1 नवंबर को महिलाओं के खातों में आएगी सम्मान राशि की अगली किस्त: भगवंत मान

1 नवंबर को महिलाओं के खातों में आएगी सम्मान राशि की अगली किस्त: भगवंत मान

नकोदर में मुख्यमंत्री का ऐलान, बोले- जनता का पैसा जनकल्याण पर खर्च कर रही सरकार; 70,862 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार का दावा

जालंधर। पंजाब की मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को सम्मान राशि की अगली किस्त 1 नवंबर को जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को जालंधर जिले के नकोदर विधानसभा क्षेत्र के गांव सरिन्ह में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि किस्त जारी होने पर महिलाओं के मोबाइल फोन पर एक बार फिर ‘टुन-टुन’ की आवाज सुनाई देगी। मुख्यमंत्री ने इसे सरकार की उस प्रतिबद्धता से जोड़ते हुए कहा कि जनता के पैसे का इस्तेमाल आम लोगों के कल्याण और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।

लोक मिलनी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य सरकारी खजाने के संसाधनों को जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले आम लोगों के पैसे का इस्तेमाल जनता की जरूरतों के बजाय अपने खजाने भरने के लिए किया जाता था। मौजूदा सरकार ने इस व्यवस्था को बदलने का प्रयास किया है और शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रोजगार तथा महिलाओं के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं से आम परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है। उनके अनुसार, महिलाओं को सम्मान राशि देने, परिवारों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने जैसे कदमों का उद्देश्य लोगों के घरेलू खर्च का बोझ कम करना है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों का लाभ समाज के उन वर्गों तक पहुंच रहा है, जिन्हें पहले आर्थिक कठिनाइयों के कारण बुनियादी सुविधाएं हासिल करने में परेशानी होती थी।

विपक्ष पर योजनाएं बंद कराने की राजनीति करने का आरोप

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर आरोप लगाया कि ये पार्टियां आम जनता को राहत देने वाली योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग ऐसी किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे उन्हें मिल रही आर्थिक सहायता और जनकल्याणकारी सुविधाएं प्रभावित हों।

मान ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता आम परिवारों की जरूरतों को पूरा करना है। महिलाओं को सम्मान राशि, घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली और परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी योजनाएं इसी सोच का हिस्सा हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल इन योजनाओं की उपयोगिता को समझने के बजाय राजनीतिक कारणों से इनका विरोध कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों का उद्देश्य उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साधारण परिवार से निकलकर राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंचे व्यक्ति को ये दल स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों का मूल्यांकन राजनीतिक आरोपों के बजाय आम लोगों को मिल रहे लाभ के आधार पर किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जनता से जुड़ी योजनाओं को सरकार के कामकाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि इनका लाभ लोगों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है।

साढ़े चार वर्षों में 70,862 युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा

रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने साढ़े चार वर्षों में 70,862 युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में सिफारिश, पैसे या राजनीतिक पहुंच के बजाय योग्यता को प्राथमिकता दी गई है।

मान के अनुसार, सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का उद्देश्य उन युवाओं को अवसर देना है, जो अपनी मेहनत और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी हासिल करना पहले बड़ी चुनौती माना जाता था। अब भर्ती प्रक्रिया में योग्यता को प्राथमिकता मिलने से ऐसे परिवारों के बच्चों को भी अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के अवसरों में समानता से युवाओं का भरोसा मजबूत होता है। उन्होंने इसे सरकार की उपलब्धियों में शामिल करते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों के माध्यम से युवाओं को आर्थिक सुरक्षा देने और परिवारों की स्थिति सुधारने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले गरीब परिवारों के बच्चों के लिए डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना पूरा करना कठिन था, क्योंकि आर्थिक संसाधनों की कमी उनकी राह में बाधा बनती थी। अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलने लगे हैं।

सरकारी स्कूलों से नीट पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2021 में राज्य के सरकारी स्कूलों से नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 80 थी, जो अब बढ़कर 882 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव इस बात का संकेत है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उनके अनुसार, अब रिक्शा चालकों, छोटे दुकानदारों और सब्जी विक्रेताओं के बच्चे भी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी विद्यार्थी की प्रतिभा और भविष्य के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का उद्देश्य यही है कि प्रत्येक बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर मिले, चाहे उसका परिवार किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से आता हो।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में जब उनकी सरकार बनी थी, उस समय राज्य शिक्षा के मामले में 27वें स्थान पर था। उनके अनुसार, केंद्र सरकार के आकलन में अब पंजाब ने प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया है।

मान ने इन आंकड़ों को सरकारी स्कूलों में किए गए सुधारों से जोड़ते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने से विद्यार्थियों के भविष्य के साथ-साथ राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलती है।

90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिलने का दावा

मुख्यमंत्री ने बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत परिवार मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं। उनके अनुसार, बिजली बिल पर होने वाली बचत से परिवार अपने अन्य जरूरी खर्चों को पूरा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि बिजली के बिल में बचने वाली राशि का इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों, घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए किया जा सकता है। आर्थिक राहत का सीधा असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है और उन्हें दूसरी जरूरतों के लिए संसाधन उपलब्ध होते हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए मान ने कहा कि राज्य में लगभग 54 लाख परिवारों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने इसे आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक कारणों से इलाज में आने वाली कठिनाइयों को कम करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देकर सरकार आम परिवारों की जीवनशैली में सुधार लाने का प्रयास कर रही है।

किसानों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने पर जोर

कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि किसानों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 14 हजार किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है और सिंचाई नेटवर्क के माध्यम से 18 हजार क्यूसेक पानी खेतों तक पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के लिए पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। नहरी व्यवस्था को मजबूत करने से किसानों को सिंचाई के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने और खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने सिंचाई नेटवर्क के विस्तार को किसानों के हित में उठाए गए कदमों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पानी की उपलब्धता और सिंचाई व्यवस्था का विस्तार महत्वपूर्ण है।

अकाली दल और कांग्रेस पर भी साधा निशाना

लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर भी राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी पंजाब पर 25 साल तक शासन करने का दावा करते थे, वे आज अपने समर्थकों को एकत्र करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

मान ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी पंजाब के भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण पेश करने के बजाय नेतृत्व की खींचतान और राजनीतिक जोड़तोड़ में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय विकास, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मिलने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जनता अब सरकारों के कामकाज को उनके दावों और वास्तविक उपलब्धियों के आधार पर परखती है। उनके अनुसार, जनहित की योजनाओं और विकास कार्यों के माध्यम से ही लोगों का विश्वास हासिल किया जा सकता है।

2027 के चुनाव में जनता करेगी फैसला

पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए भगवंत मान ने कहा कि सरकार के कामकाज पर अंतिम फैसला जनता अपने वोट के माध्यम से करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और मतदाता ही तय करते हैं कि किस सरकार को दोबारा जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, मुफ्त बिजली, महिलाओं की आर्थिक सहायता और किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं को सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में किए गए कार्यों का लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है।

नकोदर क्षेत्र के गांव सरिन्ह में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने और सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखने पर केंद्रित रहा। एक नवंबर को महिलाओं के लिए सम्मान राशि की अगली किस्त जारी करने की घोषणा इसी क्रम में की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम परिवारों को आर्थिक राहत देना और युवाओं, किसानों तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करना है। वहीं, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने भरोसा जताया कि जनता सरकार के कार्यों का मूल्यांकन करेगी और अपने मताधिकार के माध्यम से अंतिम निर्णय सुनाएगी।