पंजाब कांग्रेस के प्रदर्शन में चोटिल हुए नेताओं के घर पहुंचे वरिष्ठ नेता, वाटर कैनन की कार्रवाई को लेकर सरकार पर उठाए सवाल

पंजाब कांग्रेस के प्रदर्शन में चोटिल हुए नेताओं के घर पहुंचे वरिष्ठ नेता, वाटर कैनन की कार्रवाई को लेकर सरकार पर उठाए सवाल

पंजाब कांग्रेस के मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रदर्शन के दौरान चोटिल हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलने का सिलसिला बुधवार को जारी रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा तथा पूर्व शिक्षा मंत्री परगट सिंह सहित पार्टी के कई नेताओं ने घायल नेताओं के घर पहुंचकर उनका हालचाल जाना। वरिष्ठ नेताओं ने चोटों की स्थिति के बारे में जानकारी लेने के साथ उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

मंगलवार को पंजाब कांग्रेस की ओर से चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेड लगाए थे। कांग्रेस नेताओं के आगे बढ़ने के प्रयास के बाद पुलिस की ओर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस का कहना है कि इसी कार्रवाई के दौरान पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को चोटें आईं।

प्रदर्शन के दौरान कई नेता घायल

मंगलवार के घटनाक्रम में कांग्रेस के कई नेताओं को चोट लगने की जानकारी सामने आई। पार्टी के अनुसार कुलजीत सिंह नगर, विधायक वरिंदर पहाड़ और पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल के बेटे राहुल भट्टल भी पुलिस कार्रवाई के दौरान चोटिल हुए।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राहुल भट्टल और विधायक वरिंदर पहाड़ की आंखों पर चोट लगी है। प्रदर्शन के बाद दोनों को स्वास्थ्य संबंधी उपचार और चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत पड़ी। इसके बाद बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने व्यक्तिगत रूप से उनके घर पहुंचकर स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान चोटिल हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का मनोबल बनाए रखना संगठन की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से वरिष्ठ नेता बुधवार को घायल नेताओं के घर पहुंचे और उनके साथ खड़े होने का संदेश दिया।

राहुल भट्टल से मिले चरणजीत सिंह चन्नी

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को राहुल भट्टल के घर पहुंचे। उन्होंने राहुल भट्टल से मुलाकात की और मंगलवार के प्रदर्शन के दौरान लगी चोट के संबंध में जानकारी ली। चन्नी ने उनके स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी लेने के साथ जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

मुलाकात के दौरान मंगलवार के प्रदर्शन और वहां बने हालात को लेकर भी बातचीत हुई। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं और संगठन उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार जानकारी ले रहा है।

चन्नी का राहुल भट्टल के घर पहुंचना ऐसे समय में हुआ, जब कांग्रेस मंगलवार के प्रदर्शन में पुलिस द्वारा वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया।

वरिंदर पहाड़ से मिले रंधावा और परगट सिंह

पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व शिक्षा मंत्री परगट सिंह भी बुधवार को विधायक वरिंदर पहाड़ के घर पहुंचे। दोनों नेताओं ने उनसे मुलाकात कर मंगलवार को लगी चोट के बारे में जानकारी ली।

कांग्रेस के अनुसार, वरिंदर पहाड़ की आंख पर चोट आई है। रंधावा और परगट सिंह ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। दोनों नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान सामने आई परिस्थितियों को लेकर भी चर्चा की।

कांग्रेस नेताओं की ओर से कहा गया कि पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है। प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों को चोटें आई हैं, उनके स्वास्थ्य को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार संपर्क में हैं।

पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर हुआ था प्रदर्शन

मंगलवार को पंजाब कांग्रेस ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन का आयोजन किया था। इसमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट से लेकर प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।

प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेता मौजूद रहे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं।

प्रदर्शनकारियों ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस की ओर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

कांग्रेस के मुताबिक, वाटर कैनन की कार्रवाई में कई नेता और कार्यकर्ता चोटिल हुए। पार्टी ने घटना के बाद घायल नेताओं की सूची और उनकी चोटों को लेकर जानकारी साझा की।

कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर जताया विरोध

प्रदर्शन के अगले दिन कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं का कहना था कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरे थे।

कांग्रेस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसके कारण कई पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। पार्टी नेताओं ने कहा कि विरोध दर्ज कराने के लोकतांत्रिक अधिकार के दौरान इस प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने सरकार से प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर सवाल किए और घायल हुए नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के प्रति चिंता व्यक्त की। पार्टी ने यह भी कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं को अकेला नहीं छोड़ेगी।

वरिष्ठ नेतृत्व ने दिखाई एकजुटता

बुधवार को घायल नेताओं से मुलाकात के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व की सक्रियता को संगठन के भीतर एकजुटता के तौर पर देखा गया। चन्नी, रंधावा और परगट सिंह ने अलग-अलग घायल नेताओं के घर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

इन मुलाकातों में केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ही नहीं ली गई, बल्कि मंगलवार के प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर भी बातचीत हुई। कांग्रेस नेताओं ने घायल साथियों को भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके साथ है।

राहुल भट्टल और वरिंदर पहाड़ की आंखों पर चोट लगने की जानकारी सामने आने के बाद वरिष्ठ नेताओं ने विशेष रूप से उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। पार्टी नेताओं ने दोनों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

सरकार के खिलाफ कांग्रेस का राजनीतिक विरोध

मंगलवार का प्रदर्शन पंजाब कांग्रेस की ओर से सरकार के खिलाफ आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेश स्तर के लगभग सभी प्रमुख नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर बढ़ने के प्रयास के बाद पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की गई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाया।

पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को चोटें आईं, उनका इलाज कराया जा रहा है। बुधवार को वरिष्ठ नेताओं द्वारा घायल साथियों के घर पहुंचने का सिलसिला इसी घटनाक्रम का हिस्सा रहा।

कांग्रेस की ओर से मंगलवार की पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए गए आरोपों पर पुलिस या सरकार का विस्तृत पक्ष इस उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। ऐसे में पुलिस कार्रवाई से संबंधित दावों को कांग्रेस के आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।

फिलहाल मंगलवार के प्रदर्शन में चोटिल हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर पार्टी नेतृत्व सक्रिय है। वरिष्ठ नेताओं की ओर से घायल साथियों से मुलाकात कर उनका हालचाल लेने के साथ पार्टी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर अपना विरोध भी दर्ज कराया है। चंडीगढ़ में हुए इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।