राज्यसभा में पंजाब की आवाज़ बनने का संकल्प, पंजाबी में शपथ लेकर तरुण चुघ ने विकास, सुरक्षा और युवाओं के मुद्दों को बनाया प्राथमिकता

राज्यसभा में पंजाब की आवाज़ बनने का संकल्प, पंजाबी में शपथ लेकर तरुण चुघ ने विकास, सुरक्षा और युवाओं के मुद्दों को बनाया प्राथमिकता

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने मंगलवार को संसद भवन स्थित राज्यसभा में सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण कर अपने संसदीय सफर की औपचारिक शुरुआत की। शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने अपनी मातृभाषा पंजाबी को अपनाते हुए ईश्वर के नाम पर संविधान के प्रति निष्ठा, देश की एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प लिया। पंजाबी भाषा में शपथ लेने को उन्होंने अपनी सांस्कृतिक पहचान और पंजाब की समृद्ध विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।

शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए तरुण चुघ ने कहा कि राज्यसभा में उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी पंजाब के लोगों की उम्मीदों और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय मंच पर रखना होगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संवैधानिक पद नहीं, बल्कि करोड़ों पंजाबवासियों के विश्वास और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे राज्यसभा में पंजाब के हर वर्ग की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।

मातृभाषा में शपथ को बताया गर्व का विषय

तरुण चुघ ने कहा कि पंजाबी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि पंजाब की संस्कृति, इतिहास और पहचान का आधार है। इसलिए उन्होंने राज्यसभा की शपथ अपनी मातृभाषा में लेने का निर्णय किया। उनके अनुसार, इससे पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने का संदेश जाता है और यह प्रदेश के लोगों के साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव को भी दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि पंजाब की मिट्टी, यहां के लोगों का विश्वास और वर्षों से मिला समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इसी विश्वास के साथ वे संसद में प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।

पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को संसद में उठाने का भरोसा

नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद ने स्पष्ट किया कि उनका संसदीय कार्यकाल केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे पंजाब के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों पर केंद्रित रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य लंबे समय से कई गंभीर सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना कर रहा है, जिनका समाधान केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से ही संभव है।

उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश में नशे की समस्या को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनके अनुसार, यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो पंजाब को फिर से विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।

किसानों और उद्योगों पर रहेगा विशेष फोकस

तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि है, इसलिए किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने से जुड़े विषयों को वे संसद में मजबूती से उठाएंगे।

इसके साथ ही उन्होंने राज्य के औद्योगिक विकास को भी आवश्यक बताया। उनका कहना था कि पंजाब के कई औद्योगिक क्षेत्रों को नई ऊर्जा और निवेश की जरूरत है। यदि उद्योगों को बेहतर माहौल और आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

कानून-व्यवस्था और अपराध पर भी जताई चिंता

राज्यसभा सदस्य ने पंजाब में गैंगस्टर गतिविधियों, जबरन वसूली, हथियारों की संस्कृति और हिंसक घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण किसी भी राज्य के विकास की पहली शर्त होता है। इसलिए कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण मिलना आवश्यक है ताकि आर्थिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सकें।

महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण पर दिया जोर

तरुण चुघ ने कहा कि नशे और बेरोजगारी का सबसे अधिक असर परिवारों पर पड़ता है, विशेष रूप से महिलाओं को अनेक सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को सशक्त बनाने के लिए विशेष योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की आवश्यकता है।

उन्होंने युवाओं को राज्य का सबसे बड़ा संसाधन बताते हुए कहा कि रोजगार, स्टार्टअप, नवाचार, कौशल विकास और खेलों के क्षेत्र में अधिक अवसर उपलब्ध कराना समय की मांग है। उनका मानना है कि यदि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिलेंगे तो पंजाब का भविष्य अधिक सुरक्षित और समृद्ध होगा।

व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं पर भी रहेगा ध्यान

उन्होंने कहा कि पंजाब के व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को भी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

तरुण चुघ ने कहा कि व्यापार और उद्योग मजबूत होंगे तो रोजगार बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इसलिए वे व्यापारिक समुदाय से जुड़े मुद्दों को भी संसद में प्रमुखता से उठाएंगे।

भूजल संकट को बताया भविष्य की बड़ी चुनौती

उन्होंने पंजाब में लगातार गिरते भूजल स्तर को गंभीर पर्यावरणीय और कृषि संकट बताया। उनके अनुसार, यदि समय रहते जल संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, आधुनिक सिंचाई तकनीकों और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से जुड़े विषयों पर भी वे केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे।

विकसित भारत-2047 के लक्ष्य से जोड़ने की बात

तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के विजन में पंजाब की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। उनका प्रयास रहेगा कि राज्य कृषि, उद्योग, शिक्षा, नवाचार, बुनियादी ढांचे और रोजगार के क्षेत्र में राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में अग्रणी भूमिका निभाए।

उन्होंने कहा कि संसद में उनकी हर पहल का उद्देश्य पंजाब के समग्र विकास को गति देना और राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना होगा।

पार्टी नेतृत्व का जताया आभार

शपथ ग्रहण के बाद तरुण चुघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मिली हर जिम्मेदारी को उन्होंने सेवा का माध्यम माना है और राज्यसभा सदस्य के रूप में भी उनका लक्ष्य जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना रहेगा।

शपथ समारोह में कई वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान संसद परिसर में भाजपा और अन्य दलों के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। समारोह के बाद तरुण चुघ ने अपने परिवार के साथ भारत के उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक, पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, विधायक अश्विनी कुमार शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश और विजय सांपला सहित अनेक राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

समारोह में विभिन्न राज्यों से आए भाजपा नेताओं और सांसदों की मौजूदगी ने इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसर का स्वरूप दिया। शपथ ग्रहण के साथ ही तरुण चुघ ने यह स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया कि राज्यसभा में उनकी भूमिका पंजाब के विकास, युवाओं के भविष्य, किसानों के हित, उद्योगों के विस्तार और सामाजिक चुनौतियों के समाधान पर केंद्रित रहेगी।