पंजाब के खन्ना शहर और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में करीब 55 लाख रुपये की लागत से 66 केवी ग्रिड के आधुनिकीकरण कार्यों का उद्घाटन किया। ग्रिड में नए तकनीकी उपकरण लगाए जाने के बाद बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, वोल्टेज और सिस्टम की विश्वसनीयता में सुधार आने की उम्मीद है।
सरकार की ओर से शहर में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए वितरण नेटवर्क को मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है। इसके तहत कई पुराने ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है, जबकि जरूरत वाले क्षेत्रों में नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए जा रहे हैं। बिजली मंत्री ने बताया कि आने वाले समय में खन्ना शहर में 30 से 35 अतिरिक्त 200 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इसके अलावा खन्ना मंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में 125 नए ट्रांसफॉर्मर लगाने की योजना भी तैयार की गई है।
66 केवी ग्रिड के अपग्रेडेशन के तहत नए ब्रेकर, कैपेसिटर बैंक और बस कपलर जैसे उपकरण लगाए गए हैं। इन तकनीकी सुधारों से बिजली व्यवस्था पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार को संभालने में मदद मिलेगी और विभिन्न इलाकों में वोल्टेज संबंधी समस्या को कम किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, ग्रिड की क्षमता और संचालन व्यवस्था में सुधार होने से उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को निर्बाध और बेहतर गुणवत्ता वाली बिजली उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और शहरी क्षेत्रों के विस्तार के साथ वितरण नेटवर्क पर भी दबाव बढ़ता है। ऐसे में केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को भी समय के साथ अपग्रेड करना जरूरी है।
66 केवी ग्रिड के आधुनिकीकरण का लाभ खन्ना शहर के कई प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को मिलने की उम्मीद है। इनमें करनैल सिंह रोड, जीटीबी मार्केट, सुभाष बाजार, पुरानी सरन, शिवाला मंदिर क्षेत्र, गोलू मार्केट, चंदला मार्केट, फ्रेंड्स कॉलोनी, ग्रीन एन्क्लेव और न्यू खन्ना सिटी शामिल हैं। इसके अलावा बुल्लेपुर, प्रिस्टीन मॉल रोड और अमलोह रोड के आसपास के क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की संभावना है।
सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों को भी इस अपग्रेडेशन का फायदा मिलेगा। कोर्ट कॉम्प्लेक्स, एसएसपी कार्यालय, सिविल अस्पताल और एसडीएम कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने में ग्रिड के आधुनिकीकरण से मदद मिलेगी। इन संस्थानों के लिए लगातार और स्थिर बिजली आपूर्ति जरूरी होती है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना सरकारी और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पहुंचते हैं।
इसके अलावा सालाना एपी फीडर के अंतर्गत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों को भी इस परियोजना का लाभ मिलने की बात कही गई है। बिजली विभाग की ओर से फीडर और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ उन इलाकों की पहचान की जा रही है जहां बिजली की मांग के मुकाबले मौजूदा ढांचा कमजोर है।
मंत्री ने बताया कि खन्ना शहर में कई स्थानों पर पुराने 100 केवीए ट्रांसफॉर्मरों को हटाकर उनकी क्षमता 200 केवीए तक बढ़ाई गई है। कुछ स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार नए 200 केवीए ट्रांसफॉर्मर भी लगाए गए हैं। इससे उन इलाकों में ओवरलोडिंग की समस्या कम करने में मदद मिलेगी जहां गर्मियों या पीक आवर्स के दौरान बिजली की मांग काफी बढ़ जाती है।
खन्ना से लगते ग्रामीण इलाकों में भी बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। मंत्री के अनुसार, आसपास के गांवों में 12 नए 100 केवीए ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इन कार्यों पर लगभग 87.08 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कम वोल्टेज और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं को कम करना है।
सौंद ने कहा कि खन्ना शहर की मौजूदा जरूरतों का आकलन करने के बाद आने वाले समय में 30 से 35 और 200 केवीए ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए जाएंगे। इन ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना से उन इलाकों में बिजली वितरण क्षमता बढ़ाई जाएगी जहां मौजूदा नेटवर्क पर अधिक भार है या भविष्य में मांग बढ़ने की संभावना है।
ग्रामीण क्षेत्रों को लेकर भी विभाग ने व्यापक योजना बनाई है। खन्ना मंडल के गांवों में 125 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने की योजना पर काम चल रहा है। इसके जरिए ग्रामीण वितरण नेटवर्क को मजबूत करने और बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने की तैयारी है। नए ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना से कृषि, घरेलू और अन्य स्थानीय जरूरतों के लिए बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर बनाने में मदद मिल सकती है।
बिजली मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को लगातार आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं की संख्या और बिजली की खपत में वृद्धि के साथ वितरण प्रणाली को भी उसी अनुपात में मजबूत किया जाना जरूरी है। यदि ट्रांसफॉर्मर और फीडर क्षमता पर्याप्त नहीं होगी तो ओवरलोडिंग, लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति में व्यवधान जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
इसी वजह से विभाग की ओर से पुराने उपकरणों को अपग्रेड करने के साथ नई क्षमता भी जोड़ी जा रही है। खन्ना में 66 केवी ग्रिड का आधुनिकीकरण इसी व्यापक योजना का हिस्सा बताया गया है। नए ब्रेकर और बस कपलर जैसे उपकरण ग्रिड संचालन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेंगे, जबकि कैपेसिटर बैंक के इस्तेमाल से सिस्टम की दक्षता और वोल्टेज प्रबंधन को बेहतर करने में सहायता मिलेगी।
शहर के प्रमुख बाजारों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने से व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। खन्ना के विभिन्न बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानों, प्रतिष्ठानों और छोटे कारोबारों की बिजली पर निर्भरता अधिक है। वोल्टेज में उतार-चढ़ाव या बार-बार आपूर्ति बाधित होने से कारोबार प्रभावित हो सकता है। ऐसे में वितरण नेटवर्क के मजबूत होने से व्यापारियों और अन्य उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
इसी तरह रिहायशी इलाकों में भी बढ़ती आबादी और नए निर्माण के कारण बिजली की मांग बढ़ रही है। ग्रीन एन्क्लेव, न्यू खन्ना सिटी और अन्य विकसित हो रहे क्षेत्रों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिजली ढांचे को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना से इन क्षेत्रों में अतिरिक्त लोड को संभालने की क्षमता बढ़ेगी।
मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बिजली से जुड़े विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि केवल नए उपकरण स्थापित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और रखरखाव भी जरूरी है। उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए विभाग को तकनीकी समस्याओं का तेजी से समाधान करना होगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य लोगों को ऐसी बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिसमें बढ़ती मांग के बावजूद आपूर्ति की गुणवत्ता प्रभावित न हो। इसके लिए शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी नेटवर्क विस्तार और क्षमता वृद्धि पर काम किया जा रहा है।
खन्ना में शुरू किए गए ग्रिड आधुनिकीकरण कार्य और ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ाने की योजनाओं को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। करीब 55 लाख रुपये की लागत से 66 केवी ग्रिड में किए गए सुधारों के साथ लगभग 87.08 लाख रुपये के ट्रांसफॉर्मर संबंधी कार्यों से बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सरकार की आगामी योजना के तहत शहर में 30 से 35 नए 200 केवीए ट्रांसफॉर्मर और खन्ना मंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में 125 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने हैं। यदि इन परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जाता है तो खन्ना और आसपास के क्षेत्रों में बिजली नेटवर्क की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
बिजली विभाग की ओर से किए जा रहे इन कार्यों का व्यापक उद्देश्य बढ़ती बिजली मांग के अनुरूप बुनियादी ढांचे को तैयार करना है। खन्ना शहर के प्रमुख बाजारों, रिहायशी कॉलोनियों, सरकारी संस्थानों और आसपास के गांवों को बेहतर आपूर्ति से जोड़ने के लिए ग्रिड, फीडर और ट्रांसफॉर्मर स्तर पर क्षमता बढ़ाई जा रही है।
तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि पंजाब के लोगों को बेहतर बिजली सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए बिजली ढांचे को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जा रहा है। खन्ना में शुरू किए गए काम के बाद अब शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित नए ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना पर ध्यान रहेगा। इससे आने वाले समय में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने और उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद आपूर्ति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।




