने की बात पार्टी पहले ही सामने रख चुकी है। उन्होंने दोहराया कि 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा इसी लक्ष्य से जुड़ी है। उनके अनुसार, नशा तस्करी के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई के साथ पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा।
केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय की बात
चुघ ने नशे के खिलाफ अभियान में कानूनों के प्रभावी इस्तेमाल और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत देशभर में हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए पंजाब में इस कानून के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि नशे की तस्करी से जुड़े मामलों में केवल गिरफ्तारियां ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रावधानों का प्रभावी इस्तेमाल भी जरूरी है। उनके मुताबिक, नशे के नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान, उनकी संपत्तियों और वित्तीय गतिविधियों की जांच तथा तस्करी के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय होना चाहिए।
तरुण चुघ ने पंजाब में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का कार्यालय स्थापित करने जैसे कदमों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में राज्य और केंद्र की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
नशे के साथ रोजगार और विकास पर भी जोर
भाजपा सांसद ने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के प्रयासों के साथ युवाओं के लिए रोजगार और विकास के अवसर पैदा करना भी जरूरी है। उनके अनुसार, नशे की समस्या का मुकाबला केवल पुलिस कार्रवाई के माध्यम से नहीं किया जा सकता। इसके लिए युवाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल और उद्यमिता से जोड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा आबादी प्रदेश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। यदि युवाओं को सही अवसर मिलते हैं तो वे राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए उद्योगों को बढ़ावा देने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने की जरूरत है।
चुघ ने किसानों की समस्याओं के समाधान और औद्योगिक विकास को भी भाजपा की प्राथमिकताओं से जोड़ा। उन्होंने कहा कि पंजाब की आर्थिक स्थिति में सुधार और विकास की गति बढ़ाने के लिए कृषि, उद्योग और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर एक साथ काम करना होगा।
‘31 दिसंबर 2029 केवल तारीख नहीं, संकल्प’
तरुण चुघ ने कहा कि 31 दिसंबर 2029 उनके लिए केवल एक तारीख नहीं है, बल्कि पंजाब को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने का स्पष्ट लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों के साथ संवाद ने इस समस्या की गंभीरता को समझने का अवसर दिया है।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स पीड़ित परिवारों का दर्द केवल सुनने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसके आधार पर प्रभावी कार्रवाई की दिशा तय होनी चाहिए। उनके मुताबिक, नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवारों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और प्रशासन की भागीदारी जरूरी है।
चुघ ने कहा कि पंजाब की माताओं, बहनों और युवाओं को नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने कहा कि नशामुक्त पंजाब का लक्ष्य तभी व्यापक रूप से हासिल किया जा सकता है जब नशे की आपूर्ति रोकने के साथ उन सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी काम किया जाए, जिनसे युवा प्रभावित होते हैं। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, खेल, उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
परिवारों की समस्याओं को अभियान से जोड़ने की कोशिश
ड्रग्स पीड़ित परिवारों के साथ हुई मुलाकात को भाजपा के नशामुक्त पंजाब अभियान के अगले चरण से जोड़कर देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों से मिले फीडबैक के बाद पार्टी अब प्रभावित परिवारों और युवाओं से सीधे संवाद पर जोर दे रही है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल राजनीतिक मुद्दे के रूप में देखने के बजाय सामाजिक समस्या के तौर पर भी संबोधित करने की जरूरत है। इसी के तहत प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सामने लाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता तथा जनसंपर्क गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है।
तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ विकास का मजबूत आधार तैयार करना जरूरी है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा का घोषित लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने का है और इस दिशा में कानून, प्रशासनिक कार्रवाई तथा सामाजिक भागीदारी को साथ लेकर चलने की बात कही।




