पदभार ग्रहण समारोह में कांग्रेस प्रभारी ने कार्यकर्ताओं के उत्साह की सराहना की, भगवंत मान सरकार पर लगाए आरोप; आगामी विधानसभा चुनाव को पंजाब के भविष्य की लड़ाई बताया
पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में पार्टी ने एकजुटता और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अपना संदेश दिया। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब में मौसम इतनी जल्दी बदलेगा और यहां की फिजाएं इस तरह बदलेंगी, इसकी उन्होंने उम्मीद नहीं की थी। दिल्ली से रवाना होते समय मौसम अलग था, लेकिन चंडीगढ़ पहुंचने पर बारिश के बीच भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश देखकर वह अभिभूत हुए।
पायलट ने कहा कि गर्मी हो या बारिश, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमेशा पार्टी का झंडा ऊंचा रखा है। रविवार को आयोजित समारोह में कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर अपने उत्साह और प्रतिबद्धता का परिचय दिया। उन्होंने इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया और कहा कि पार्टी की असली ताकत उसका संगठन तथा उसके मेहनती कार्यकर्ता हैं।
नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह को बधाई देते हुए पायलट ने कहा कि उन्हें एक शानदार टीम मिली है। उनके मुताबिक, ऐसी टीम किसी के पास नहीं है। यह टीम गोल करने में माहिर है और सभी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं का सहयोग मिलने से पंजाब में कांग्रेस को आगे बढ़ने में कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने पार्टी नेताओं से आपसी तालमेल मजबूत करने और नौजवानों को साथ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
पायलट ने कहा कि अब कांग्रेस को पंजाब के हर गांव, हर शहर और हर पिंड तक पहुंचना होगा। जनता के बीच जाकर उसकी समस्याओं को समझना और पार्टी की नीतियों तथा विचारों को लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चुनाव के लिए संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करना पार्टी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
सत्ता परिवर्तन नहीं, पंजाब के भविष्य की लड़ाई: पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि अगले चार महीने केवल सत्ता हासिल करने या आम आदमी पार्टी की सरकार को हटाने का संघर्ष नहीं हैं, बल्कि यह पंजाब के भविष्य का चुनाव है। पंजाब की देश में अहम भूमिका रही है और देश के विकास में पंजाबियों के योगदान को पूरा देश जानता है। ऐसे में राज्य के भविष्य को लेकर जनता के सामने सही विकल्प प्रस्तुत करना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।
पायलट ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में पंजाब को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। उन्होंने नशे के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि सरकार को इस बात की पर्याप्त चिंता नहीं है कि पंजाब के बच्चे नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाना होगा। पार्टी कार्यकर्ताओं को गांवों और शहरों में लोगों से संवाद स्थापित कर यह बताना चाहिए कि पंजाब के सामने कौन-सी चुनौतियां हैं और उनसे निपटने के लिए कांग्रेस की क्या सोच है। पायलट ने आगामी चुनाव को प्रदेश की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए संगठन को पूरी ताकत से जुटने का संदेश दिया।
राजा वड़िंग के योगदान की सराहना, कार्यकर्ताओं की मेहनत को बताया अहम
समारोह के दौरान सचिन पायलट ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के कार्यकाल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में वड़िंग ने पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के लिए काम किया। उनके प्रयासों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दरअसल, राजा वड़िंग ने अपने संबोधन में उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को महत्व देने की बात कही, जिन्होंने पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान पार्टी के लिए मेहनत की। उनका कहना था कि संगठन को मजबूत बनाने में जुटे कार्यकर्ताओं के योगदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पायलट ने कहा कि जीवन में किसी की मेहनत कम नहीं पड़ती और न ही किसी की मेहनत बेकार जाती है। पार्टी के लिए काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है। उनके इस बयान पर समारोह में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियां बजाकर समर्थन जताया।
पायलट के संदेश को पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखने और पुराने तथा नए नेतृत्व के बीच तालमेल मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा गया। प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव के बाद कांग्रेस के सामने संगठन को एक मंच पर लाने की चुनौती है। ऐसे में समारोह के दौरान नेताओं की ओर से कार्यकर्ताओं के योगदान को महत्व देने और मिलकर आगे बढ़ने पर जोर दिया गया।
युवाओं को साथ लेकर हर गांव और शहर तक पहुंचने की तैयारी
पायलट ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस की आगे की रणनीति में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पार्टी को नौजवानों को साथ लेकर प्रदेश के हर हिस्से तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है और कांग्रेस उन्हें साथ लेकर आगे बढ़ेगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय लगातार जनता के बीच रहें। गांवों, शहरों और कस्बों में लोगों से संपर्क बनाकर उनकी समस्याओं को समझें तथा उनके मुद्दों को पार्टी के मंच पर उठाएं। उनके अनुसार, मजबूत संगठन और जनता के साथ निरंतर संवाद ही चुनावी तैयारियों का आधार बन सकते हैं।
पायलट ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर उठाए जा रहे मुद्दों पर भी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की ओर से उठाए जा रहे विषयों का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं को आंदोलनात्मक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
दिल्ली में विरोध कार्यक्रम में शामिल होने की अपील
सचिन पायलट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों का जिक्र करते हुए पंजाब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं तथा पंजाबियों से सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के विरोध कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पार्टी को लोकतांत्रिक मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करनी है और इसके लिए कार्यकर्ताओं की भागीदारी जरूरी है। पायलट ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि प्रदेश को नया रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी कांग्रेस की है।
समारोह में परगट सिंह के नेतृत्व में संगठन को सक्रिय करने, युवाओं को जोड़ने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करने पर विशेष जोर रहा। सचिन पायलट ने भरोसा जताया कि मजबूत टीम और कार्यकर्ताओं के सहयोग से कांग्रेस पंजाब में अपनी स्थिति मजबूत कर सकती है। उन्होंने नेताओं से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर साझा लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने तथा जनता के बीच पार्टी की उपस्थिति बढ़ाने का आह्वान किया।
कुल मिलाकर, परगट सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेतृत्व ने संगठनात्मक एकजुटता, युवा भागीदारी और जमीनी संपर्क को आगामी चुनाव की रणनीति का प्रमुख आधार बताया। पायलट ने स्पष्ट किया कि पार्टी को केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि पंजाब के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाना है।




