चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और औद्योगिक प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले लिए हैं। वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और उद्योग विभाग से जुड़े भर्ती प्रस्तावों को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इन निर्णयों के तहत स्वास्थ्य विभाग में 619 मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) के पदों पर भर्ती की जाएगी, जबकि उद्योग विभाग में प्रशासनिक और फील्ड स्तर के 97 महत्वपूर्ण पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होगी।
सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य जनसेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना, विभागीय कार्यक्षमता बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। दोनों विभागों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने से सेवा वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आधार
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में स्वीकृत 619 पदों पर भर्ती राज्य की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि गांवों और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है और सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य विभाग में आवश्यक पदों पर किसी प्रकार की कमी न रहे, ताकि आम नागरिकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
प्रत्यक्ष भर्ती और पदोन्नति दोनों को मिलेगा महत्व
सरकार द्वारा स्वीकृत भर्ती ढांचे में प्रत्यक्ष भर्ती और पदोन्नति दोनों को संतुलित रूप से शामिल किया गया है।
वित्त मंत्री के अनुसार, कुल 619 पदों में से 220 पद ऐसे हैं जो पिछले एक वर्ष से कम समय से रिक्त हैं। इसके अलावा 346 पद पदोन्नति कोटे के तहत भरे जाएंगे, जिससे प्रशिक्षित दाई (ट्रेंड दाई) कैडर के पात्र कर्मचारियों को मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) के पद पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के कैरियर विकास के अवसर भी बढ़ेंगे और अनुभवी कर्मियों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
समाप्त किए गए पदों को फिर किया जाएगा बहाल
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि प्रत्यक्ष भर्ती के 53 पद, जो एक वर्ष से अधिक समय तक खाली रहने के कारण पूर्व वित्तीय दिशा-निर्देशों के तहत समाप्त कर दिए गए थे, अब मंत्रिमंडल की आवश्यक स्वीकृति के बाद पुनः बहाल किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इन पदों की बहाली से विभाग की कार्य क्षमता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को कम किया जा सकेगा।
नए नियमों के तहत होगी नियुक्ति
वित्त मंत्री ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा (प्रथम संशोधन) नियम, 2025 के अनुरूप संचालित की जाएगी।
इन पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को लेवल-3 के तहत 21,700 रुपये से 69,100 रुपये तक का वेतनमान मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्था कर रही है।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी करेगी भर्ती प्रक्रिया
सरकार ने इस भर्ती प्रक्रिया को तेज गति से पूरा करने के लिए इसे पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखने का निर्णय लिया है।
इसके स्थान पर पूरी चयन प्रक्रिया बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़, फरीदकोट के माध्यम से कराई जाएगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस संबंध में पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड पहले ही अपनी सहमति दे चुका है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होगा।
सरकार पर आएगा अतिरिक्त वित्तीय भार
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इन 619 पदों पर नियुक्ति के बाद परिवीक्षा अवधि के दौरान राज्य सरकार पर लगभग 16.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उद्योग विभाग में भी होगा बड़ा बदलाव
स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ उद्योग विभाग को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री ने बताया कि विभाग की प्रशासनिक और फील्ड कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कैडरों के पुनर्जीवन को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विभागीय पुनर्गठन के दौरान बड़ी संख्या में पद समाप्त कर दिए गए थे, जिससे कार्य क्षमता प्रभावित हुई।
पुनर्गठन के बाद घटी थी विभागीय क्षमता
वित्त मंत्री के अनुसार, वर्ष 2020 में हुए पुनर्गठन के दौरान उद्योग विभाग ने अपने 1,728 स्वीकृत पदों में से 721 पद सरेंडर कर दिए थे।
इसके परिणामस्वरूप विभाग की कुल कार्य क्षमता में लगभग 42 प्रतिशत की कमी आई और विभिन्न श्रेणियों में स्वीकृत पदों की संख्या काफी घट गई।
उन्होंने कहा कि सीमित कर्मचारियों के साथ विभाग को बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और निवेश से जुड़े कार्यों का संचालन करना कठिन हो रहा था।
97 पदों पर भर्ती को मिली मंजूरी
सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान उद्योग विभाग में 97 महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है।
वित्त मंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों से विभाग के प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ उद्योगों को दी जाने वाली सेवाओं में भी तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि निवेशकों, उद्यमियों और उद्योगों से जुड़े मामलों का समयबद्ध निपटारा हो, जिसके लिए पर्याप्त मानव संसाधन आवश्यक है।
व्यापक पुनर्गठन की भी तैयारी
हरपाल सिंह चीमा ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह अपनी वर्तमान कार्यप्रणाली और प्रशासनिक आवश्यकताओं का विस्तृत अध्ययन करे।
उन्होंने कहा कि विभाग को एक आधुनिक और व्यापक पुनर्गठन रिपोर्ट तैयार करनी होगी, जिसमें वर्तमान जिम्मेदारियों, कर्मचारियों की वास्तविक आवश्यकता और भविष्य की जरूरतों का विस्तृत मूल्यांकन शामिल होगा।
यह रिपोर्ट तैयार होने के बाद वित्त विभाग को भेजी जाएगी ताकि दीर्घकालिक आधार पर विभागीय ढांचे को और मजबूत किया जा सके।
वित्तीय अनुशासन के साथ विकास पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए आवश्यक विभागों में कर्मचारियों की कमी दूर करने की नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पद भरना नहीं, बल्कि ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था तैयार करना है जिससे जनता को समय पर सेवाएं मिलें और विभागों की कार्यकुशलता में सुधार हो।
रोजगार और सेवा दोनों को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य और उद्योग विभाग में इन भर्तियों से दोहरा लाभ होगा। एक ओर युवाओं के लिए नए सरकारी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और उद्योगों को अधिक प्रभावी प्रशासनिक सहायता मिल सकेगी।
पंजाब सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं का आकलन कर चरणबद्ध तरीके से रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक मजबूत, जवाबदेह और जनहितकारी बनाया जा सके।




