CM मान का बड़ा फैसला: महिला कर्मियों की तैनाती अब घर से 40 किमी के दायरे में

CM मान का बड़ा फैसला: महिला कर्मियों की तैनाती अब घर से 40 किमी के दायरे में

पंजाब सरकार ने महिला कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने और उनके पारिवारिक जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने घोषणा की है कि राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत ग्रुप-सी और ग्रुप-डी वर्ग की महिला कर्मचारियों को परखकाल (प्रोबेशन पीरियड) पूरा होने के बाद उनके निवास स्थान के नजदीक तैनाती देने की व्यवस्था की जाएगी। नई नीति के तहत पात्र महिला कर्मचारियों की पोस्टिंग उनके घर से अधिकतम 40 किलोमीटर की दूरी के भीतर सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

यह घोषणा मंगलवार को मोहाली स्थित विकास भवन में आयोजित राज्य स्तरीय नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में चयनित 523 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और राज्य सरकार की रोजगार तथा कर्मचारी हितैषी नीतियों पर विस्तार से चर्चा की।

महिलाओं की सुविधाओं को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और कर्मचारी कल्याण को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि कई महिला कर्मचारियों ने उनसे व्यक्तिगत तौर पर अपनी समस्याएं साझा की थीं। इनमें सबसे बड़ी समस्या घर से बहुत दूर तैनाती की रही, जिसके कारण उन्हें परिवार से लंबे समय तक दूर रहना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि अनेक मामलों में महिला कर्मचारियों की पोस्टिंग उनके निवास स्थान से 150 से 200 किलोमीटर तक दूर की गई है। ऐसी स्थिति में उन्हें अपने बच्चों, बुजुर्ग माता-पिता और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई कर्मचारी सप्ताह में केवल एक-दो दिन ही अपने घर जा पाती हैं, जिससे मानसिक और सामाजिक दबाव बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इन समस्याओं को गंभीरता से लिया है और अब ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे महिलाओं को नौकरी और परिवार के बीच बेहतर संतुलन बनाने में सहायता मिल सके।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

नई व्यवस्था का लाभ मुख्य रूप से ग्रुप-सी और ग्रुप-डी श्रेणी की महिला कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें स्वास्थ्य विभाग की स्टाफ नर्सें, विभिन्न सरकारी स्कूलों में कार्यरत अध्यापिकाएं, महिला पुलिस कर्मी तथा अन्य पात्र महिला कर्मचारी शामिल होंगी।

सरकार का मानना है कि इन वर्गों में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं और उन्हें अक्सर दूर-दराज क्षेत्रों में नियुक्त किया जाता है। नई नीति लागू होने के बाद ऐसी कर्मचारियों को अपने घर के आसपास या अपेक्षाकृत कम दूरी वाले क्षेत्रों में तैनाती मिलने की संभावना बढ़ेगी।

प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद लागू होगी व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा कर्मचारियों के परखकाल पूरा होने के बाद लागू होगी। नियुक्ति के शुरुआती चरण में विभागीय आवश्यकताओं के अनुसार पोस्टिंग जारी रहेगी, लेकिन प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद महिला कर्मचारियों को घर के नजदीक तैनात करने को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासनिक जरूरतों और कर्मचारी हितों के बीच संतुलन बनाते हुए इस नीति को लागू करेगी, ताकि विभागीय कार्य प्रभावित न हों और कर्मचारियों को भी राहत मिल सके।

अधिकारियों को दिए गए जरूरी निर्देश

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल को जमीन पर उतारने के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर ऐसा ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे महिला कर्मचारियों की तैनाती प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि नीति का लाभ वास्तविक जरूरतमंद कर्मचारियों तक पहुंचे और इसके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की परेशानी न आए। इसके लिए विभिन्न विभागों से आंकड़े और आवश्यक जानकारी जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

मायका या ससुराल, दोनों में से किसी एक पते का विकल्प

नई व्यवस्था की एक विशेष बात यह भी है कि महिला कर्मचारियों को आवेदन या आधिकारिक दस्तावेज भरते समय अपने मायके अथवा ससुराल में से किसी एक पते को प्राथमिक निवास के रूप में दर्ज करने की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विवाह के बाद अधिकांश महिलाओं की परिस्थितियां बदल जाती हैं। ऐसे में केवल स्थायी पते के आधार पर पोस्टिंग तय करना कई बार व्यावहारिक नहीं होता। इसलिए सरकार ने महिलाओं को यह विकल्प देने का निर्णय लिया है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार मायके या ससुराल का पता दर्ज कर सकें।

इस कदम से विवाहित महिला कर्मचारियों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है और वे अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के अनुरूप पोस्टिंग का लाभ प्राप्त कर सकेंगी।

40 किलोमीटर अधिकतम सीमा, इससे कम दूरी भी संभव

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 40 किलोमीटर की दूरी केवल अधिकतम सीमा के रूप में निर्धारित की जा रही है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी कर्मचारियों की तैनाती ठीक 40 किलोमीटर दूर ही होगी।

उन्होंने कहा कि जहां संभव होगा, कर्मचारियों को 15, 20 या 25 किलोमीटर के दायरे में भी तैनात किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को उनके घरों के अधिक से अधिक निकट कार्यस्थल उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अनावश्यक यात्रा और समय की बर्बादी से बचाया जा सके।

पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने में मिलेगी मदद

विशेषज्ञों का मानना है कि महिला कर्मचारियों की घर के निकट तैनाती से उनके जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार आएगा। लंबे सफर और दूरस्थ पोस्टिंग के कारण महिलाओं को अक्सर बच्चों की देखभाल, बुजुर्गों की सेवा और घरेलू जिम्मेदारियों को संभालने में कठिनाई होती है।

नई नीति लागू होने के बाद महिलाओं का यात्रा समय कम होगा, जिससे वे परिवार को अधिक समय दे सकेंगी। साथ ही, कार्यस्थल पर उनकी उत्पादकता और कार्य संतुष्टि में भी वृद्धि होने की संभावना है।

रोजगार और कर्मचारी हितों पर सरकार का फोकस

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है। महिला कर्मचारियों के लिए घोषित यह नई व्यवस्था उसी सोच का हिस्सा है।

हजारों कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद

सरकारी सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस और अन्य विभागों में कार्यरत बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी इस नीति से लाभान्वित हो सकती हैं। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में नियुक्त महिलाओं को इससे सबसे अधिक राहत मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह पहल महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ सरकारी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों और आम लोगों के हित में ऐसे फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी।

महिला कर्मचारियों को घर के नजदीक तैनाती देने संबंधी यह प्रस्ताव राज्य की कर्मचारी कल्याण नीतियों में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो इससे हजारों महिला कर्मचारियों को राहत मिलेगी और वे अपने पेशेवर तथा पारिवारिक दायित्वों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर सकेंगी।