100 करोड़ के पराला फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट पर संकट, कम सेब खरीद से इस सीजन में नहीं चला संयंत्र
हिमाचल प्रदेश में सेब को मंडियों में कम कीमत पर बिकने से बचाने और कम गुणवत्ता वाले फल को वैल्यू-एडेड उत्पादों में बदलने के उद्देश्य से स्थापित फ्रूट प्रोसेसिंग संयंत्रों की उपयोगिता पर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। सरकार ने सेब की प्रोसेसिंग के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर परवाणू, जारोल और पराला में संयंत्र स्थापित किए हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में सेब की खरीद नहीं होने से इनकी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। इस सीजन में अब तक करीब 8,500 टन सेब की ही खरीद हो सकी है। सेब की इतनी कम…
