हिमाचल के स्कूलों में डिजिटल क्रांति: 777 सरकारी संस्थानों में स्मार्ट क्लास, 142 करोड़ की परियोजना से बदलेगा पढ़ाई का तरीका

हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। राज्य के 777 सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षण पद्धति के साथ-साथ डिजिटल और इंटरैक्टिव माध्यम से पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराना है। पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए यह पहल विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि डिजिटल संसाधनों की मदद से उन्हें गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।…

हिमाचल को जल योजनाओं के लिए बड़ी राहत, केंद्र से 261 करोड़ को मंजूरी: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री

हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वच्छ एवं नियमित पेयजल पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण वित्तीय पहल सामने आई है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत राज्य में पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए करीब 261 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का रास्ता साफ होने की जानकारी दी गई है। इस राशि से लंबे समय से लंबित जलापूर्ति योजनाओं को पूरा करने, निर्माण कार्यों को गति देने और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े बकाया भुगतान को निपटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। राज्य के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस संबंध में जानकारी साझा…

हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2026: चुनाव आयोग आज करेगा अहम समीक्षा बैठक, जल्द हो सकती है चुनाव कार्यक्रम की घोषणा

हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही हैं। राज्य निर्वाचन आयोग आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रहा है, जिसमें पंचायत चुनाव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में मतदाता सूची, परिसीमन, नई पंचायतों के गठन, मतदान केंद्रों की तैयारी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद चुनाव कार्यक्रम को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है। ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करने वाले इन चुनावों का प्रदेश की स्थानीय शासन व्यवस्था में विशेष महत्व है। पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से गांवों में…

2027 चुनाव से पहले कांग्रेस का संगठन मजबूत करने पर फोकस, कांगड़ा में होगा प्रशिक्षण शिविर: विनय कुमार

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि पार्टी आने वाले चुनावों के लिए अभी से जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर रही है। इसके तहत संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पार्टी की पहुंच को हर क्षेत्र तक बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। विनय कुमार के अनुसार, किसी भी राजनीतिक संगठन की मजबूती उसके बूथ, ब्लॉक और जिला स्तर के ढांचे पर निर्भर…

हिमाचल में उत्कृष्ट योगदान देने वालों का सम्मान, स्टेट अवॉर्ड्स-2026 के नामों का ऐलान

हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा कर दी है। इन पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश में प्रशासन, समाज सेवा, खेल, शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से घोषित सूची में सिविल सेवा पुरस्कार, प्रेरणा स्रोत पुरस्कार और प्रतिष्ठित हिमाचल गौरव पुरस्कार के लिए कई नाम शामिल किए गए हैं। चयनित सभी विजेताओं को 15 अप्रैल को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन लोगों और संस्थाओं…

हिमाचल में भाजपा की नई रणनीति—विद्रोही नेताओं की वापसी पर मंथन, अनुशासन कमेटी बनेगी अहम कड़ी

हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मंडी में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और अनुशासन को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। बैठक के दौरान सबसे अधिक ध्यान उस संकेत पर गया, जिसमें पिछले चुनावों के दौरान पार्टी से अलग हुए या बगावत करने वाले नेताओं की संभावित वापसी पर विचार किए जाने की बात सामने आई। पार्टी का मानना है कि चुनावी राजनीति में मजबूत संगठन सबसे…

Himachal Pradesh University में बड़ा फैसला, नौकरी के साथ अब पार्ट टाइम पीएचडी का विकल्प

उच्च शिक्षा और शोध को अधिक समावेशी तथा लचीला बनाने की दिशा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब पार्ट-टाइम पीएचडी (Part-Time PhD) कार्यक्रम को मंजूरी देने का फैसला किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उन अभ्यर्थियों को शोध करने का अवसर उपलब्ध कराना है, जो नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों या अन्य व्यावसायिक कारणों से अब तक नियमित (फुल टाइम) पीएचडी नहीं कर पा रहे थे। विश्वविद्यालय का मानना है कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी और पेशेवर हैं, जो उच्च शिक्षा और शोध में रुचि रखते हैं, लेकिन…