चंडीगढ़: पंजाब में नशे की समस्या को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक संघर्ष अब और तीखा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से पंजाब सरकार पर नशे के मुद्दे और गुलजार सिंह की मौत को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पलटवार किया है। केजरीवाल ने कांग्रेस पर ही पंजाब में नशे की समस्या को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार प्रदेश को नशे के संकट से बाहर निकालने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ रही है।
केजरीवाल ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पंजाब में नशे की समस्या मौजूदा सरकार की देन नहीं है। उनके अनुसार, पिछले कई वर्षों के दौरान कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की सरकारों के कार्यकाल में नशे की समस्या ने प्रदेश में जड़ें मजबूत कीं। अब आम आदमी पार्टी की सरकार इस समस्या को खत्म करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है।
आप संयोजक ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ जिस स्तर पर कार्रवाई कर रही है, वैसा अभियान देश में किसी अन्य राज्य में देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को सरकार के प्रयासों का विरोध करने के बजाय नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई में सहयोग करना चाहिए।
केजरीवाल ने कांग्रेस पर लगाए पुराने शासन में नशा फैलाने के आरोप
राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या को लेकर कांग्रेस को अपनी पिछली सरकारों के कार्यकाल का भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के साथ-साथ अकाली दल और भाजपा की सरकारों के दौरान नशे की समस्या लगातार बढ़ती गई।
केजरीवाल ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस समस्या को प्राथमिकता के साथ लिया है और नशे के कारोबार के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ केवल बयान नहीं दे रही, बल्कि इसे खत्म करने के लिए अभियान चला रही है।
उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि एक गंभीर सामाजिक संकट के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं। केजरीवाल ने राहुल गांधी से अपील की कि वे पंजाब की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए उन इलाकों का दौरा करें, जहां नशे की समस्या से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं।
गुलजार सिंह की मौत पर भी आमने-सामने दोनों दल
पंजाब की राजनीति में सबसे ज्यादा विवाद गुलजार सिंह की मौत को लेकर सामने आया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि गुलजार सिंह ने पंजाब सरकार के एक मंत्री के सामने नशे के कारोबार को लेकर सवाल उठाए थे। कांग्रेस नेता के अनुसार, इसके बाद गुलजार सिंह पर दबाव बनाया गया और उन्हें कथित तौर पर माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि लगातार दबाव और प्रताड़ना के बाद गुलजार सिंह ने जहर खा लिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से संबंधित वित्त मंत्री का इस्तीफा लेने और घटना की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद पंजाब की राजनीति में मामला तेजी से गरमाया। कांग्रेस ने इसे सरकार की जवाबदेही से जोड़ते हुए सवाल उठाए, जबकि आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
अब अरविंद केजरीवाल ने राहुल गांधी के आरोपों पर सीधा जवाब देते हुए कहा है कि गुलजार सिंह की मौत को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।
केजरीवाल बोले- मौत पर राजनीति करना ठीक नहीं
केजरीवाल ने कहा कि उन्हें गुलजार सिंह की मौत का दुख है, लेकिन इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले को राजनीतिक रूप देने के लिए कांग्रेस के विधायक जब गांव पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया और उन्हें वहां से वापस जाने के लिए कहा।
केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो भी साझा किया और राहुल गांधी से उस गांव का दौरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को स्वयं वहां जाकर स्थानीय लोगों से बात करनी चाहिए और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति समझनी चाहिए।
आप संयोजक ने दावा किया कि पंजाब सरकार के किसी मंत्री या विधायक का गुलजार सिंह की मौत से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की मौत को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने सरकार पर उठाए थे गंभीर सवाल
इससे पहले राहुल गांधी ने पंजाब में नशे की स्थिति और गुलजार सिंह की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने कहा था कि पंजाब में यदि कोई व्यक्ति सरकार की कार्यप्रणाली या नशे के कारोबार को लेकर सवाल उठाता है तो उसे कथित तौर पर धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने गुलजार सिंह को दलित समुदाय से संबंधित बताते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने प्रदेश के वित्त मंत्री के सामने नशे के कारोबार से जुड़ा मुद्दा उठाया था। कांग्रेस नेता के मुताबिक, इसके बाद गुलजार सिंह पर अपने सवालों को लेकर माफी मांगने के लिए दबाव डाला गया।
राहुल गांधी ने दावा किया कि गुलजार सिंह ने बाद में जहर खा लिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को पंजाब में सरकारी तंत्र की कथित विफलता से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाब मांगा था।
कांग्रेस नेता ने मांग की थी कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी मंत्री या सरकारी तंत्र की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो।
कांग्रेस का आरोप- सवाल उठाने वालों की आवाज दबाई जा रही
राहुल गांधी के आरोपों का आधार यही है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के सरकारी दावों के बावजूद प्रदेश में इस समस्या को लेकर सवाल उठाने वाले लोगों को पर्याप्त सुरक्षा और न्याय नहीं मिल रहा। कांग्रेस का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन लोगों की शिकायतों पर भी गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए जो स्थानीय स्तर पर नशे की बिक्री या कारोबार के बारे में प्रशासन को जानकारी देते हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि यदि किसी नागरिक ने सरकार के सामने नशे के कारोबार से संबंधित शिकायत रखी थी और उसके बाद उसकी मौत हुई, तो पूरे मामले की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। पार्टी इस घटना को सरकार की जवाबदेही से जोड़ रही है।
हालांकि, केजरीवाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए घटना का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
आप का दावा- नशे के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई
आम आदमी पार्टी का कहना है कि पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ पहले की सरकारों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया है। केजरीवाल ने दावा किया कि सरकार का लक्ष्य केवल नशा बेचने वालों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।
उनके अनुसार, पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई को सरकार ने प्राथमिकता दी है और इस अभियान को किसी एक राजनीतिक दल या सरकार तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि नशे की समस्या को खत्म करना है तो सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना होगा।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि पंजाब में नशे की समस्या कई वर्षों से चली आ रही है और इसके लिए केवल वर्तमान सरकार को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और अन्य पूर्व सरकारों के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस दौरान नशे की समस्या को रोकने के लिए पर्याप्त प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ी राजनीतिक गर्मी
राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के बीच हुई इस ताजा जुबानी जंग ने पंजाब की राजनीति में नशे के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। खास बात यह है कि दोनों दल इस मुद्दे पर एक-दूसरे को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।
कांग्रेस का फोकस जहां वर्तमान सरकार से जवाबदेही मांगने और गुलजार सिंह की मौत की निष्पक्ष जांच कराने पर है, वहीं आम आदमी पार्टी पिछली सरकारों के कार्यकाल को निशाना बनाकर नशे की समस्या की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि सामने रख रही है।
केजरीवाल का कहना है कि मौजूदा सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक अभियान चला रही है, जबकि कांग्रेस लगातार सरकार के दावों पर सवाल उठा रही है। इस राजनीतिक टकराव के बीच गुलजार सिंह की मौत का मामला भी व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
गांव जाकर स्थिति देखने की केजरीवाल की चुनौती
केजरीवाल ने राहुल गांधी से अपील की है कि वे स्वयं उस गांव में जाएं, जहां गुलजार सिंह से जुड़ी घटना हुई। उन्होंने कहा कि वहां जाकर स्थानीय लोगों से बातचीत करने के बाद ही मामले की वास्तविकता समझी जा सकती है।
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका विरोध किया था। आप नेता के अनुसार, यह घटना इस बात का संकेत है कि स्थानीय लोगों की राय को भी इस मामले में महत्व दिया जाना चाहिए।
वहीं कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों में सरकार से स्वतंत्र जांच की मांग प्रमुख है। ऐसे में दोनों दलों के बीच विवाद अब इस बात पर भी केंद्रित हो गया है कि गुलजार सिंह की मौत के पीछे की परिस्थितियों की जांच किस तरह हो और इसके लिए कौन सी एजेंसी या व्यवस्था सबसे उपयुक्त होगी।
नशा बना पंजाब की राजनीति का बड़ा मुद्दा
पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक दलों के लिए बड़ा चुनावी और सामाजिक विषय रहा है। हर सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने का दावा करती रही है, लेकिन विपक्षी दल अक्सर सरकारी दावों की जमीनी प्रभावशीलता पर सवाल उठाते रहे हैं।
मौजूदा विवाद ने इस बहस को फिर से तेज कर दिया है। कांग्रेस जहां आप सरकार से नशे के खिलाफ कार्रवाई के परिणामों और गुलजार सिंह की मौत को लेकर जवाब मांग रही है, वहीं आम आदमी पार्टी कांग्रेस को उसके पुराने शासनकाल के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है।
आने वाले दिनों में गुलजार सिंह की मौत से जुड़े मामले में यदि कोई नई जानकारी या जांच सामने आती है तो राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। फिलहाल राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने पंजाब में नशे के मुद्दे को एक बार फिर प्रदेश की सियासत के केंद्र में ला दिया है।




