पंजाब सरकार ने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राज्य स्तरीय ‘सफाई अभियान 2.0’ को 12 सितंबर तक जारी रखने का फैसला किया है। स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि अभियान के दौरान नागरिकों की ओर से बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराई गईं और इनमें से 83 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। सरकार ने अब स्वच्छता अभियान को केवल प्रशासनिक गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय इसमें आम लोगों, सामाजिक संस्थाओं और बाजार संगठनों की भागीदारी को स्थायी स्वरूप देने की योजना बनाई है।
मंत्री ने बताया कि अभियान के अगले चरण के तहत राज्य के सभी 166 शहरी स्थानीय निकायों में चार बड़े ‘मेगा शनिवार सफाई अभियान’ आयोजित किए जाएंगे। इनमें 14 नगर निगमों के साथ-साथ 152 नगर परिषदों और नगर पंचायतों को शामिल किया गया है। इन अभियानों में गैर-सरकारी संगठनों, मार्केट एसोसिएशनों, युवा क्लबों, धार्मिक संगठनों और रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों का सहयोग लिया जाएगा।
एमसी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरजोत सिंह बैंस ने अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि 29 अगस्त से शुरू हुए ‘सफाई अभियान 2.0’ को नागरिकों से अपेक्षा से अधिक सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान एम-सेवा ऐप के माध्यम से कुल 6,459 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 5,407 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है, जो कुल शिकायतों का 83 प्रतिशत से अधिक है।
बैंस के मुताबिक, नागरिकों की लगातार भागीदारी और सफाई से जुड़ी शिकायतों के तेजी से समाधान को देखते हुए सरकार ने अभियान को निर्धारित अवधि से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कुछ दिनों तक सफाई करवाना नहीं, बल्कि शहरों में स्वच्छता को नियमित व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाना है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान गुरुओं, संतों और शहीदों की पवित्र धरती के रूप में है और राज्य को स्वच्छ रखना सरकार के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, अभियान से यह स्पष्ट हुआ है कि केवल सरकारी मशीनरी के भरोसे शहरों को पूरी तरह स्वच्छ नहीं रखा जा सकता। इसके लिए लोगों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
मंत्री ने कहा कि सफाई अभियान के दौरान शहरों में जमा कूड़े के बड़े ढेरों को हटाने के साथ-साथ ऐसी जगहों पर दोबारा कचरा जमा न हो, इसके लिए भी विभाग की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस अब केवल कूड़ा उठाने पर नहीं, बल्कि कचरा पैदा होने से लेकर उसके संग्रह और निपटारे तक पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर है।
चार शनिवार होंगे स्वच्छता के नाम
हरजोत बैंस ने घोषणा की कि 12 सितंबर से लगातार चार शनिवार को बड़े स्तर पर ‘मेगा सफाई अभियान’ चलाए जाएंगे। इन अभियानों में स्थानीय प्रशासन के साथ सामाजिक और नागरिक संगठन भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। सरकार की योजना है कि इन अभियानों के जरिए शहरों के पार्कों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और रिहायशी इलाकों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मंत्री ने शहरवासियों से अपील की कि वे सप्ताह में केवल दो से तीन घंटे निकालकर इन अभियानों का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय लोग अपने आसपास के क्षेत्रों की सफाई में स्वयं योगदान देंगे तो इसका असर लंबे समय तक दिखाई देगा।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सफाई को केवल नगर निगम या नगर परिषद की जिम्मेदारी न माना जाए। स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, युवाओं और सामाजिक संगठनों को भी अपने इलाके की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभानी होगी।
घर-घर कूड़ा संग्रह पर जोर
मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों और कूड़े के बड़े ढेरों यानी जीवीपी (गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट्स) पर दोबारा कचरा जमा होने की समस्या को रोकने के लिए सभी शहरों में घर-घर कूड़ा संग्रह की व्यवस्था को बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है।
उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे अपना कचरा सड़कों, खाली प्लॉटों या सार्वजनिक स्थानों पर डालने के बजाय घर में ही रखें और कूड़ा संग्रह करने वाली गाड़ी के आने पर उसे सौंपें। सरकार का मानना है कि यदि घरों से नियमित रूप से कचरा उठाया जाए और लोग उसे खुले स्थानों पर फेंकने से बचें तो शहरों में कूड़े के ढेर बनने की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
बैंस ने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआती दौर में लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके बाद सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जुर्माने की व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे दंड की कार्रवाई से बचने के बजाय स्वयं स्वच्छता नियमों का पालन करें।
सफाई कर्मचारियों की भूमिका की सराहना
स्थानीय निकाय मंत्री ने अभियान के दौरान सफाई कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में उन्होंने स्वयं कुराली, खरड़ और नंगल सहित कई कस्बों का दौरा किया और मौके पर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
बैंस ने कहा कि उन्होंने इन क्षेत्रों में रोजाना कई घंटे बिताकर सफाई कर्मचारियों के काम को करीब से देखा है। उनके अनुसार, कर्मचारी कड़ी मेहनत और तत्परता से शहरों की सफाई में जुटे हुए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कर्मचारियों के प्रयास तभी पूरी तरह सफल हो सकते हैं, जब नागरिक भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने से बचें।
उन्होंने कहा कि किसी भी शहर की स्वच्छता व्यवस्था केवल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने या अधिक संसाधन उपलब्ध कराने से मजबूत नहीं हो सकती। इसके लिए नागरिक अनुशासन और जागरूकता जरूरी है।
स्वच्छ शहरों के लिए नागरिक चेतना जरूरी
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि दुनिया के कई देशों और शहरों में सफाई व्यवस्था बेहतर होने का एक प्रमुख कारण वहां के नागरिकों में स्वच्छता को लेकर मजबूत अनुशासन है। उन्होंने कहा कि पंजाब को भी स्वच्छ शहरों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए इसी प्रकार की नागरिक चेतना विकसित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए संसाधन और प्रशासनिक प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आम लोगों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि लोग अपने घरों और दुकानों के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों को भी साफ रखने की आदत विकसित करेंगे तो इसका व्यापक प्रभाव पूरे शहर पर पड़ेगा।
मंत्री ने कहा कि अभियान को आगे बढ़ाने का उद्देश्य इसी सोच को मजबूत करना है। सरकार चाहती है कि स्वच्छता कुछ दिनों तक चलने वाला अभियान न रहकर पंजाब के शहरी जीवन का स्थायी हिस्सा बने।
अभियान के बाद जारी होगा विस्तृत आंकड़ा
बैंस ने बताया कि अभियान की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से इसकी उपलब्धियों का विस्तृत डेटा जारी किया जाएगा। इसमें उन कूड़े के बड़े ढेरों की जानकारी भी शामिल होगी, जिन्हें अभियान के दौरान स्थायी रूप से समाप्त किया गया है।
उन्होंने कहा कि केवल तस्वीरों या दावों के आधार पर अभियान की सफलता का आकलन नहीं किया जाएगा, बल्कि विस्तृत डेटा विश्लेषण के माध्यम से यह बताया जाएगा कि विभिन्न शहरों और स्थानीय निकायों में कितना काम हुआ। स्थायी रूप से हटाए गए जीवीपी की पहले और बाद की स्थिति को भी सामने रखा जाएगा।
मंत्री ने अभियान में सहयोग देने वाले विधायकों, उपायुक्तों, नगर निगम आयुक्तों, नगर निकायों के पार्षदों और सफाई कर्मचारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर अभियान को लागू करने में स्थानीय प्रशासन और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि ‘सफाई अभियान 2.0’ को मिली प्रतिक्रिया सरकार के लिए उत्साहजनक है, लेकिन इसे अंतिम उपलब्धि नहीं माना जा सकता। अब चुनौती यह है कि अभियान के दौरान बनी गति को स्थायी व्यवस्था में बदला जाए।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब में शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में अभी लंबा रास्ता तय करना है। सरकार नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर इस दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में पंजाब के शहर स्वच्छता के मामले में नई मिसाल कायम करेंगे और नागरिक भागीदारी इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।




