ईडी की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर बरसे हरपाल चीमा, बोले- विपक्ष को तोड़ने के लिए एजेंसियों का हो रहा इस्तेमाल

ईडी की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर बरसे हरपाल चीमा, बोले- विपक्ष को तोड़ने के लिए एजेंसियों का हो रहा इस्तेमाल

मोगा विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा के ठिकानों पर 48 घंटे की तलाशी के बाद आप का पलटवार, चीमा ने लगाया मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता का लालच देने का आरोप; विधायक बोलीं- दबाव और धमकियों से नहीं बदलूंगी अपना रास्ता

चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव तेज होता नजर आ रहा है। मोगा से आप विधायक और पंजाब महिला विंग की प्रधान डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की करीब 48 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पंजाब के वित्त मंत्री और आप के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने, दबाव में लेने और अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है।

शुक्रवार को डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीमा ने कहा कि मोगा विधायक से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर लंबी तलाशी और पूछताछ के बावजूद ईडी को कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या नकदी बरामद नहीं हुई। उनके अनुसार, जांच एजेंसी खाली हाथ लौटी है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करार देते हुए कहा कि इससे आप नेताओं की ईमानदारी और भाजपा की राजनीतिक मंशा को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं।

चीमा ने आरोप लगाया कि भाजपा की रणनीति विपक्षी दलों के नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से परेशान करने और फिर उन्हें राजनीतिक पदों का लालच देकर अपने साथ जोड़ने की है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक और नेता इस तरह के दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आप पंजाब के हितों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

चुनाव से पहले विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जब भी किसी राज्य में चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा की ओर से केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने, राजनीतिक रूप से बदनाम करने और उनके खिलाफ माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने चुनाव आयोग का उल्लेख करते हुए भी संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। चीमा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी निष्पक्ष तरीके से काम करने की होती है, लेकिन भाजपा पर आरोप है कि वह इन संस्थाओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए कर रही है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य केवल किसी नेता को परेशान करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को कमजोर करना और विपक्षी दलों के भीतर अस्थिरता पैदा करना है। उनके मुताबिक, चुनाव से पहले ऐसी गतिविधियों के जरिए राजनीतिक संदेश देने और विरोधियों को दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है।

अमनदीप कौर के काम की सराहना के बजाय परिवार को परेशान किया

चीमा ने डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के पिछले पांच वर्षों के राजनीतिक और सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विधायक के रूप में महिलाओं, विद्यार्थियों, स्वास्थ्य सेवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया है। उनके अनुसार, विधायक ने अपने क्षेत्र में जनसमस्याओं के समाधान और सामाजिक कार्यों के लिए सक्रिय भूमिका निभाई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को ऐसे जनप्रतिनिधियों के काम की सराहना करनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से उन्हें और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।

चीमा ने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि और उसके परिवार के सदस्यों से लंबे समय तक पूछताछ और विभिन्न ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई मानसिक दबाव पैदा करती है। उन्होंने इसे मानसिक प्रताड़ना बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेदों का जवाब राजनीतिक तरीके से दिया जाना चाहिए, न कि जांच एजेंसियों के माध्यम से।

उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा आप के नेताओं को इसलिए निशाना बना रही है क्योंकि वे अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ मजबूती से खड़े हैं। पार्टी के नेताओं को अलग-अलग पदों का प्रलोभन देकर तोड़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन आप के प्रतिनिधि जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे।

मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता का लालच देने का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि भाजपा आम आदमी पार्टी के विधायकों को मंत्री पद, राज्यसभा की सदस्यता और अन्य प्रभावशाली राजनीतिक पदों का प्रस्ताव देकर अपने साथ मिलाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा को लगता है कि सत्ता और पदों का लालच देकर आप के नेताओं को तोड़ा जा सकता है, लेकिन पंजाब के नेताओं ने इस तरह के प्रस्तावों को स्वीकार करने से इनकार किया है। चीमा के अनुसार, पार्टी के नेता किसी पद या व्यक्तिगत लाभ के लिए राजनीति में नहीं आए हैं, बल्कि उनका उद्देश्य पंजाब के लोगों की सेवा करना है।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने नेतृत्व और संगठन के साथ मजबूती से खड़ी है। भाजपा की कथित दबाव की राजनीति से पार्टी के नेताओं के मनोबल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। चीमा ने चेतावनी दी कि पंजाब के लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और जनादेश का अपमान करने वाली किसी भी कोशिश का राजनीतिक जवाब देंगे।

ईडी की टीम 42 से 48 घंटे तक करती रही पूछताछ : अमनदीप कौर

इस दौरान डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने भी ईडी की कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने उनसे और उनके परिवार से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें उनका आवास, कार्यालय, अस्पताल और उनके माता-पिता, भाई तथा अन्य रिश्तेदारों के घर शामिल थे।

विधायक के मुताबिक, अधिकारियों ने करीब 42 से 48 घंटे तक तलाशी और पूछताछ की प्रक्रिया जारी रखी। इस दौरान विभिन्न दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की गई, लेकिन अंत में कोई दस्तावेज या नकदी बरामद किए बिना अधिकारी वापस लौट गए।

उन्होंने कहा कि इतनी लंबी कार्रवाई के बावजूद एजेंसी को कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। उनके अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए कार्रवाई को लंबा खींचा गया।

अमनदीप कौर ने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ भाजपा विपक्षी नेताओं को डराने और अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक ओर महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की सुरक्षा की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उन महिला नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है जो जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा रही हैं।

बच्चों की मार्कशीट से अस्पताल के रिकॉर्ड तक पूछे सवाल

विधायक ने ईडी की पूछताछ के दौरान अधिकारियों की ओर से पूछे गए सवालों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने उनके परिवार से जुड़े कई तरह के दस्तावेजों की जानकारी मांगी। इनमें बच्चों की मार्कशीट, परिवार की संपत्ति के कागजात और अस्पताल के रिकॉर्ड शामिल थे।

इसके अलावा अधिकारियों ने सार्वजनिक शिकायतों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से संबंधित जानकारी को लेकर भी सवाल किए। अमनदीप कौर के अनुसार, पूछताछ का दायरा काफी व्यापक था और परिवार से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को लेकर लंबे समय तक सवाल-जवाब किए गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि तलाशी और पूछताछ की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा खींचा गया, जिससे उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के रूप में जनता के मुद्दे उठाना उनका अधिकार और जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की जांच या दबाव के कारण वह अपनी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां बंद नहीं करेंगी।

पदों के प्रस्ताव ठुकराए, जनता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने दावा किया कि उन्हें मंत्री पद सहित कई राजनीतिक पदों के प्रस्ताव दिए गए, लेकिन उन्होंने ऐसे सभी प्रलोभनों को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने या सत्ता हासिल करने के लिए नहीं आई हैं।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पंजाब और देश के लोगों के लिए काम करना है। जिन लोगों ने उन पर भरोसा जताकर उन्हें विधानसभा तक पहुंचाया है, उनके प्रति उनकी जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो किसी पद का लालच और न ही किसी प्रकार की धमकी उन्हें अपने राजनीतिक रास्ते से पीछे हटा सकती है।

अमनदीप कौर ने अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा कि वह आम आदमी पार्टी के साथ मजबूती से खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों के अधिकारों के लिए उनकी आवाज आगे भी उठती रहेगी।

पंजाब में चुनावी माहौल के बीच बढ़ा सियासी टकराव

ईडी की कार्रवाई के बाद आप नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस को पंजाब की आगामी चुनावी राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ भाजपा की ओर से जांच एजेंसी की कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों पर राजनीतिक बहस तेज है, वहीं दूसरी तरफ आप इसे विपक्ष को दबाव में लेने की कोशिश बता रही है।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब की जनता लोकतंत्र और अपने जनादेश के प्रति सजग है। विपक्षी दलों को कमजोर करने और निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रभावित करने की कोशिशों को लोग स्वीकार नहीं करेंगे।

उन्होंने दोहराया कि आम आदमी पार्टी अपने विधायकों और नेताओं के साथ खड़ी है तथा किसी भी राजनीतिक दबाव के सामने झुकने वाली नहीं है। दूसरी ओर, डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने भी साफ कर दिया कि ईडी की कार्रवाई के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वह पंजाब के लोगों के मुद्दों को पहले की तरह उठाती रहेंगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब में आप और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है। आने वाले समय में इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच टकराव बढ़ने के संकेत हैं।