‘मावा धीयां सत्कार योजना’ की पहली राशि जारी होने के बाद मुख्यमंत्री मान का संदेश, महिलाओं से मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित कराने की अपील

‘मावा धीयां सत्कार योजना’ की पहली राशि जारी होने के बाद मुख्यमंत्री मान का संदेश, महिलाओं से मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित कराने की अपील

चंडीगढ़: पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मावा धीयां सत्कार योजना’ के तहत पहली किस्त जारी होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की महिलाओं से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि जिन महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है या जो भविष्य में इसका लाभ लेना चाहती हैं, वे निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और समय रहते अपना फॉर्म भरकर मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने चुनावी वादे के अनुरूप योजना की पहली किस्त लाभार्थियों के बैंक खातों में भेज दी है। अब महिलाओं की भी जिम्मेदारी है कि वे अपने मतदाता रिकॉर्ड को अद्यतन रखें, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सरकार ने निभाया वादा, अब महिलाओं से सहयोग की अपील

वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तय समय के अनुसार योजना की पहली किस्त जारी कर अपनी प्रतिबद्धता पूरी की है। अब जरूरत इस बात की है कि सभी पात्र महिलाएं निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत निर्धारित फॉर्म भरें।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना केवल मतदान के अधिकार के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों और पहचान संबंधी प्रक्रियाओं में भी इसकी भूमिका अहम हो सकती है।

SIR फॉर्म नहीं भरने पर हो सकती है परेशानी

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं को आगाह करते हुए कहा कि यदि कोई पात्र महिला विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत आवश्यक फॉर्म नहीं भरती और किसी कारण उसका नाम मतदाता सूची से हट जाता है, तो आगे चलकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयां आ सकती हैं।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि ‘मावा धीयां सत्कार योजना’ सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के दौरान भी दस्तावेजों के सत्यापन में दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए सभी महिलाएं समय रहते अपनी मतदाता संबंधी औपचारिकताएं पूरी करें।

हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी को प्रक्रिया समझने में परेशानी आती है, तो वे अपने क्षेत्र के वालंटियर या संबंधित अधिकारियों से सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर सरकार सक्रिय

राज्य में इन दिनों मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है। निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

राज्य सरकार भी इस अभियान में अधिक से अधिक लोगों, विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री का वीडियो संदेश जारी किया गया है।

उन्होंने महिलाओं से कहा कि जैसे वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए समय पर पंजीकरण कराती हैं, उसी प्रकार अपने मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए भी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करें।

वोट का अधिकार भी उतना ही महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक की सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए प्रत्येक महिला को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज रहे।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ महत्वपूर्ण है, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। इसलिए दोनों जिम्मेदारियों को समान महत्व दिया जाना चाहिए।

1 जुलाई से शुरू हुई थी योजना

गौरतलब है कि ‘मावा धीयां सत्कार योजना’ का औपचारिक शुभारंभ 1 जुलाई को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगरूर जिले के धूरी से किया था।

योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार ने पहली किस्त के रूप में सामान्य वर्ग की महिलाओं के बैंक खातों में 3,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के खातों में 4,500 रुपये की राशि हस्तांतरित की है।

सरकार के अनुसार यह राशि तीन महीने की अग्रिम सहायता के रूप में जारी की गई है।

36 लाख से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीकरण

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 36 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना के लिए पंजीकरण करा चुकी हैं। बड़ी संख्या में महिलाओं के आवेदन प्राप्त होने के बाद सरकार ने चरणबद्ध तरीके से लाभ वितरण की प्रक्रिया शुरू की है।

सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसका लाभ अधिकांश पात्र परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

25 जून के बाद आवेदन करने वालों को भी मिलेगा लाभ

सरकार ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर यह भी स्पष्ट किया है कि 25 जून तक आवेदन करने वाली महिलाओं को तीन माह की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।

वहीं, 25 जून के बाद पंजीकरण कराने वाली पात्र महिलाओं को 1 अगस्त से जुलाई, अगस्त और सितंबर की राशि एक साथ उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवेदन की तिथि के कारण कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

पेंशनधारकों को भी मिलेगा लाभ

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल नई लाभार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा।

वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन तथा दिव्यांग पेंशन प्राप्त करने वाली पात्र महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिलता रहेगा। यानी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने वाली महिलाओं की पात्रता इस योजना से प्रभावित नहीं होगी।

97 प्रतिशत महिलाओं को कवर करने का दावा

पंजाब सरकार का दावा है कि राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी।

योजना के सफल संचालन के लिए राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि पर्याप्त बजटीय व्यवस्था के कारण योजना के संचालन में किसी प्रकार की वित्तीय बाधा नहीं आएगी।

अब योजना के साथ SIR अभियान पर भी जोर

पहली किस्त जारी होने के बाद अब सरकार का ध्यान योजना के लाभार्थियों को मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान से जोड़ने पर है।

मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि अधिक से अधिक महिलाएं अपना नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित कर लेंगी, तो भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी उन्हें सुविधा मिलेगी।

इसी उद्देश्य से सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है और महिलाओं से अपील कर रही है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर SIR फॉर्म भरकर अपने मतदाता रिकॉर्ड को अपडेट कराएं।

सरकार का कहना है कि ‘मावा धीयां सत्कार योजना’ केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को सामाजिक और लोकतांत्रिक रूप से अधिक सशक्त बनाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले दिनों में सरकार योजना के शेष पात्र लाभार्थियों तक भी सहायता राशि पहुंचाने के साथ-साथ मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने पर विशेष जोर देगी।