कांगड़ा की 232 पंचायतों में होंगे 16 हजार से ज्यादा काम, ग्रामीण विकास के लिए 300 करोड़ से अधिक की राशि जारी

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिलों में शामिल कांगड़ा में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए सरकार ने बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले की 232 ग्राम पंचायतों में विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। इन पंचायतों में कुल 16,064 कार्यों को प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई है, जिसके लिए 300.32 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इस मंजूरी के बाद ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है। जिला प्रशासन की…

हिमाचल कांग्रेस की अहम बैठक फिर टली, दिल्ली में व्यस्तता बनी वजह; संगठन से सरकार तक फैसलों पर बढ़ा इंतजार

शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में संगठन और सरकार के स्तर पर होने वाले संभावित बड़े फैसलों को लेकर एक बार फिर सस्पेंस गहरा गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राजनीति मामलों से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक एक बार फिर स्थगित हो गई है। बैठक टलने का यह दूसरा मामला है, जिसके चलते पार्टी के भीतर लंबे समय से लंबित कई अहम मुद्दों पर फैसला और आगे खिसक गया है। माना जा रहा है कि इस बैठक के टलने का सीधा असर मंत्रिमंडल विस्तार, मंत्रियों के विभागों में संभावित बदलाव और संगठन में फेरबदल की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। कांग्रेस…

मिंजर मेले से सियासी टकराव तक, सुक्खू ने भाजपा विधायकों पर साधा निशाना; बोले- जनता के मुद्दे उठाने के बजाय कर रहे ड्रामा

चंबा। अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला केवल चंबा की पहचान नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। इस बार मेले की शोभायात्रा में भाजपा विधायकों की गैरमौजूदगी को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। चंबा में पत्रकारों और लोगों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मिंजर मेला किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है और इसमें सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेले की शोभायात्रा से भाजपा विधायकों का दूर रहना उनकी सोच…

हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज, दिल्ली पहुंचे सीएम सुक्खू; हाईकमान संग अहम बैठकों पर टिकी सबकी नजर

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अचानक नई दिल्ली रवाना होने के बाद राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब सरकार के मंत्रिमंडल में एक पद लंबे समय से खाली है और विधानसभा उपाध्यक्ष का पद भी अभी तक भरा नहीं जा सका है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार और संगठन दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते…

हिमाचल में खनन नीति पर सख्त हुआ सरकार का रुख, राजस्व बढ़ाने के साथ पर्यावरण सुरक्षा पर जोर; सीएम सुक्खू ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ दिए कड़े निर्देश

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में खनन गतिविधियों को लेकर अपनी नीति को और अधिक सख्त करने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार का उद्देश्य केवल खनिजों से राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से खनन को बढ़ावा देना है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि अवैध खनन के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बुधवार को राज्य सचिवालय में उद्योग विभाग के…

हिमाचल में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार, केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने बनाई पांच सदस्यीय समिति

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी औद्योगिक योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उद्योग विभाग ने भारत औद्योगिक विकास योजना (भाव्या) सहित आगामी औद्योगिक परियोजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए पांच सदस्यीय विभागीय समिति का गठन किया है। सरकार का मानना है कि यह समिति औद्योगिक परियोजनाओं की योजना बनाने, उपयुक्त भूमि की पहचान करने, तकनीकी प्रक्रियाओं को गति देने और केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे राज्य में निवेश बढ़ाने…

जनजातीय क्षेत्रों में तैनाती से बचना अब पड़ेगा महंगा! हिमाचल सरकार सख्त, वैज्ञानिकों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की तैयारी

हिमाचल प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती से बचने की बढ़ती प्रवृत्ति पर अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। लंबे समय से यह शिकायत सामने आती रही है कि राज्य के दुर्गम और जनजातीय इलाकों में तबादले के आदेश जारी होने के बावजूद कई अधिकारी, वैज्ञानिक और कर्मचारी विभिन्न कारणों का हवाला देकर वहां कार्यभार ग्रहण नहीं करते। इससे न केवल सरकारी संस्थानों का काम प्रभावित होता है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी आवश्यक सेवाओं और अनुसंधान गतिविधियों का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। अब सरकार इस पूरे मुद्दे की व्यापक समीक्षा कर रही…

राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के बाद केंद्र का बड़ा सहारा, ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ पैकेज से हिमाचल को ₹2,395 करोड़ की राहत

शिमला। लंबे समय से वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहे हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली है। राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant-RDG) बंद होने के बाद राज्य की आर्थिक स्थिति पर बढ़े दबाव के बीच केंद्र सरकार की ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ विशेष वित्तीय सहायता योजना के तहत पहली किश्त के रूप में ₹2,395 करोड़ की अनटाइड ग्रांट जारी कर दी गई है। यह राशि राज्य सरकार के लिए ऐसे समय में आई है, जब विकास परियोजनाओं, कर्मचारियों के वेतन, सामाजिक कल्याण योजनाओं और बुनियादी ढांचे पर बढ़ते खर्च के कारण वित्तीय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना…

हिमाचल में जल उपकर की राह में कानूनी अड़चन, करोड़ों की कमाई का सपना अटका; राज्य जल आयोग के भविष्य पर सरकार जल्द लेगी फैसला

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार की जल संसाधनों से अतिरिक्त राजस्व जुटाने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल कानूनी उलझनों में फंसी हुई है। इसी के साथ राज्य जल आयोग (स्टेट वाटर कमीशन) के भविष्य को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आयोग के अध्यक्ष और दोनों सदस्यों का कार्यकाल आगामी 11 अगस्त को समाप्त होने जा रहा है, ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आयोग का पुनर्गठन किया जाए या फिर न्यायालय में लंबित मामले के निपटारे तक नई नियुक्तियों को टाल दिया जाए। इस संबंध में जलशक्ति विभाग ने पूरी फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को…

HRTC को घाटे से निकालने की नई रणनीति, निजी ऑपरेटरों के साथ चलेगी बसें; दिल्ली-चंडीगढ़ समेत अंतरराज्यीय रूट होंगे शामिल

शिमला: करीब 2,200 करोड़ रुपये के वित्तीय घाटे का सामना कर रहे हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। निगम अब लंबे समय से घाटे में चल रहे अंतरराज्यीय बस रूटों पर वेट लीज (Wet Lease) मॉडल लागू करने की तैयारी कर रहा है। यदि इस योजना को अंतिम मंजूरी मिलती है तो दिल्ली, चंडीगढ़, अंबाला, पंजाब और अन्य राज्यों के लिए संचालित कई बस सेवाएं नए मॉडल के तहत संचालित की जाएंगी। इस प्रस्ताव पर हाल ही में उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री की…

हिमाचल के युवाओं के लिए बड़ी पहल, पुलिस भर्ती से पहले मिलेगी फ्री कोचिंग और फिजिकल ट्रेनिंग; 800 कांस्टेबल पदों के अभ्यर्थियों को सरकार देगी तैयारी का मौका

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। अब पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) की तैयारी के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर के साथ भाग ले सकें। सरकार का मानना है कि प्रदेश में बड़ी…

महंगाई के बीच बुजुर्गों को राहत दिलाने की पहल, हिमाचल ने केंद्र से बढ़ी पेंशन राशि की मांग; 1.16 लाख लाभार्थियों पर रहेगा असर

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (National Social Assistance Programme – NSAP) के तहत केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन सहायता राशि में वृद्धि की मांग की है। सरकार का कहना है कि वर्तमान केंद्रीय सहायता पिछले कई वर्षों से अपरिवर्तित है, जबकि इस दौरान महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं की लागत और दैनिक जीवन-यापन का खर्च लगातार बढ़ा है। ऐसे में मौजूदा सहायता राशि आज की आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप पर्याप्त नहीं रह गई…

हिमाचल को आपदाओं से सुरक्षित बनाने की तैयारी, ₹3500 करोड़ के रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर का CM सुक्खू ने किया ऐलान

हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और भविष्य की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक व्यापक योजना पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि राज्य में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से आपदा-रोधी (रेजिलिएंट) आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य केवल क्षतिग्रस्त संरचनाओं का पुनर्निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत व्यवस्था तैयार करना है जो बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नुकसान को न्यूनतम कर सके। मुख्यमंत्री शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन…

मानसून के बीच हिमाचल घूमना सुरक्षित, बस इन जगहों से रखें दूरी; सीएम सुक्खू ने पर्यटकों को दिया भरोसा

मानसून के मौसम में हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है। हरी-भरी वादियां, बादलों से घिरे पहाड़, झरने और ठंडी हवाएं हर वर्ष लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। हालांकि इसी मौसम में भारी बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाएं भी देखने को मिलती हैं। ऐसे में कई बार पूरे राज्य की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे पर्यटक अपनी यात्रा रद्द करने या टालने का निर्णय लेने लगते हैं। इसी बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि राज्य के…

हिमाचल में उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार, निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार लाएगी व्यापक औद्योगिक नीति

हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य को औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उद्योगों के विस्तार, निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से सरकार जल्द ही नई औद्योगिक नीति लागू करने की तैयारी में है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा, ताकि घरेलू और बाहरी निवेशकों का विश्वास मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा…

हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा हाईटेक स्वरूप, AI यूनिवर्सिटी की तैयारी; स्कूलों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और 3,468 शिक्षकों की भर्ती पर जोर

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। राज्य में आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) यूनिवर्सिटी स्थापित करने की संभावनाओं पर काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों की निगरानी को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर में लागू डिजिटल निरीक्षण प्रणाली को अपनाने की तैयारी भी की जा रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बुधवार को राज्य सचिवालय में आयोजित शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक…

गरीब परिवारों के लिए सुक्खू सरकार की नई पहल, 15 अगस्त से शुरू होगी ‘अपना सुखी परिवार योजना’

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के आर्थिक रूप से सबसे कमजोर परिवारों के लिए एक नई कल्याणकारी पहल शुरू करने की तैयारी में जुटी है। सरकार की प्रस्तावित मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना को 15 अगस्त से लागू करने की योजना बनाई जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के लगभग 1.32 लाख जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता और बुनियादी सुविधाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, योजना का औपचारिक शुभारंभ कराने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव…

हिमाचल कैबिनेट की 20 जुलाई को अहम बैठक, सीबीएसई स्कूलों में शिक्षक भर्ती, डिजिटल मीडिया नीति और रिक्त पदों पर हो सकते हैं बड़े फैसले

हिमाचल प्रदेश सरकार ने 20 जुलाई को राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक को राज्य की शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, प्रशासनिक सुधार और डिजिटल मीडिया से जुड़े कई अहम मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किए जाने की संभावना है, जिनमें सरकारी स्कूलों के लिए नई शिक्षक भर्ती व्यवस्था, रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया, डिजिटल मीडिया के नियमन से संबंधित नीति और बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन जैसे विषय प्रमुख हो सकते हैं। हालांकि बैठक का…

स्टार्टअप और रिसर्च को मिलेगी नई रफ्तार, हिमाचल ने तकनीकी शिक्षा में नवाचार बढ़ाने के लिए बनाई व्यापक नीति

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के तकनीकी शिक्षण संस्थानों को नवाचार और उद्यमिता के मजबूत केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति तथा राज्य नवाचार कोष कार्यान्वयन दिशा-निर्देश (2026-2028) लागू किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों के शोध, नए विचारों और तकनीकी नवाचारों को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्योगों और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक उत्पादों और सेवाओं में बदलना है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नई नीति हिमाचल प्रदेश…

हिमाचल में छात्रों और महिलाओं को परिवहन में बड़ी राहत, नई बस योजना के तहत मुफ्त सफर और 5 रुपये का डे-पास

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, किफायती और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना (फेज-4) के तहत संचालित होने वाली नई बसों में स्कूली विद्यार्थियों, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के छात्रों तथा महिलाओं को विशेष यात्रा रियायतें प्रदान करने का फैसला किया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से एक ओर शिक्षा तक पहुंच आसान होगी, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को सस्ती परिवहन सुविधा मिलेगी और युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार,…