किशाऊ परियोजना पर सुक्खू का भाजपा पर हमला, बोले- हिमाचल के हितों की लड़ाई हमने लड़ी

किशाऊ परियोजना पर सुक्खू का भाजपा पर हमला, बोले- हिमाचल के हितों की लड़ाई हमने लड़ी

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किशाऊ बांध परियोजना को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं, हिमाचल की जनता के अधिकारों और हितों की लड़ाई जारी रखेंगे। किशाऊ परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस मामले में उनकी सरकार ने जो प्रयास किए हैं, उसका श्रेय भी प्रदेश सरकार को ही मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री वीरवार को अपने विधानसभा क्षेत्र नादौन के रैल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर तीखे राजनीतिक हमले किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेताओं को किशाऊ परियोजना को लेकर बयान देने से पहले इसके वित्तीय और आर्थिक पहलुओं को समझना चाहिए।

हिमाचल को बिना अतिरिक्त निवेश के मिलेगा आर्थिक लाभ

सुक्खू ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से हिमाचल प्रदेश को बिना अतिरिक्त निवेश के लगभग 1,500 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को इसी स्तर की आय हासिल करने के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें हिमाचल की स्थिति पर सवाल उठाने के बजाय उत्तराखंड से भी परियोजना को लेकर उसकी स्थिति और हितों के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना हिमाचल के लिए आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और सरकार ने बातचीत के दौरान प्रदेश के हितों को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, परियोजना से मिलने वाला आर्थिक लाभ भविष्य में हिमाचल के विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकेगा।

परियोजना की लागत में भारी बढ़ोतरी का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान किशाऊ परियोजना की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, परियोजना की लागत पहले करीब 800 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर अब 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि लागत बढ़ने के कारण हिमाचल प्रदेश पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय बोझ को लेकर राज्य सरकार ने गंभीरता से विचार किया। कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद परियोजना को लेकर तीन महत्वपूर्ण बैठकें हुईं और इन बैठकों के माध्यम से हिमाचल के हितों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।

सुक्खू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रदेश को परियोजना से मिलने वाले लाभ का उचित हिस्सा मिले और इसके लिए हिमाचल को अनावश्यक आर्थिक भार न उठाना पड़े।

पांच साल बाद करीब 1200 करोड़ रुपये मिलने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश को करीब 1,200 करोड़ रुपये सालाना मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह राशि प्रदेश के विकास पर खर्च की जाएगी।

उन्होंने दावा किया कि परियोजना को उत्तराखंड और केंद्र सरकार मिलकर तैयार करेंगे और हिमाचल प्रदेश को इसके लिए बड़ी राशि खर्च नहीं करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल को परियोजना से होने वाला आर्थिक लाभ प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

सुक्खू ने कहा कि इस परियोजना को लेकर हिमाचल सरकार ने अपने हितों की मजबूती से पैरवी की है। उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि यदि उन्हें परियोजना से जुड़े फैसलों पर आपत्ति है तो वे यह बताएं कि उनके कार्यकाल में हिमाचल के हितों के लिए क्या कदम उठाए गए थे।

अनुराग ठाकुर से 20 साल का हिसाब मांगा

मुख्यमंत्री ने हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें किशाऊ परियोजना के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाने की जरूरत है। सुक्खू ने कहा कि अनुराग ठाकुर लगभग 20 वर्षों से हमीरपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और उन्हें जनता को बताना चाहिए कि इतने लंबे समय में उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए क्या किया।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयान देने से पहले परियोजना के पूरे तथ्यों को समझना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता किशाऊ परियोजना को लेकर राज्य सरकार के प्रयासों को स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं।

सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि विभिन्न परियोजनाओं से हिमाचल को क्या लाभ मिला और राज्य के हितों की रक्षा के लिए किस सरकार ने क्या कदम उठाए।

भाजपा नेताओं पर केंद्र के सामने चुप रहने का आरोप

मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि वे हिमाचल से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य में तो बयान देते हैं, लेकिन केंद्र सरकार के सामने प्रदेश के हितों की बात मजबूती से नहीं रखते। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की आवाज परवाणू से आगे जाकर केंद्र सरकार के सामने हिमाचल के मुद्दों पर कमजोर पड़ जाती है।

उन्होंने कहा कि राज्य के हितों से जुड़े मामलों में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के अधिकारों की बात करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी ऐसे फैसले को स्वीकार नहीं करेगी जिससे हिमाचल को नुकसान हो।

वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने संबोधन में वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जीत हासिल की है और इससे प्रदेश के खजाने में 401 करोड़ रुपये आए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए विभिन्न मामलों में मजबूती से पैरवी कर रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जेएसडब्ल्यू कंपनी से भी राज्य को 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है।

सुक्खू ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के संसाधनों का उचित उपयोग हो और राज्य की आय में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त राजस्व का इस्तेमाल जनता से जुड़े विकास कार्यों और विभिन्न क्षेत्रों में सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का दावा

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछली भाजपा सरकार के समय चिकित्सा महाविद्यालयों में कर्मचारियों और विशेषज्ञों की कमी थी। वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं।

उन्होंने दावा किया कि मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की संख्या में करीब 60 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भी सरकार काम कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत ढांचे और मानव संसाधन को मजबूत करने पर सरकार का ध्यान है।

‘जनता के हक की लड़ाई जारी रहेगी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका राजनीतिक उद्देश्य प्रदेश के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं, हिमाचल की जनता के हक की लड़ाई जारी रखेंगे।

किशाऊ परियोजना का उदाहरण देते हुए सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने परियोजना के आर्थिक पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया और प्रदेश के हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से हिमाचल को आने वाले समय में आर्थिक लाभ मिलेगा और इस राशि का इस्तेमाल विकास कार्यों के लिए किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी परियोजना में हिमाचल के हितों को नजरअंदाज नहीं करेगी। चाहे मामला जल संसाधनों का हो, बिजली का हो या राज्य की वित्तीय स्थिति से जुड़ा कोई अन्य विषय, सरकार हर स्तर पर प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखेगी।

किशाऊ परियोजना पर राजनीतिक बहस तेज

किशाऊ बांध परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री के ताजा बयान से हिमाचल में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। मुख्यमंत्री जहां परियोजना के लिए अपनी सरकार की भूमिका और प्रयासों को प्रमुखता दे रहे हैं, वहीं भाजपा नेताओं पर इसे लेकर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगा रहे हैं।

सुक्खू ने कहा कि परियोजना से हिमाचल को मिलने वाला आर्थिक लाभ आने वाले वर्षों में प्रदेश के विकास के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहा है कि हिमाचल को परियोजना का लाभ मिले और राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि उन्हें जनता के सामने अपने कार्यकाल और क्षेत्र के लिए किए गए कामों का भी हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता अब विकास और अपने अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाब चाहती है।

सुक्खू ने दोहराया कि प्रदेश सरकार हिमाचल के हितों से जुड़े हर मामले में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी और राज्य को मिलने वाले आर्थिक एवं अन्य लाभों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।