हिमाचल में ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था का पुनर्गठन: पेयजल योजनाओं की तकनीकी जिम्मेदारी फिर जल शक्ति विभाग के हाथों में

हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी, तकनीकी रूप से सक्षम और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने तय किया है कि अब ग्रामीण पेयजल योजनाओं के तकनीकी संचालन, मरम्मत और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी जल शक्ति विभाग निभाएगा। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों और स्थानीय समितियों की भूमिका को निगरानी, जनभागीदारी और स्थानीय समन्वय तक सीमित रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के संचालन में आने वाली तकनीकी बाधाओं को समय पर दूर किया जा सकेगा।…

खेलों और फिटनेस पर हिमाचल सरकार का बड़ा फोकस, खेलो इंडिया की मेजबानी के लिए केंद्र के सामने रखेगा प्रस्ताव

हिमाचल प्रदेश में खेल संस्कृति को नई दिशा देने और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार अब एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश सरकार प्रतिष्ठित ‘खेलो इंडिया गेम्स’ की मेजबानी के लिए अपनी औपचारिक दावेदारी पेश करेगी। उनका कहना है कि हिमाचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य में उपलब्ध खेल ढांचे को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर के बड़े खेल आयोजन सफलतापूर्वक आयोजित किए जा सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने…

HRTC कर्मचारियों-पेंशनरों को बड़ी राहत, मेडिकल दावों के निपटारे के लिए 20 करोड़ मंजूर; 25 जून की प्रस्तावित हड़ताल पर आज अहम बैठक

हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए लंबे समय से लंबित मेडिकल प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) दावों के भुगतान के लिए 20 करोड़ रुपये जारी करने का फैसला किया है। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने चिकित्सा खर्चों की प्रतिपूर्ति का इंतजार कर रहे थे। राज्य सरकार के इस फैसले को एचआरटीसी कर्मचारियों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पिछले कई महीनों से मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी के कारण…

वित्तीय चुनौतियों के बीच विधायकों को राहत: छह महीने बाद फिर शुरू हुई विकास निधि योजना

हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से रुकी हुई विधायक क्षेत्र विकास निधि (एमएलए एलएडी) को राज्य सरकार ने एक बार फिर शुरू कर दिया है। करीब छह महीने के अंतराल के बाद निधि बहाल होने से प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में लंबित विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है। योजना विभाग ने चालू वित्त वर्ष की पहली किश्त के रूप में सभी विधायकों के लिए धनराशि जारी कर दी है, जिससे स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा। राज्य सरकार के इस फैसले को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना…

हिमाचल की 136 पंचायतों पर सुक्खू सरकार की विशेष मेहरबानी, विकास कार्यों के लिए खुला खजाना

हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न पंचायती राज चुनावों के बाद राज्य सरकार ने उन पंचायतों को विशेष प्रोत्साहन देने की तैयारी शुरू कर दी है, जहां चुनाव बिना किसी मुकाबले के संपन्न हुए। लोकतांत्रिक सहमति, सामाजिक एकजुटता और ग्रामीण स्तर पर सौहार्दपूर्ण माहौल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार 136 निर्विरोध निर्वाचित पंचायतों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने जा रही है। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने लगभग 34 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग के पास भेज दिया है। वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र…

उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्यों का साझा रोडमैप: महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराध और नशा तस्करी पर कड़े कदमों की तैयारी

शिमला में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय परिषद (नॉर्दर्न जोनल काउंसिल) की 22वीं स्थायी समिति की बैठक में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय बढ़ाने, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने तथा लंबे समय से लंबित अंतरराज्यीय मुद्दों के समाधान को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच में तेजी लाने, नशे के कारोबार पर संयुक्त कार्रवाई करने, साइबर अपराध से निपटने के लिए राज्यों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने और जल, पर्यावरण तथा सुरक्षा से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया…

अदालतों के हस्तक्षेप से विकास प्रभावित होता है, नीतियां बनाने का अधिकार सरकार का: सुक्खू

हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स भर्ती को लेकर चल रही कानूनी और राजनीतिक बहस के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट कहा है कि नीतिगत मामलों में सरकार को निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए और ऐसे विषयों पर बार-बार न्यायिक हस्तक्षेप से राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी नीति में खामियां हैं तो उन्हें दूर करने के लिए सुझाव दिए जा सकते हैं, लेकिन हर स्तर पर रोक लगाने से न सरकार का भला होता है और न ही आम जनता का। मुख्यमंत्री ने यह बात हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र…

1691 प्रधान-उपप्रधानों के शपथ ग्रहण के साथ सुक्खू सरकार का बड़ा वादा, पंचायतों को मिलेगी पूरी वित्तीय मदद

हिमाचल प्रदेश में पंचायत स्तर पर विकास को नई दिशा देने की कवायद के बीच धर्मशाला में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां जिलेभर से चुने गए पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने पद की जिम्मेदारियां संभालने का औपचारिक संकल्प लिया। जिला कांगड़ा में आयोजित इस विशाल समारोह में सैकड़ों नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों ने एक साथ पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर ग्रामीण प्रशासन को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नवचयनित प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत और…

बढ़ते वित्तीय दबाव के बीच सरकार फिर बाजार से जुटाएगी धन, 700 करोड़ रुपये उधार लेने की प्रक्रिया अंतिम चरण में

राज्य की आर्थिक स्थिति पर लगातार बढ़ रहे दबाव के बीच सरकार एक बार फिर कर्ज का सहारा लेने जा रही है। वित्तीय संसाधनों की कमी और नियमित खर्चों को पूरा करने की चुनौती के कारण सरकार ने 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने की तैयारी तेज कर दी है। वित्त विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली हैं और जल्द ही बाजार से धन जुटाने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार राजस्व प्राप्तियों और व्यय के बीच बढ़ते अंतर ने वित्तीय प्रबंधन को और जटिल बना दिया है।…

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स्वास्थ्य योजनाओं से लेकर सोशल मीडिया प्रचार तक, जयराम ठाकुर ने सरकार पर साधा निशाना; कहा- जनता के हितों को कमजोर किया जा रहा हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर स्वास्थ्य योजनाओं और सरकारी कार्यप्रणाली को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वर्तमान सरकार पूर्व भाजपा शासनकाल में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई योजनाओं को मजबूत…

हिमाचल के हजारों मल्टी टास्क कर्मियों को मिल सकती है बड़ी राहत, सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर सरकार बनाएगी नया रोडमैप

हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत हजारों मल्टी टास्क वर्करों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। वर्षों से सीमित मानदेय, अस्थिर सेवा शर्तों और भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच अब प्रदेश सरकार इनके लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक नीति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि प्रस्तावित नीति न केवल इन कर्मचारियों के कार्यकाल और सेवा शर्तों को स्पष्ट करेगी, बल्कि उनके भविष्य को लेकर भी ठोस व्यवस्था का रास्ता खोल सकती है। प्रदेश सरकार ने इस विषय पर गंभीरता दिखाते हुए…

हिमाचल के स्कूलों में प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव, नई SMC व्यवस्था के तहत बढ़ेगी जवाबदेही और सामुदायिक भागीदारी

हिमाचल प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में स्कूल प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से राज्य में स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) का पुनर्गठन किया जाएगा। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किए गए निर्देशों के तहत अब स्कूलों में प्रबंधन और निगरानी की व्यवस्था पहले से अलग स्वरूप में दिखाई देगी। नई व्यवस्था के तहत न केवल समितियों का गठन नए सिरे से होगा, बल्कि उन्हें कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी जाएंगी। समग्र शिक्षा अभियान की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी सरकारी तथा…

किशाऊ बांध पर हिमाचल के हक की जीत, बदली शर्तों के साथ मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ; केंद्र ने मानी राज्य सरकार की मांग

हिमाचल प्रदेश के लिए लंबे समय से चर्चा में रही किशाऊ बांध परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस परियोजना से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर सहमति बनने का दावा किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि बदली हुई शर्तों के साथ अब हिमाचल प्रदेश को इस परियोजना से बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा, जबकि परियोजना के निर्माण या संचालन के लिए प्रदेश पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। राज्य सरकार के अनुसार यह फैसला केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के आर्थिक हितों…

सीबीएसई सरकारी स्कूलों में शिक्षक तैनाती पर बढ़ा असमंजस, हिमाचल सरकार के सामने मेरिट और व्यवस्था के बीच संतुलन की चुनौती

हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर नई स्थिति पैदा हो गई है। राज्य सरकार द्वारा पहले शिक्षकों के चयन के लिए परीक्षा आयोजित की गई, मेरिट सूची तैयार की गई और काउंसिलिंग प्रक्रिया के लिए विभिन्न केंद्र भी निर्धारित कर दिए गए, लेकिन अब नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचने से पहले ही कई सवालों और विरोधाभासी मांगों में उलझ गई है। प्रदेश के 158 सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती को लेकर शिक्षा विभाग, शिक्षक संगठनों और सरकार के बीच अलग-अलग मत सामने आ…

हिमाचल में गरीबी उन्मूलन की नई रणनीति: सबसे जरूरतमंद 1.22 लाख परिवारों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का समग्र लाभ

हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के आर्थिक रूप से सबसे कमजोर और वंचित परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा मॉडल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार अब नए बीपीएल सर्वेक्षण में चिन्हित किए गए लगभग 1.22 लाख अति गरीब परिवारों को विशेष सहायता दायरे में लाने की योजना पर विचार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य केवल वित्तीय मदद उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि इन परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का है। राज्य सरकार का मानना है कि गरीबी केवल आय की कमी का…

घाटे से जूझ रहे सरकारी होटलों को मिलेगा नया जीवन, हिमाचल सरकार ने निजी भागीदारी मॉडल की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की आर्थिक स्थिति को सुधारने और लंबे समय से घाटे में चल रही होटल इकाइयों को पुनर्जीवित करने के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से पर्यटन निगम की चुनिंदा होटल संपत्तियों के संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए लगभग 50 लाख रुपये की कंसल्टेंसी राशि मंजूर कर दी है। इस निर्णय के साथ राज्य में पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी उन संपत्तियों के पुनर्गठन का रास्ता साफ हो गया है जो वर्षों से अपेक्षित आय नहीं दे पा रही थीं। सरकार का…

मनरेगा की जगह नई रोजगार नीति की तैयारी: हिमाचल में 1 जुलाई से लागू हो सकता है ‘वीबी-जीरामजी मिशन’, वित्तीय बोझ को लेकर उठे सवाल

हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार केंद्र द्वारा प्रस्तावित विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) को लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस नई योजना को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश सरकार ने योजना का विस्तृत मसौदा तैयार कर लिया है और कानूनी परीक्षण के लिए विधि विभाग को भेज दिया है। विभागीय मंजूरी मिलने के बाद इसे मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य…

हिमाचल में सत्ता परिवर्तन का दावा, नड्डा बोले— जनता बदलाव का मन बना चुकी, 2027 में भाजपा को मिलेगा मौका

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता आगामी विधानसभा चुनावों में बदलाव का फैसला कर चुकी है और वर्ष 2027 में भाजपा को सत्ता सौंपने का रास्ता तैयार हो रहा है। नड्डा ने कहा कि हाल ही में हुए स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के नतीजे इस दिशा में स्पष्ट संकेत दे चुके हैं। शिमला में आयोजित एक विशेष बौद्धिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय…

हिमाचल के सरकारी स्कूलों में भेदभाव पर जीरो टॉलरेंस, मिड-डे मील व्यवस्था की होगी मासिक निगरानी

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में संचालित पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विद्यार्थियों के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने और भोजन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब राज्य के सभी जिलों में इस योजना की हर महीने समीक्षा की जाएगी और इसकी विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ धर्म, जाति, लिंग या किसी अन्य आधार पर किसी भी प्रकार का अलग व्यवहार स्वीकार…

उच्च शिक्षा के लिए सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, अध्ययन अवकाश के दौरान अब नहीं कटेगा वेतन

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अध्ययन अवकाश (स्टडी लीव) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य के वे कर्मचारी जो नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा, शोध या विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अध्ययन अवकाश पर जाएंगे, उन्हें अवकाश अवधि के दौरान पूरा वेतन मिलेगा। सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के कौशल विकास और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा बजट में की गई इस घोषणा को हाल ही में मंत्रिमंडल की बैठक में औपचारिक…