पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आम आदमी पार्टी पर पंजाब के सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग को लेकर निशाना साधा है। जाखड़ ने आरोप लगाया कि दिल्ली से जुड़े आप नेताओं और पदाधिकारियों को पंजाब में लाकर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों को पंजाब सरकार के मंत्रियों के लिए निर्धारित सरकारी बंगलों में ठहराया गया है।
जाखड़ ने कहा कि सरकारी आवास किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं या बाहर से लाए गए लोगों के लिए नहीं होते। इनका आवंटन निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि सरकारी आवासों के आवंटन और इस्तेमाल से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए।
पंजाब के नेताओं से उठाई आवाज
जाखड़ ने पंजाब के राजनीतिक दलों और नेताओं से इस मुद्दे पर गंभीरता से आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब पंजाब के नेताओं को जागने की जरूरत है। यह केवल कुछ सरकारी बंगलों में लोगों के रहने का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी संपत्तियों के इस्तेमाल और उनकी सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर सरकारी बंगलों में कौन लोग रह रहे हैं और उन्हें ये आवास किस आधार पर उपलब्ध करवाए गए हैं। यदि किसी व्यक्ति को सरकारी आवास दिया गया है तो उसका पद, पात्रता और आवंटन का आधार स्पष्ट होना चाहिए।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार की संपत्ति प्रदेश के लोगों की संपत्ति है। इसलिए किसी राजनीतिक संगठन को सरकारी संसाधनों का मनमाने ढंग से इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
आवास आवंटन का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग
भाजपा नेता ने सरकार से मांग की कि चंडीगढ़ स्थित पंजाब सरकार के सभी सरकारी आवासों का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। इसमें यह जानकारी भी सामने आनी चाहिए कि कौन सा बंगला किस व्यक्ति को आवंटित है, उसका आवंटन किस पद या नियम के तहत किया गया और वर्तमान में उस आवास में कौन रह रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी आवास का इस्तेमाल नियमों के विपरीत किया जा रहा है तो इसकी जांच होनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
जाखड़ ने कहा कि सरकारी आवासों का आवंटन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। किसी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति को केवल राजनीतिक संबंधों के आधार पर सरकारी सुविधा मिलना उचित नहीं है।
‘यह पंजाब के अधिकारों से जुड़ा सवाल’
जाखड़ ने कहा कि सरकारी बंगलों को लेकर उठ रहे सवालों को केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। यह पंजाब के अधिकारों और सरकारी संपत्तियों से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की संपत्तियों और संसाधनों का इस्तेमाल पंजाब के निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए। यदि बाहर से किसी व्यक्ति को यहां सरकारी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है तो उसके पीछे वैध प्रशासनिक आधार होना जरूरी है।
जाखड़ ने कहा कि यदि आज ऐसे मामलों पर सवाल नहीं उठाए गए तो भविष्य में सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर और गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार से जवाब मांगने को कहा।
सरकारी सुविधाओं के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
जाखड़ ने कहा कि आने वाले समय में जब इन लोगों को पंजाब में राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से देखा जाएगा तो यह सवाल भी पूछा जाएगा कि उन्हें पंजाब में किस आधार पर लाया गया और उन्हें सरकारी सुविधाएं किस नियम के तहत उपलब्ध कराई गईं।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सरकारी आवासों का इस्तेमाल कौन कर रहा है। यदि किसी व्यक्ति को आवास आवंटित किया गया है तो उसके पास ऐसा करने का अधिकार किस नियम या सरकारी आदेश से आया, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
जाखड़ ने अपने बयान में कहा, “जागो पंजाब के राजनेताओं, आपके घर में चोर घुस आए हैं।” उन्होंने यह टिप्पणी सरकारी संपत्तियों के कथित दुरुपयोग के आरोपों के संदर्भ में की।
नियमों के तहत हो सरकारी आवासों का इस्तेमाल
भाजपा नेता ने कहा कि सरकारी बंगलों का आवंटन किसी व्यक्ति की राजनीतिक पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए। मंत्रियों, अधिकारियों और अन्य पात्र लोगों के लिए निर्धारित सरकारी आवासों का इस्तेमाल उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए उनका निर्माण और आवंटन किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार को सरकारी संपत्तियों के रखरखाव और उनके इस्तेमाल की निगरानी भी करनी चाहिए। यदि किसी आवास पर अनधिकृत कब्जा है या निर्धारित पात्रता के बिना किसी व्यक्ति को सुविधा दी गई है तो उसे खाली करवाने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
सरकार से पारदर्शिता की मांग
जाखड़ ने पंजाब सरकार से सरकारी आवासों को लेकर स्थिति साफ करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि वर्तमान में चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के कितने सरकारी आवास खाली हैं, कितने आवंटित हैं और किन-किन लोगों को आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आवास आवंटन से संबंधित आदेशों और नियमों को सार्वजनिक करने से पूरे मामले में पारदर्शिता आएगी। यदि सभी आवंटन नियमों के अनुसार हुए हैं तो सरकार को रिकॉर्ड सामने रखने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब की सरकारी संपत्ति किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है। इसका इस्तेमाल नियमों के अनुसार और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की समीक्षा कराने और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन सामने आए तो उचित कार्रवाई करने की मांग की।




